Shocking! मामूली डांट पर ले ली पिता की जान, 'क्राइम पेट्रोल' देखकर नष्‍ट किए सबूत

Mathura crime news: मथुरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 17 साल के एक लड़के ने मामूली डांट पर अपने ही पिता की हत्‍या कर दी और फिर 'क्राइम पेट्रोल' शो देखकर सबूत नष्‍ट करने की कोशिश की।

Shocking! मामूली डांट पर ले ली पिता की जान, 'क्राइम पेट्रोल' देखकर नष्‍ट किए सबूत
Shocking! मामूली डांट पर ले ली पिता की जान, 'क्राइम पेट्रोल' देखकर नष्‍ट किए सबूत  |  तस्वीर साभार: Representative Image

मुख्य बातें

  • मथुरा में 17 के लड़के ने मामूली डांट पर पिता की नृशंस हत्‍या कर दी
  • वारदात को अंजाम देने के बाद मां के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया
  • हत्‍या की इस वारदात से लेकर हर कोई सकते में है

मथुरा: उत्‍तर प्रदेश के मथुरा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 17  साल के एक किशोर ने अपने ही पिता की हत्‍या कर दी और फिर साक्ष्‍य मिटाने के लिए मां के साथ मिलकर उनका शव ठिकाने लगा दिया। घटना से जुड़े साक्ष्‍यों को छ‍िपाने के लिए उसने टीवी धारावाहिक 'क्राइम पेट्रोल' से क्‍लू लिया था। घटना के करीब 5 महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

यह घटना मथुरा की है, जिसमें अब चौंकानेवाली जानकारी सामने आई है। मृतक की पहचान 42  वर्षीय मनोज मिश्र के तौर पर की गई है, जो इस्‍कॉन मंदिर से जुड़े हुए थे। पुलिस ने इस  मामले में बुधवार को आरोपी बेटे को गिरफ्तार किया, जो 12वीं का छात्र है। उसके मोबाइल फोन की जब जांच की गई तो पुलिस ने पाया कि उसने टीवी शो 'क्राइम पेट्रोल' सीरीज को 100 बार से अधिक बार देखा था।

मामूली डांट पर ले ली पिता की जान

आरोपी ने हत्‍या की इस वारदात को 2 मई को अंजाम दिया था, जब उसके पिता ने उसे किसी बात को लेकर डांटा था। इससे नाराज लड़के ने अपने पिता के सिर पर लोहे की छड़ से वार कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गए और फिर कपड़े से गला घोंटकर उनकी हत्‍या कर दी। बाद में उसी रात लड़के ने मां की मदद से शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया।

वह अपने घर से लगभग 5 किलोमीटर दूर एक वन क्षेत्र में शव को अपनी स्कूटी पर ले गया और पहचान मिटाने के लिए उसे पेट्रोल और टॉयलेट क्लीनर से जला दिया। पुलिस को 3 मई को आंशिक रूप से जला हुआ शव मिला था। लगभग तीन सप्ताह तक इसकी पहचान नहीं हो सकी, क्‍योंकि किसी भी पुलिस स्टेशन में किसी व्यक्ति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।

पुलिस को आरोपी पर ऐसे हुआ शक 

मृतक के परिवार ने बाद में इस्कॉन के अधिकारियों के दबाव में 27 मई को एक गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, क्योंकि मनोज मिश्रा इस्‍कॉन में डोनेशन कलेक्टर के रूप में काम करते थे। उनके कुछ सहयोगियों ने चश्‍मे से मनोज मिश्र के शव की पहचान कर ली। इस्कॉन में पीड़ित के सहयोगियों ने कहा कि उन्हें मनोज की लंबे समय से अनुपस्थित रहने पर इसलिए संदेह नहीं हुआ, क्‍योंकि वह अक्‍सर भगवद गीता का प्रचार करने के लिए यात्रा पर होते थे।

मनोज के बेटे पर शक कैसे हुआ, इस बारे में मथुरा के पुलिस अधीक्षक (शहर) उदय शंकर सिंह ने कहा कि पुलिस जब भी मनोज के बेटे को पूछताछ के लिए बुलाती थी, वह बचने की कोशिश करता और उल्‍टा पुलिस से ही सवाल करता था कि आखिर वे किन प्रावधानों के तहत उससे पूछताछ की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की तो उन्हें पता चला कि वह क्राइम पेट्रोल सीरीज 100 बार से अधिक बार देख चुका है। कई बार पूछताछ के बाद आखिरकार वह टूट गया और उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।

पुलिस ने आरोपी की 39 वर्षीय मां को भी गिरफ्तार किया है। उन पर हत्या और सबूत नष्ट करने के मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपी की 11 वर्षीया बहन को दादा-दादी को सौंप दिया गया है।

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