फिक्सिंग को लेकर भड़क उठे शाहिद अफरीदी, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को लेकर दिया बड़ा बयान

Shahid Afridi slams Pakistan Cricket Board: पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर व कप्तान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को शाहिद अफरीदी ने आड़े हाथों लिया है।

Shahid Afridi
शाहिद अफरीदी  |  तस्वीर साभार: IANS

मुख्य बातें

  • पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफऱीदी पीसीबी पर भड़के
  • मैच फिक्सिंग और भष्टाचार को लकर पीसीबी को लगाई लताड़
  • पाकिस्तान में नहीं थम रही है फिक्सिंग मामलों के दोषियों की गिनती

पाकिस्तान में भ्रष्टाचार आम बात है और उनके देश में खेल भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। खासतौर पर क्रिकेट सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। क्रिकेट में मैच व स्पॉट फिक्सिंग को लेकर ना जाने कितने पाकिस्तानी खिलाड़ी अपनी किसी ना किसी भूमिका के चलते सवालों के घेरे में आ चुके हैं और ना जाने कितनों को अब तक सजा देनी पड़ी है। एक बार फिर वही सिलसिला पाकिस्तान क्रिकेट में जारी है और अब उनके खुद के पूर्व दिग्गज आवाज उठाने लगे हैं। पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) पर जमकर निशाना साधा है।

पाकिस्तान में फिक्सिंग से जुड़ा सबसे ताजा मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर उमर अकमल से जुड़ा है, जिनसे पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के दौरान एक सट्टेबाज ने संपर्क किया था लेकिन नियमों के मुताबिक अकमल ने इसकी जानकारी अपने बोर्ड, टीम मैनेजमेंट या आईसीसी को नहीं दी जिसकी वजह से उन पर गाज गिर चुकी है।

पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने फिक्सिंग मामलों से तंग आकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर भड़ास निकाली है। उन्होंने जियो चैनल से बात करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि ऐसे एक्शन पहले लिए जाने थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हम लगातार ऐसे मामले आते देखते रहे। मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है लेकिन अगर बोर्ड अब भी एक उदाहरण पेश करना चाहता है तो उसके पास मौका है। अगर वो सख्त फैसला लेगा, तभी हम इससे (फिक्सिंग) निजात पा सकेंगे।'

उमर अकमल पर ये बोले अफरीदी

इसके अलावा अफरीदी ने उमर अकमल पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, 'उमर को ध्यान देना होगा कि वो किनके साथ घूमता-फिरता है। उसे अपनी प्राथमिकताएं तय करनी होंगी। वो एक अच्छा बल्लेबाज है, लेकिन ये सब चलता नहीं रह सकता।'

पीसीबी को दी नसीहत

अफरीदी ने इस दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को नसीहत भी दे डाली। उन्होंने कहा, 'ज्यादातर पाकिस्तानी खिलाड़ी बिना किसी अच्छी शिक्षा के आते हैं और वो ऐसे झांसों में आ ही जाते हैं। मेरा बस इतना कहना है कि बोर्ड को इन खिलाड़ियों को तराशना चाहिए और इनकी शिक्षा पर भी कार्यक्रम चलाना चाहिए। एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आप कैसे मैनेज करते हैं ये काफी अहम होता है। उमर को ही देख लीजिए। इनको सिर्फ एंटी-करप्शन से जुड़े नियम बता देने से कुछ नहीं होगा।'

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