जानिए कैसे यूपी, हरियाणा और राजस्थान होते हुए उज्जैन पहुंचा था गैंगस्टर विकास दुबे

क्राइम
भाषा
Updated Jul 12, 2020 | 16:07 IST

गैंगस्टर विकास दुबे हाल ही में एक मुठभेड़ के दौरान मारा गया। मुठभेड़ से पहले वह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचा था। यहां पहुंचने के लिए उसने बस का सहारा लिया था।

 Police probe says Vikas Dubey reached Ujjain from Rajasthan by bus
बस में सवार होकर उज्जैन पहुंचा था गैंगस्टर विकास दुबे 

मुख्य बातें

  • उज्जैन पहुंचने के लिए विकास दुबे ने लिया था राजस्थान रोडवेज बस का सहारा
  • उज्जैन में किसी ने भी नहीं दिया था विकास को संरक्षण- पुलिस
  • विकास दुबे को कानपुर के पास एक पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान मार गिराया था

उज्जैन: उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस के साथ हुए कथित मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात अपराधी विकास दुबे इस मुठभेड़ से एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश स्थित उज्जैन बस से आया था और अब तक ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं कि उसे उज्जैन में किसी ने संरक्षण दिया था। उसे उसी दिन नौ जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिस दिन वह उज्जैन पहुंचा था।

रोडवेज से पहुंचा झालावाड़

उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने शनिवार रात को यहां संवाददाताओं को बताया, ‘हमारी जांच में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि वह राजस्थान के अलवर से राजस्थान परिवहन निगम की बस से झालावाड़ आया। झालावाड़ से बाबुल ट्रैवल्स कि बस से आठ जुलाई की रात में नौ बजे चला है और सीट नंबर छह पर बैठकर नौ जुलाई के तड़के तीन बजकर 58 मिनट पर उज्जैन के देवास गेट बस स्टैंड पर बैग के साथ उतरा।’

ऑटोरिक्शा से पहुंचा मंदिर

 उन्होंने कहा कि वहां से दुबे एक ऑटोरिक्शा करके उज्जैन के महाकाल मंदिर गया और मंदिर के पास उसने होटल खोजने का असफल प्रयास किया। उसके बाद वह सीधे पास में स्थित रामघाट गया और रामघाट में स्नान करके लोगों से महाकाल मंदिर खुलने और दर्शन करने का समय पूछा। सिंह ने बताया कि जब दुबे को मालूम हुआ कि मंदिर दर्शन सुबह साढ़े सात बजे के आसपास हो पाएगा तो वहां से आकर वह महाकाल मंदिर परिसर के बाहर फूल बेचने वाले सुरेश माली ऊर्फ सुरेश कहार की दुकान पर पहुंचा और उससे प्रसाद एवं फूल खरीदा। सुरेश ने उसे सबसे पहले पहचाना और उसकी दी गई सूचना के आधार पर ही दुबे को नौ जुलाई को बाद में गिरफ्तार किया गया था।

सीसीटीवी की ली गई मदद

उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर हमने बहुत गंभीरता से जांच की कि विकास दुबे उज्जैन कैसे और किस रास्ते पहुंचा और क्या कोई संगठन उसके पीछे तो नहीं था? सिंह ने बताया कि इसके लिए हमने करीब 11 टीमें बना कर पूरी खोजबीन की और उज्जैन में जितने भी सीसीटीवी कैमरे, लॉज, होटल एवं धर्मशालाओं सभी में सघन जांच कराई, जिसके माध्यम से पता चला कि उज्जैन कैसे पहुंचा।

महाकाल में पकड़ा गया

उन्होंने कहा कि दुबे ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि वह एक दिन पहले उज्जैन आ गया था और उज्जैन में किसी जगह ठहरने की बात भी की थी। लेकिन जो भी बातें विकास दुबे ने पूछताछ में पुलिस को बताई थी, उनमें से कोई बात अब तक सत्य साबित नहीं हुई हैं। उसने जो भी बताया था अपने को बचाने के लिए बताया था। सिंह ने बताया कि हमारी खुफिया एजेंसी, महाकाल में लगी हमारी सुरक्षा कर्मचारियों चाहे वे निजी सुरक्षा गार्ड हों या पुलिस के जवान हों ने बहुत की सक्रियता दिखाई और आप सबके सहयोग से उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे को धर दबोचने में सफलता हासिल की।

उन्होंने कहा, ‘अभी तक जांच में किसी भी व्यक्ति, अधिकारी-कर्मचारी के द्वारा उसको संरक्षण दिये जाने की बात साबित नहीं हुई है। इसके बावजूद हमारी जांच जारी है। जब भी जांच में नये तथ्य आएंगे, हम आपको जरूर बताएंगे।’

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
Mirror Now
Live TV
अगली खबर