JNU फीस वृद्धि का मुद्दा सुलझ चुका है, छात्रों का प्रदर्शन जारी रखना अब उचित नहीं : निशंक

JNU Row: जेएनयू में फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन पर मानव संसाधन विकास विभाग ने छात्रों से बातचीत कर रहा है कि ये मुद्दा सुलझ चुका है, प्रदर्शन जारी रखना अब उचित नहीं है।

JNU Fees row
जेएनयू फीस विवाद मामला 

नई दिल्ली : केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सोमवार को कहा कि जेएनयू छात्रों का विरोध जारी रखना उचित नहीं है क्योंकि शुल्क वृद्धि का मुद्दा सुलझाया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘जेएनयू के छात्रों और अध्यापकों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चा के बाद जेएनयू के शुल्क संबंधी मुद्दों का समाधान हो चुका है।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘छात्रों की मुख्य मांग सेवा और सुविधा शुल्कों में वृद्धि तथा अन्य संबंधित मुद्दों का अब निपटारा किया जा चुका है। इसलिए छात्रों द्वारा प्रदर्शन जारी रखना उचित नहीं है।’ मानव संसाधन विकास विभाग ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि उन्होंने जेएनयू के कुछ छात्र प्रतिनिधियों और टीचर्स से मुलाकात की जिसमें फीस वृद्धि के मामले को सुलझा लिया गया है।

ये बैठक मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के निर्देशन में हुई। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि 10 और 11 दिसंबर 2019 को छात्रों टीचर्स और जेएनयू प्रशासन के बीच भी कई बैठकें हुई थी जिसमें कई मुद्दों पर सहमति जताई गई थी।

उसी के आधार पर हाल ही में फीस में संशोधन किया गया जिसमें सर्विस और यूटिलिटी चार्जेज अब छात्रों को नहीं देना पड़ेगा जो उनकी मूलभूत मांगे थीं। 

10-11 दिसंबर 2019 को हुए बैठक के आधार पर हालांकि रिवाइज हॉस्टल रुम के चार्जेज बीपीएल छात्रों पर 50 फीसदी छूट के साथ लागू होंगे। इसके आधार पर जेएनयू फीस वृद्धि का मामला सुलझ गया है क्योंकि छात्रों की यही मूलभूत मांगें थी। अब तक विंटर सेशन के लिए करीब 5000 छात्र पंजीकरण करा चुके हैं।

इसके साथ ही एमएचआरडी ने छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने की अपील की है। उन्होंने ये भी अपील की कि उच्च शिक्षण संस्थान किसी भी कीमत पर राजनीतिक अखाड़े में तब्दील नहीं होना चाहिए।

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