movies on farmers in India : मदर इंड‍िया से पीपली लाइव तक - भारत में क‍िसानों की व्‍यथा द‍िखाती 11 फ‍िल्‍में

bollywood movies on farmers : भारत में क‍िसानों की व्‍यथा को पर्दे पर भी उतारा गया है। मदर इंड‍िया, लगान, पीपली लाइव - समेत कई ऐसी फ‍िल्‍में हैं जिनमें क‍िसानों का दर्द नजर आया है। देखें ल‍िस्‍ट।

movies on farmers in india
movies on farmers in india 

बॉलीवुड में एक दौर था जब अधिकतर फिल्मों में असली भारत को दिखाया जाता था। उन दिनों कोई ऐसी फिल्म नहीं हुआ करती थी जिसमें भारतीय संस्कृति और भारतीयों के तौर-तरीके को न दिखाया जाता हो। उस दौर की फिल्मों में मजदूरों की मजबूरी, किसान की मेहनत, शिक्षकों का आदर्श और तमाम किरदारों के जरिए लोगों को प्रेरित किया जाता था। उस जमाने के बॉलीवुड की कई ऐसी फिल्म हैं जिसमें किसानों के मेहनत, संघर्ष और उनके त्याग को दिखाया गया है। जो आज के फिल्मों में देखने को नहीं मिलती है। आजकल बिना तड़क-भड़क, ग्लेमर और आइटम सॉन्ग को दिखाए कोई फिल्म नहीं बनती। 

आज हम आपके लिए बॉलीवुड की ऐसी 11 फिल्में लेकर आए हैं जिन्हें देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे और आप दिल से अन्नदाताओं के प्रति अपना स्नेह और सम्मान प्रकट करने लगेंगे। 

Movies based on farmers in India


1. मदर इंडिया 

नारी शक्ति, मां की ममता और मजबूरी तीनों को बेहतरीन ढंग से फिल्म मदर इंडिया में दिखाया गया था। इस फिल्म में नरगिस का किरदार बहुत पावरफुल माना जाता है जिसने बॉलीवुड इंडस्ट्री में फीमेल कैरक्टर्स के रोल को बहुत प्रभावशाली बना दिया था। इस फिल्म में देखा जा सकता है कि पति के गुजरने के बाद नरगिस ने कैसे खेती करके अपने बच्चों का पेट भरा और उन्हें पाला-पोसा। खेती करते समय नरगिस को किन-किन परेशानियों से गुजरना पड़ा यह देखकर आप भावुक हो जाएंगे। दर्शकों को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए‌ जो उन्हें भारतीय किसान को समझने में काफी मदद करेगा। 1957 में रिलीज हुई मदर इंडिया अपने आप में ही एक ऐसी फिल्म है जिसने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के किरदार का कायापलट कर दिया था। भारतीय सिनेमा की यह पहली फिल्म थी जिसे ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया था लेकिन बहरहाल, इस फिल्म को ऑस्कर नहीं मिल पाया। 

2. दो बीघा जमीन 

नामी निर्देशक बिमल रॉय द्वारा निर्देशित फिल्म दो बीघा जमीन जब 1953 में भारतीय सिनेमाघरों में लगी थी तब इस फिल्म ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ केंद्रित कर दिया था। बिमल रॉय की बारीकियों और बलराज शाह की बेहतरीन एक्टिंग ने पहली बार किसी भारतीय फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल में इंटरनेशनल प्राइज के लिए योग्य बना दिया था। कहा जाता है कि इस फिल्म को शूट करने के लिए बलराज शाह ने दो हफ्तों तक कोलकाता के सड़कों पर रिक्शा चलाया था। 

इस फिल्म में बलराज शाह ने शंभू का किरदार निभाया है जिसका घर उसकी उगाई गई फसलों के वजह से चलता है। कर्ज में डूबा शंभू इस कदर जमींदार द्वारा मजबूर हो गया था कि अपनी जमीन उनके कैद से छुड़ाने के लिए वह रिक्शा चलाने लग गया था। इस फिल्म में आपको देखने को मिलेगा कि एक किसान जिसने अपनी जिंदगी में कभी 50 रुपए को एक साथ नहीं देखा था, उसे अपनी जमीन छुड़ाने के लिए 235 रुपए कमाने में कितना जद्दोजहद करना पड़ा था। कांटेदार रास्ते पर चलता हुआ शंभू आपको अंदर से हिला देगा। 

3. पीपली लाइव

पीपली लाइव भारतीय सिनेमा की एक ऐसी फिल्म है जो आज के किसानों के हालात से बिल्कुल मेल खाती है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे नथ्था नाम का एक किसान बैंक का लोन चुकाने के लिए अपनी जान देने पर उतारू हो जाता है। अखबारों की सुर्खियों पर छा कर नथ्था पब्लिक फिगर बन जाता है, जिसे बड़े-बड़े नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए अपने वश में करने की कोशिश करते हैं। यह फिल्म आज के हालात का प्रतिबिंब है जिसे आमिर खान ने प्रोड्यूस किया है। नथ्था किसान का किरदार पॉपुलर थिएटर एक्टर ओमकार दास मानकपुरी ने निभाया है। पीपली लाइव में आपको मशहूर एक्टर्स नवाजुद्दीन सिद्दीकी और रघुवीर यादव भी देखने को मिलेंगे।

4. मंथन

श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन एक दम रीयल फिल्म है। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इस फिल्म कों किसानों ने ही प्रोड्यूस किया था। 5 लाख किसानों ने दो-दो रुपये कर के तकरीबन 10 लाख रुपये जुटाए थे। फिल्म गुजरात के दूध उत्पादन से जुड़े किसानों पर आधारित है। जिसमें दिखाया गया था कि कैसे इन किसानों का हर तरह से शोषण किया जाता था। फिल्म में स्मिता पाटिल, गिरीश कर्नाड, नसीरउद्दीन शाह और अमरीश पुरी जैसै दिग्गज कलाकार शामिल हैं। फिल्म साल 1976 में रिलीज हुई थी। फिल्म भारत की तरफ से ऑस्कर में भी भेजी गई थी। यह दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी क्राउड फंडेड फिल्म है।

5. कड़वी हवा

साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म कड़वी हवा को बहुत कम लोग ही जानते हैं। फिल्म एक ऐसे गांव की कहानी पर आधारित है जहां पिछले 15 सालों से बारिश नहीं हुई है। जिसकी वजह से आए दिन किसानों की मौत आम बात बन चुकी है। फिल्म में संजय मिश्रा का किरदार एक अंधे व्यक्ति का है जिसको डर रहता है कि लोन न चुका पाने के कारण उसका बेटा भी आत्म हत्या न कर ले। संजय मिश्रा का किरदार आपको इमोशनल कर देगा। फिल्म बेहतरीन है जिसे आप ऑनलाइन प्लटफॉर्म्‍स पर देख सकते हैं।

6. मोती बाघ

मोती बाघ एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म है जो उत्तराखंड के एक किसान विद्युत शर्मा के इर्द-गिर्द घूमती है। यह डॉक्यूमेंट्री इस बात को उजागर करती है कि शहर की जगमगाती रोशनी अब गांव के किसानों को अपनी जमीन छोड़-छाड़ कर शहर आने के लिए मजबूर कर रही है। इस बीच विद्युत शर्मा एक ऐसे किसान हैं जो 80 साल के होने के बावजूद भी अपने गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। उनके लिए उनका काम और उनकी जमीन भगवान समान है। 

7. उपकार

आप सभी ने मेरे देश की धरती गाना तो जरूर सुना होगा, यह गाना फिल्म उपकार का है। 1957 में रिलीज हुई उपकार जय जवान जय किसान के नारे पर आधारित थी जिसे तबके प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने बढ़ चढ़कर सहारा दिया था। इस फिल्म में आप एक ऐसे किसान जिसका नाम भारत है, को देखते हैं जो अपने छोटे भाई को पढ़ाने लिखाने के लिए गांव में खेती बाड़ी करता है। एक किसान की देशभक्ति को इस फिल्म में बहुत ही अच्छे ढंग से दिखाया गया है, जब भारत को 1965 के जंग में आर्मी में भर्ती होना पड़ा था और उसने अपने देश के लिए खेती-बाड़ी छोड़ दी थी। एक किसान हिंदुस्तान की ज़मीन से कैसे जुड़ा रहा और उसने कैसे भारत के लिए त्याग किया यह आप इस फिल्म में देखेंगे‌। 

8. गाभ्रीचा पाउस 

आप गिरीश कुलकर्णी को तो जानते ही होंगे जो हाल ही में सेक्रेड गेम्स में दिखे थे। 2009 में रिलीज हुई मराठी फिल्म गाभ्रीचा पाउस गिरीश कुलकर्णी द्वारा निभाए गए कैरेक्टर किसन की कहानी बयां करती है जो अपनी सुखी जमीन के लिए हमेशा परेशान रहता है। उसकी परेशानी उसके परिवार के लिए एक चिंता का विषय बन गया है। उसके परिवार वाले हमेशा किसन पर नजर रखते हैं ताकि किसन बाकी किसानों की तरह आत्महत्या ना कर ले। 

9. Merku Thodarchi Malai

विजय सेतुपति द्वारा प्रोड्यूस की गई यह फिल्म आपको जरूर देखनी चाहिए जिसे देखकर आप सुन्न हो जाएंगे। यह फिल्म एक ऐसे मजदूर जिसका नाम रंगू पर आधारित है जो सामान ढोने का काम करता है। अपने जिंदगी में उसका एक ही सपना है कि वह भी अपने गांव में एक जमीन लेकर खेती बाड़ी करे और अपने परिवार को आगे बढ़ाए। लेकिन उसके रास्तों के बीच में कांटा बनकर गांव के जमींदार खड़े हो जाते हैं। Merku Thodarchi Malai फिल्म बखूबी रंगू के कैरेक्टर से यह दर्शाती है कि कैसे कोई मजदूर और किसान सालों तक दूसरों की जमीन पर काम करके सोना उगाते हैं लेकिन खुद के लिए एक आशियाना भी नहीं बना पाते हैं। 


10. Nero's गेस्ट 

Nero's गेस्ट एक मस्ट वॉच डॉक्यूमेंट्री फिल्म है जिसे दीपा भाटिया ने डायरेक्ट किया है, इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में आपको भारत के जाने-माने पत्रकार वी साईनाथ दिखेंगे। ‌इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में किसानों की हालत को दिखाया गया है कि वह कैसे आर्थिक तंगी के वजह से आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाते हैं। एक किसान जिंदगी में किन-किन पीड़ाओंसे गुजरता है उसकी जिंदगी में कौन-कौन से पथरीले रास्ते आते हैं, वह सब आप इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में देख सकते हैं।  

11. लगान 

आमिर खान स्‍टारर इस फ‍िल्‍म को ऑस्‍कर तक के ल‍िए भेजा गया था। हालांक‍ि इसमें आजादी से पहले वाले हालात द‍िखाए गए हैं, मगर कुछ हालात आज भी वैसे ही हैं। इस फ‍िल्‍म का डायरेक्शन आशुतोष गोवार‍िकर ने क‍िया था। 

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