CAA-NRC-NPR को लेकर लोगों में कितना गुस्सा है, मेरठ की इस घटना से जान जाएंगे

क्राइम
लव रघुवंशी
Updated Jan 27, 2020 | 10:59 IST

Meerut: लोगों में CAA-NRC और NPR को लेकर कितना गुस्सा है, इसे इससे समझा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में पोलियो पिलाने गई टीम को NPR के लिए डाटा एकत्र करने वाली टीम समझ लिया गया और मारपीट की गई।

Meerut
मेरठ में पोलियो टीम के साथ अभद्रता 

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को लेकर देश के कई हिस्सों में एक महीने से ज्यादा समय से विरोध-प्रदर्शन जारी है। कई लोगों में इन्हें लेकर लगातार गुस्सा बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पोलियो पिलाने गई टीम इसी गुस्से का शिकार हो गई। टीम के साथ मारपीट की गई और बंधक भी बना लिया गया। बाद में पुलिस ने टीम को बचाया। दरअसल लोगों ने उन्हें NPR के लिए जानकारी एकत्र करने वाली टीम समझ लिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने कहा, 'हमारी टीम पोलियो टीकाकरण शिविर के लिए गई थी और स्थानीय लोगों से पोलियो सर्वेक्षण के लिए उनके बच्चों के बारे में कुछ जानकारी मांग रही थी। स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि ये NPR गणना के लिए सवाल पूछे जा रहे है। इसके बाद लोगों ने टीम के साथ दुर्व्यवहार किया।'

यह घटना शहर के लिसारी गेट के लखीपुरा इलाके में हुई थी। तीन सदस्यों में से दो कैद से भागने में कामयाब रहे और मामले की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे। लिसारी गेट स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) प्रशांत कपिल ने कहा, 'हमें शिकायतें मिली है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।'

पीड़ितों में से एक टीकाकरण अधिकारी कबीर अहमद ने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब एक परिवार ने पोलियो ड्रॉप्स का विरोध किया। हमें उन लोगों का नाम दर्ज करना अनिवार्य है जो अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स से मना करते हैं। जैसे ही हमने नाम पूछा स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया और हम तुरंत लोगों से घिर गए। हमने लोगों को हमारे वैक्सीन बॉक्स, हमारे आईडी कार्ड दिखाए लेकिन लोग सुनने के लिए तैयार नहीं थे और उन्होंने हमारी टीम के सदस्यों में से एक को छेड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने रजिस्टर फाड़ दिया। इस बीच, डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों को चीजें समझाने की कोशिश की।'

कबीर ने कहा कि लोग एनपीआर-एनआरसी को लेकर बहुत चिंतित हैं और कोई भी विवरण साझा नहीं करना चाहते हैं। एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे के बाद से हमारी टीमों को स्थानीय निवासियों से डील करने में मुश्किल हो रही है, लेकिन इस बार खतरनाक और हिंसक प्रतिक्रिया हुई।

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