शोएब अख्तर का अटपटा दावा, कहा- कारगिल युद्ध में भाग लेने के लिए ठुकरा दिया था करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट 

पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक बार फिर अटपटा दावा किया है कि उन्होंने भारत पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में भाग लेने के लिए काउंटी क्रिकेट का मोटा ऑफर ठुकरा दिया था।

Shoaib Akhtar
शोएब अख्तर 

मुख्य बातें

  • 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था कारगिल युद्ध
  • दो साल पहले शोएब ने किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू, तब तक नहीं मिली थी पहचान
  • पाकिस्तान के लिए युद्ध लड़ते हुए हो जाना चाहते थे शहीद

रावलपिंडी: शोएब अख्तर का नाम पाकिस्तान के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार किया जाता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वो अपने विवादित बयान देने के लिए जाने जाते हैं और इसी वजह से वो लगातार सुर्खियों में भी बने रहते हैं। ऐसे में उन्होंने अब एक ऐसा बयान दिया है जिसे आसानी से पचा पाना किसी भी भारतीय क्रिकेट प्रशंसक के लिए तकरीबन नामुमकिन है। 

शोएब अख्तर ने दावा किया है कि उन्होंने साल 1999 में कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की ओर से भाग लेने के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए मिले करोड़ों के कॉन्ट्रैक्ट को ठुकरा दिया था। शोएब के मुताबिक उन्हें नॉटिंगघमशर कांउटी की ओर से खेलने के लिए 1,75000 पाउंड( 1.72 करोड़ भारतीय रुपये) का प्रस्ताव मिला था। इस प्रस्ताव को उन्होंने इसलिए ठुकरा दिया था क्योंकि वो कारगिल युद्ध में अपने देश की ओर से लड़ना चाहते थे। 

पाकिस्तान के लिए होना चाहता था शहीद 
शोएब ने इस बारे में एआरवाई न्यूज को दिए बयान में कहा है कि वो देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर देना चाहते थे। शोएब ने कहा, मेरे पास नॉटिंघमशर का 1 लाख 75 हजार पाउंड का कॉन्ट्रैक्ट था। जिसे मैनें कारगिल के वक्त ठुकरा दिया था।' उन्होंने आगे कहा, मैं लाहौर के बाहरी इलाके में खड़ा था। एक जनरल ने मुझसे पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो तो मैंने कहा कि युद्ध शुरू होने वाला है और हम उसमें एक साथ मरेंगे। इस तरह मैंने दो बार काउंटी क्रिकेट खेलने से इनकार कर दिया। काउंटी टीमें मेरे फैसले से हैरान थीं। लेकिन मुझे इसकी कोई चिंता नहीं थी। मैंने अपने कश्मीरी दोस्तों को फोन किया और उनसे कहा कि मैं लड़ने के लिए तैयार हूं। 

सर्जिकल स्ट्राइक पर उठाए सवाल 
शोएब ने आगे कहा, जब भारत से कुछ जहाज आए और हमारे कुछ पेड़ गिरा दिए थे वो हमारे लिए बड़ा नुकसान था। उन्होंने हमारे छह सात पेड़ गिरा दिए थे हम इस वक्त पेड़ों पर ध्यान दे रहे हैं। इस घटना से मुझे गहरा आघात पहुंचा था। उस दिन में बहुत हैरान था लेकिन मेरी पत्नी ने मुझे शांत रहने को कहा। लेकिन अगले दिन जब मैंने समाचार देखा और ये सिलसिला चलता रहा उसके बाद मुझे अंदर की खबरे मिली की हकीकत क्या है और उस दिन वहां क्या हुआ था। 

Cricket News (क्रिकेट न्यूज़) Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। और साथ ही IPL News in Hindi (आईपीएल न्यूज़) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर