कोरोना वायरस पर बोले डायरेक्टर शूजित सरकार- वक्त आ गया मंदिर-मस्जिद करें ये काम

कोरोना वायरस पर बॉलीवुड सेलेब्स लगातार ट्वीट कर रहे हैं। अब आयुष्मान खुराना के डायरेक्टर शूजित सरकार ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च से एक खास अपील की है। जानिए क्या बोले शूजित सरकार

Shoojit Sircar
Shoojit Sircar 

मुख्य बातें

  • कोरोना वायरस पर सेलेब्स लगातार ट्वीट कर रहे हैं।
  • शूजित सरकार ने सोशल मीडिया पर मंदिर- मस्जिद से अपील की है।
  • शूजित सरकार गुलाबो सिताबो को डायरेक्ट कर रहे हैं।

मुंबई. कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू  है। सोशल मीडिया पर सेलेब्स लगातार ट्वीट कर रहे हैं। अब मद्रास कैफे, पीकू और विक्की डोनर जैसी फिल्मों के डायरेक्टर शूजित सरकार ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च से अपील की है। 

शूजित सरकार ने ट्वीट कर लिखा- वक्त आ गया कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च और आध्यात्मिक संस्थान अपने दान पात्र खोल दें। इन पैसों से वह जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। इससे पहले भी वह कोरोना वायरस पर ट्वीट कर चुके हैं। 

शूजित सरकार ने लिखा- 'मैंने इतिहासकारों से सुना, इतिहास की किताबों में, डॉक्यूमेंट्री और फिल्मों महामारी के बारे में पढ़ा और देखा था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमें ये सब एक्सपीरियंस भी करना पड़ेगा।'    

 

गुलाबो-सिताबो को कर रहे हैं डायरेक्ट
शूजित सरकार अब फिल्म गुलाबो सिताबो को डायरेक्ट कर रहे हैं। इस फिल्म में आयुष्मान खुराना और अमिताभ बच्चन नजर आने वाले हैं। ये एक फैमिली कॉमेडी फिल्म होगी। फिल्म में अमिताभ एक खड़ूस मालिक का किरदार निभाते नजर आने वाले हैं   

शूजित सरकार इसके अलावा उधम सिंह की बायोपिक बना रहे हैं। इस फिल्म में विक्की कौशल लीड रोल में नजर आने वाले हैं।  इसके कई सारे शेड्यूल्स की शूटिंग अलग-अलग देशों में होने वाले हैं।  

देश के 75 जिलों में लॉकडाउन घोषित 
कोरोना वायरस के कारण देश के 75 जिलों में लॉक डाउन घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा डीएमआरसी ने 31 मार्च तक मेट्रो को भी बंद कर दिया। भारत में अभी तक कोरोना के 341 मामले सामने आए हैं। वहीं दुनियाभर में 3 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। 

जनता कर्फ्यू के दौरान सभी लोगों से सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घर में रहने की अपील की गई है। सिर्फ बेहद जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलने को कहा गया है।पीएम मोदी ने आज शाम 5 बजे अपने-अपने घरों के दरवाजों, बालकनी या खिड़कियों में आकर ताली बजाकर, थाली बजाकर, घंटी बजाकर, शंख बजाकर एक-दूसरे का आभार जताने की बात भी कही है।  

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