Ranji Trophy: स्कोर था 15/5, कौन है अर्पित बासवदा जिसने मैच की कहानी बदल डाली

Ranji Trophy 2nd Semi-Final: सौराष्ट्र के अर्पित बासवदा रणजी ट्राफी सेमीफाइनल में गुजरात के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेलकर चर्चा में हैं।

Arpit Vasavada
अर्पित बासवदा  |  तस्वीर साभार: Twitter

राजकोट: सौराष्ट्र और गुजरात के बीच रणजी ट्रॉफी 2019-20 का पहला सेमीफाइनल खेला गया। गुजरात ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और सौराष्ट्र को पहली पारी में 304 रन पर समेट दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे गुजरात की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पूरी टीम 252 रन पर ढेर हो गई। दूसरी पारी में 52 रन की बढ़त के साथ उतरी सौराष्ट्र की टीम ने बेहद निराशाजनक आगाज किया। उसने 5 विकेट महज 15 के कुल स्कोर पर गंवा दिए। लग रहा था कि सौराष्ट्र की टीम 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाज अर्पित बासवदा ने अपने कमाल की बल्लेबाजी से सभी को हैरान कर दिया।

विषम परिस्थितियों में टिके अर्पित

31 वर्षीय अर्पित ने तब क्रीज पर कदम रखा था जब सौराष्ट्र का स्कोर पांच विकेट पर 15 रन था। उन्होंने विषम परिस्थितियों में  230 गेंदों में 139 रन की लाजवाब पारी खेली। उन्होंने इस दौरान 16 चौके और 1 छक्का जमाया। उनकी इसी शतकीय पारी के दम पर सौराष्ट्र ने चौथे दिन मंगलवार को गुजरात के सामने 327 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। अर्पित ने चैतन्य सकारिया (45) के साथ छठे विकेट के लिए 90 और चिराग जानी (51) के साथ सातवें विकेट के लिये 109 रन की दो अहम साझेदारियां की। सौराष्ट्र ने इस तरह से अपनी दूसरी पारी में 274 रन बनाए। अर्पित आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए।

'पांच विकेट जल्द गिरने की उम्मीद नहीं थी'

अर्पित ने शानदार शतकीय पारी खेलने के बाद कहा कि वह सहज थे क्योंकि उनकी टीम ने पहली पारी में बढ़त लेने के बाद दूसरी पारी शुरू की थी। लेकिन उन्होंने पांच विकेट इतनी जल्द गिरने की उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी कल्पना नहीं की थी (पांच शुरुआती विकेट गिरने के बाद बड़ी पारी)। मैंने चेतन [सकारिया] से कहा कि हम इसे पहले ओवर-दर-ओवर के हिसाब से आगे बढ़ांगे और बाद में छोटी साझेदारी बनाने की कोशिश करेंगे। 

'कोई अर्धशतक याद नहीं रखता'

उन्होंने कहा, 'अच्छी बात यह थी कि बाद में चिराग भाई [जानी] ने भी अच्छी बल्लेबाजी की और हम एक सुरक्षित कुल स्कोर तक पहुंचने में सफल रहे।' उन्होंने यह भी बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में पारी का मतलब क्या है। अर्पित ने कहा, 'मैं हमेशा से यह चाहता था। मैंने मुश्किल मैच में 50-60 रन बनाए हैं, लेकिन अर्द्धशतक किसी को याद नहीं रहता है, हर कोई शतक याद करता है। जब चेतन आउट हुए तो मैंने कहा कि कुछ नहीं करना सिर्फ मुझे आखिर तक बल्लेबाजी करनी होगी।'

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