विश्व के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह को जिस गाड़ी से मारी थी टक्कर, उसका चल गया पता; अब ड्राइवर की तलाश में पंजाब पुलिस
- Edited by: शिशुपाल कुमार
- Updated Jul 15, 2025, 11:33 PM IST
सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली गाड़ी की पहचान कर ली गई है। अब पुलिस आरोपी ड्राइवर को खोजने में जुटी है।
विश्व के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह को इसी गाड़ी से मारी थी टक्कर (फोटो- Punjab Police)
विश्व के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह को जिस गाड़ी ने टक्कर मारी है, पंजाब पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है। पुलिस ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बताया कि दुर्घटनास्थल से बरामद सीसीटीवी फुटेज और वाहन की हेडलाइट के टुकड़ों की मदद से यह पता चला कि वह वाहन एक टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी है, जो पंजाब में पंजीकृत है। वाहन का मालिक कई बार बदला जा चुका है, लेकिन पुलिस का दावा है कि चालक की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद अज्ञात चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना) और 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सोमवार को गाड़ी ने मारी थी टक्कर
बता दें कि पंजाब के जालंधर जिले में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना में दुनिया के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह का निधन हो गया। 114 वर्ष की आयु में भी फिटनेस और दृढ़ संकल्प के प्रतीक रहे सिंह को जालंधर के अपने पैतृक गांव ब्यास पिंड में टहलते समय एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे ने न केवल उनके परिवार, बल्कि देश और दुनिया भर में उनके लाखों प्रशंसकों को शोक में डुबो दिया है।
फौजा सिंह की जीवन यात्रा
फौजा सिंह की जीवन यात्रा असाधारण रही है। उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में मैराथन दौड़ना शुरू किया और 100 वर्ष की आयु में मैराथन पूरी करने वाले पहले व्यक्ति बने। उन्हें 'टर्बन्ड टॉरनेडो' के नाम से जाना जाता था। उन्होंने लंदन, न्यूयॉर्क और टोरंटो जैसी अंतरराष्ट्रीय मैराथनों में भाग लेकर भारत और विशेष रूप से सिख समुदाय को गौरवान्वित किया। वर्ष 1911 में एक किसान परिवार में जन्मे फौजा सिंह 1990 के दशक में इंग्लैंड चले गए थे लेकिन हाल के वर्षों में अपने गांव लौट आए थे। 2012 के लंदन ओलंपिक में वह मशाल वाहक भी रहे।