एजुकेशन

Preamble of Constitution: संविधान दिवस पर पढ़ें भारतीय संविधान की प्रस्तावना, किस संशोधन में किया गया था बदलाव?

Samvidhan ki prastavana : संविधान की प्रस्तावना को 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा बदल दिया गया था और इसमें समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और अखंडता जैसे शब्द जोड़े गए थे।

Constitution Day 2025

Constitution Day 2025 (Twitter)

Samvidhan ki prastavana: हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्य बढ़ाने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को 26 ननवंबर को संविधान दिवस मनाने की घोषणा की। संविधान दिवस की बात करें तो इस खास दिन के बारे में सभी छात्रों और भारत के हर नागरिक को अच्छी तरह पता होना चाहिए। स्कूल में इस दिन कई तरह के निबंध लिखवाए जाते हैं। संविधान की प्रस्तावना की बात करें तो ये इसकी आत्मा है। इसका मतलब है कि संविधान के मूल आदर्शों को प्रस्तावना के माध्यम से ही संविधान में समाहित किया गया है। प्रस्तावना देश के नागरिकों को संदेश देती है कि सभी नागरिक भाईचारा व बंधुत्व के माध्यम से देश के सम्मान, एकता और संप्रभुता के साथ रहें।

संविधान की प्रस्तावना ही उसकी आत्मा है और इसी के जरिये भारतीय संविधान में मूल आदर्शों को शामिल किया गया। संविधान की प्रस्तावना कुछ इस तरह है... हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता व अखंडता सुनिश्चित करे वाली बंधुता के लिए दढ़ संकल्पित होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर 1949 मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हजार छह विक्रमी को एतद संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

बताते चलें कि संविधान की प्रस्तावना को 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा बदल दिया गया था और इसमें समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और अखंडता जैसे शब्द जोड़े गए थे।

Bharat Ka Samvidhan: भारत का संविधान

जुलाई 1946 में भारतीय संविधान सभा के लिए निर्वाचन हुए थे। संविधान सभा की पहली बैठक साल 1946 में ही 9 दिसंबर को हुई थी। मगर फिर भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद संविधान सभा भी दो भागों में बंट गई। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे। इसके बाद संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को अपना काम पूरा किया और फिर 26 जनवरी 1950 को संविधान को भारत में पूरी तरह से लागू कर दिया गया। संविधान को तैयार करने में पूरे 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे थे।

Also Read: Constitution Day History: 26 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस? जानें कितने दिनों में बनकर हुआ था तैयार

भारत का संविधान क्यों खास? History of Indian Constitution

FAQs

संविधान की प्रस्तावना को "आत्मा" किसने कहा? Preamble ko Samvidhan ki aatma Kisne kaha?

ठाकुरदास भार्गव ने प्रस्तावना को संविधान की आत्मा कहा था।

प्रस्तावना में कितनी बार संशोधन हुआ है?

प्रस्तावना का 42वां संशोधन क्या है?

प्रस्तावना के जनक कौन थे?

भारतीय संविधान को बनाने के लिए भारत के संविधान निर्माताओं ने दुनिया के कई बड़े देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, आयरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों के संविधान का अच्छी तरह से अध्ययन किया और फिर उनमें से श्रेष्ठ को चुना।

लेटेस्ट न्यूज

कुसुम भट्ट
कुसुम भट्ट Author

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्... और देखें

End of Article