शंकराचार्य विवाद : अब CM योगी के समर्थन में त्यागपत्र, GST के डिप्टी कमिश्नर ने दिया इस्तीफा
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Jan 27, 2026, 03:30 PM IST
राज्यपाल को भेजे अपने दो पन्ने इस्तीफे में प्रशांत कुमार ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दे रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि शंकराचार्य ने सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा है कि 'जिस प्रदेश का नमक खाता हूं और जिस प्रदेश से मुझे सैलरी मिलती है, मैं उसका पक्षधर हूं।'
जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह। तस्वीर-टाइम्स नाउ नवभारत
Prashant Kumar Singh : शंकराचार्य के मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है। अब अयोध्या में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। प्रशांत कुमार ने अपना इस्तीफा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेजा है। राज्यपाल को भेजे अपने दो पन्ने इस्तीफे में प्रशांत कुमार ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दे रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि शंकराचार्य ने सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा है कि 'जिस प्रदेश का नमक खाता हूं और जिस प्रदेश से मुझे सैलरी मिलती है, मैं उसका पक्षधर हूं।'
'मैं CM का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता'
प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि 'सीएम योगी लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए मुख्यमंत्री हैं, उनका अपमान मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता। पिछले तीन दिन से मैं आहत था, मेरा इस्तीफा जब मंजूर हो जाएगा तो मैं अपने संसाधनों से सामाजिक कार्य में लग जाऊंगा।' अपने पद से इस्तीफा देने वाले जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ने अपनी पत्नी को फोन किया। बात करते हुए वह फोन पर भावुक हो गए। प्रशांत कुमार का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है।
अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा
इससे पहले बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर नाराजगी जताते हुए सोमवार को सेवा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया कि प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 2019 बैच के अधिकारी अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। सूत्रों ने बताया कि अग्निहोत्री ने इस्तीफे का कारण सरकारी नीतियों, विशेषकर यूजीसी के नए नियमों से गहरी असहमति को बताया है।
कानपुर नगर के निवासी हैं अग्निहोत्री
कानपुर नगर के निवासी अग्निहोत्री पहले उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में एसडीएम के रूप में कार्य कर चुके हैं और प्रशासनिक हलकों में अपने स्पष्ट विचारों व सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि बीते दो सप्ताह में दो बड़े निंदनीय मामले सामने आए हैं, जिन्होंने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि पहला मामला प्रयागराज माघ मेले से जुड़ा है, जहां मौनी अमावस्या के स्नान के लिए जाते समय ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बटुक शिष्यों को चोटी खींचकर घसीटा गया और पिटाई की गई।
इस पूरी घटना को लेकर उन्होंने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कृत्य बेहद निंदनीय है और वास्तविक अर्थों में प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।