गुरुग्राम: गे डेटिंग ऐप के जाल में फंसे 150 से ज्यादा लोग, कॉर्पोरेट जगत के बड़े अधिकारी तक बने शिकार

क्राइम
किशोर जोशी
Updated Feb 14, 2020 | 12:10 IST

डेटिंग ऐप ग्रिंडर को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने बड़ा खुलासा हुआ है। इसके जरिए 50 से अधिक कॉर्पोरेट जगत के अधिकारियों को ब्लैकमेल किए जाने के मामले सामने आए हैं

50 executives trapped on gay dating app robed by a gang in Gurugram
गे डेटिंग ऐप के जाल में फंसे 150 से लोग, कई अधिकारी तक शामिल 

मुख्य बातें

  • डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से मिलना कुछ पुरुषों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत साबित हुआ
  • दिल्ली NCR के करीब 150 लोगों को गे डेटिंग ऐप के जरिए फंसाकर किया गया ब्लैकमेल
  • पुलिस ने मामले की जांच की शुरू, कई शीर्ष कॉर्पोरेट जगत के अधिकारी तक बने शिकार

गुरुग्राम: डेटिंग ऐप का इस्तेमाल कर लोगों से मिलना कुछ लोगों को भारी पड़ा है। दिल्ली एनसीआर के करीब 150 लोगों को डेटिंग ऐप  ग्रिंडर को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक ग्रिंडर ऐप के जरिए लोगों को न केवल बेवकूफ बनाया गया बल्कि उन्हें डेट पर बुलाकर उनकी अश्लील तस्वीरें क्लिक की गईं और फिर उनके जरिए ब्लैकमैल किया गया। गौर करने वाली बात ये है कि पीड़ितों में ज्यादातर लोग कॉर्पोरेट जगत के हैं और इनमें से  तकरीबन 50 लोग हैं ऐसे जो किसी ना किसी कॉर्पोरेट कंपनी के सीईओ या बड़े पद पर आसीन हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बादशाहपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंसपेक्टर मुकेश की टीम ने इस मामले में एक गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मुकेश ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से ये लोगों को अपना शिकार बना रहे थे लेकिन डर और शर्म की वजह से इस गिरोह के पीड़ित लोग हमारे पास शिकायत करने में डर रहे थे।  ये लोग कॉर्पोरेट जगत के बड़े अधिकारियों को फंसाते थे जिससे इनका काम आसान होता था।

इस गैंग का सरगना गुरुग्राम के भोंडसी का है। पूछताछ में उसने बताया कि वह  चैटिंग के माध्य से फंसाते है और डेटिंग के लिए उन्हें गुरुग्राम में वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और साउथ पेरिफेरल रोड में अलग-अलग जगहों पर बुलाते थे।  

इस मामले में केवल एक ही शख्स द्वार अभी तक शिकायत दर्ज कराई गई है। गैंग के खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई गई है उसमें कहा गया है, 'मुझे साइट से एक रिक्वेस्ट आई और उसके बाद उन्होंने मुझे साउथर्न पेरिफेरल रोड पर बुलाया। इसके बाद उन्होंने मुझे गांड़ी की आगे की सीट के बगल में बैठाया और बगल में प्रिंस नाम का शख्स बैठा था। तीन और लोग भी कार में बैठे थे। थोड़ी देर बार उन्होंने मेरा पर्स, बैग और पैसे छीन लिए।' शिकायत के बाद मामले में एक एफआईआर दर्ज की गई है। 

सूत्रों के मुताबिक गैंग के सदस्य काफी पढ़े-लिखे नहीं हैं और उन्होंने अच्छी अंग्रेजी बोलने वाले एक इंजीनियर को नौकरी पर रखा है तांकि वो अपने शिकार पर रौब झाड़ सकें।  

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