Telangana: फिर सामने आई पुलिस की बर्बरता, सुसाइड करने वाली छात्रा के पिता को मारी लात, देखें VIDEO

क्राइम
लव रघुवंशी
Updated Feb 26, 2020 | 23:36 IST

Telangana viral video: तेलंगाना से पुलिस की बर्बरता का वीडियो सामने आया है। इसमें एक पुलिसकर्मी को उस पिता को लात मारते हुए देखा जा सकता है, जिसकी बेटी ने सुसाइड की है।

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वीडियो हो रहा वायरल 

नई दिल्ली: आए दिन कहीं ना कहीं से पुलिस की बर्बरता का कोई ना कोई वीडियो सामने आता रहता है। अब तेलंगाना से पुलिस की निर्दयता का वीडियो सामने आया है। यहां सुसाइड करने वाली एक छात्रा के पिता के साथ पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया है। एक पुलिसकर्मी को उन्हें लात मारते हुए भी देखा जा सकता है।

संगारेड्डी में नारायण कॉलेज की छात्रा संध्या रानी ने सोमवार शाम को आत्महत्या कर ली थी। बाद में उसके शव को संगा रेड्डी जिले के पाटनचेरू के एक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसवाले छात्रा का शव लेकर जा रहे होते हैं, तभी उसके पिता पुलिस के रास्ते में आ जाते हैं और उन्हें रोकते हैं। इसी के बाद एक पुलिसवाला उन्हें लात मारने लगता है। पिता एस. चंद्रशेखर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हैं। वो पुलिस से अपनी बेटी का शव मांगते हैं।

घटना के बारे में बताते हुए संगारेड्डी जिले की एसपी चंदना दीप्ति ने बताया, 'लड़की ने परसों आत्महत्या कर ली थी। उसका शव मोर्चरी में था और कुछ प्रदर्शनकारियों और उसके परिजनों ने मोर्चरी का शीशा तोड़ दिया और संभवतया यातायात को रोकने के लिए शव को मुख्य सड़क पर ले जाने की कोशिश की। पुलिस ने इसे वापस लाने की कोशिश की और इस प्रक्रिया में उसके पिता ने पुलिस को रोकने की कोशिश की। पुलिसवालों में से एक ने उसे लात मारी है। वीडियो की जांच की गई और कार्रवाई शुरू कर दी गई है।'

यह सुनिश्चित करते हुए कि पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी उन्होंने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को कानून को हाथ में लेने से रोकने के लिए कोशिश कर रही थी फिर भी अधिकारियों द्वारा ड्यूटी पर किए गए किसी भी दुर्व्यवहार के लिए उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, बीडीएल भानूर पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर राम रेड्डी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण कहते हुए कहा कि वीडियो क्लिपिंग में यह नहीं दिख रहा है कि ये घटना किसी कारण हुई। उन्होंने कहा, 'हम पर पत्थर फेंके गए। उन्होंने शवगृह के दरवाजे खोल दिए और जबरन शव निकालने की कोशिश की। वे शव को कॉलेज के छात्रावास में ले जाना चाहते थे और न्याय की मांग के लिए धरने पर बैठ गए। हमें उनसे शव वापस लेना पड़ा और इस प्रक्रिया में यह दुर्घटनावश हुआ।'

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