Nirbhaya Case : फांसी का वक्त करीब आया लेकिन तिहाड़ में जल्लाद नहीं, अधिकारी परेशान  

दिल्ली समाचार
Updated Dec 03, 2019 | 17:01 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi Gangrape : तिहाड़ में अंतिम फांसी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की हुई थी। इस दौरान भी अधिकारी पसोपेश में पड़ गए थे। जेल में उस समय जल्लाद के न होने से एक अधिकारी लीवर दबाने के लिए तैयार हुआ था।

Nirbhaya Case : no hangman in Tihar, Jail authirities worried, फांसी का वक्त करीब आया लेकिन तिहाड़ में जल्लाद नहीं, अधिकारी परेशान
Nirbhaya Case : दिल्ली सरकार ने खारिज की है दोषी विनय शर्मा की क्षमा याचिका। 

मुख्य बातें

  • साल 2012 में हुआ था निर्भया गैंगरेप, इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था
  • दिल्ली सरकार ने खारिज की है दोषी विनय शर्मा की क्षमा याचिका
  • राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज हो जाने के बाद दोषियों को दी जाएगी फांसी

नई दिल्ली : निर्भया गैंगरेप के दोषियों की रिहाई की अंतिम उम्मीद करीब-करीब खत्म हो गई है और उनकी फांसी की सजा तय मानी जा रही है। ऐसे में तिहाड़ जेल प्रशासन के अधिकारियों के माथे पर बल पड़ने लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जेल में एक भी जल्लाद मौजूद नहीं है। हमारे सहयोगी समाचार पत्र टीओआई ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि जेल के अधिकारी अपने विकल्पों को देख रहे हैं क्योंकि सजायाफ्ता दोषियों की सजा एक महीने के भीतर दी जा सकती है। कोर्ट दोषियों को सजा देने के लिए 'ब्लैक वारंट' जारी कर सकता है और इसके बाद किसी भी दिन दोषियों को फांसी पर चढ़ाया जा सकता है। राष्ट्रपति द्वारा क्षमा याचिका खारिज होने के बाद कोर्ट वारंट जारी करेगा।

बता दें कि तिहाड़ में अंतिम फांसी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की हुई थी। इस दौरान भी अधिकारी पसोपेश में पड़ गए थे। सूत्र ने बताया कि जेल में उस समय जल्लाद के न होने से एक अधिकारी लीवर दबाने के लिए तैयार हुआ था। सूत्र का कहना है, 'इस संकट को देखते हुए तिहाड़ जेल के अधिकारी अनाधिकारिक रूप से अन्य जेलों में मौजूद जल्लाद के बारे में पता करने लगे हैं। यही नहीं उत्तर प्रदेश के कुछ गांवों में भी जल्लादों की तलाश की जा रही है।'

जेल के एक अधिकारी ने कहा, 'हमारी व्यवस्था में फांसी की सजा विरले मामलों में ही दी जाती है। इसलिए पूरे समय के लिए जल्लाद की नियुक्ति व्यावहारिक बात नहीं मानी जाती। इस काम के लिए पूरे समय के लिए कर्मी का मिलना भी मुश्किल होता है।' इस बार निर्भया के दोषियों में से केवल एक विनय शर्मा ने क्षमा याचिका दायर की। तिहाड़ जेल प्रशासन ने उसकी याचिका दिल्ली सरकार के पास भेज दी और दिल्ली सरकार ने क्षमा याचिका खारिज करने की सिफारिश लेफ्टिनेंट गवर्नर से की। 

सरकार के एक अधिकारी ने बताया, 'एलजी विनय शर्मा की फाइल गृह मंत्रालय को भेजेंगे। इसके बाद यह फाइल राष्ट्रपति के पास जाएगी और इसके बाद राष्ट्रपति के फैसले से तिहाड़ जेल प्रशासन को अवगत कराया जाएगा। क्षमा याचिका यदि खारिज हो जाती है तो कोर्ट ब्लैक वारंट जारी करेगा। ब्लैक वारंट जारी हो जाने के बाद जेल के अधिकारी दोषी और उसके परिवार को फांसी के बारे में सूचित करेंगे।' तिहाड़ जेल प्रशासन ने क्षमा याचिका दायर करने के लिए अन्य दोषियों मुकेश, पवन और अक्षय को एक सप्ताह का वक्त दिया था लेकिन इन तीनों ने याचिका दायर नहीं की। अधिकारी ने कहा कि इन तीनों को और समय दिया जाए या नहीं इस बारे में कोर्ट विचार करेगा।

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