गावस्कर ने बताया सहवाग की तरह सफल टेस्ट ओपनर कैसे बन सकते हैं रोहित शर्मा  

क्रिकेट
Updated Sep 21, 2019 | 15:54 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Rohit Sharma as test Opener: हिटमैन रोहित शर्मा को सुनील गावस्कर ने टेस्ट मैच में वनडे की तरह सफल ओपनर बनने का सफल मंत्र दिया है। बताया है कि वो सहवाग की तरह कैसे सफल हो सकते हैं।

Rohit Sharma
रोहित शर्मा  

मुख्य बातें

  • रोहित ने 6 साल में खेले 27 टेस्ट मैच में 39.62 की औसत से बनाए हैं 1585 रन
  • पिछले 25 टेस्ट मैच में जड़ सके हैं केवल 1 शतक
  • भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर जड़ सके हैं केवल तीन अर्धशतक

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए रंगीन जर्सी में लगातार धमाका करने वाले हिटमैन रोहित शर्मा के बल्ले की चमक सफेद कपड़ों में फीकी नजर आई है। ऐसे में उन्हें वनडे क्रिकेट के बाद टेस्ट क्रिकेट में भी बतौर ओपनर आजमाने की टीम की योजना है। साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने के बाद पिछले 6 साल में रोहित टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर सके हैं। उन्हें जब कभी टीम में शामिल होने का मौका मिला तब भी उन्हें बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने उन्हें टेस्ट में भी बतौर ओपनर आजमाने का मन बना लिया है। जिसकी शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान होने वाली है। 

अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या रोहित वनडे और टी-20 में बतौर ओपनर सफल हो सकेंगे। ऐसे में भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज ओपनर सुनील गावस्कर ने रोहित शर्मा को अहम सलाह दी है। गावस्कर ने बताया है कि रोहित अपने खेल के किस पहलू में सुधार करके  सफेद गेंद की क्रिकेट की तरह लाल गेंद की क्रिकेट में सफल हो सकते हैं। 

जब गावस्कर से यह पूछा गया कि क्या सहवाग की तरह टेस्ट क्रिकेट में बतौर ओपनर सफल होने के लिए रोहित शर्मा को क्या करना चाहिए तो उन्होंने कहा, जब हम रोहित शर्मा के बारे में बात करते हैं तो इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि उनका डिफेंस वीरेंद्र सहवाग की तरह मजबूत नहीं है। लेकिन उनके पास सहवाग से ज्यादा शॉट्स हैं। सहवाग ऑन साइड में शॉट्स नहीं खेल पाते थे लेकिन रोहित पुल और हुक दोनों कर सकते हैं। ऐसे में रोहित के पास ज्यादा आक्रामक शॉट्स हैं। लेकिन यदि वो अच्छी गेंदों के खिलाफ अपने डिफेंस को मजबूत कर लेते हैं तो वो भी सहवाग की तरह टेस्ट क्रिकेट में सफल ओपनर बन सकते हैं।'

गावस्कर ने आगे कहा, कई लोगों का यह मानना गलत है कि वीरेंद्र सहवाग का डिफेंस अच्छा नहीं था। मैंने दुनिया में बहुत कम बल्लेबाज ऐसे देखे हैं जिनका डिफेंस के करते हुए बैट नीचे की सहवाग जितना सीधा रहा हो। उन्होंने आगे कहा, बल्लेबाजी करते वक्त बैट और पैड जितने करीब हों जितना नवविवाहित जोड़ा एक दूसरे के करीब होता है। दोनों के बीच एक इंच की भी दूरी नहीं होनी चाहिए जहां से गेंद निकल सके।'

साल 2013 में शतकीय पारी के साथ टेस्ट क्रिकेट में आगाज करने वाले रोहित शर्मा पिछले 6 साल में 27 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंन 3 शतक और 10 अर्धशतक जड़े हैं। उनके पास भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर दिखाने के केवल तीन अर्धशतक हैं। दो शतक उनके बल्ले से करियर के शुरुआती दो टेस्ट मैचों में निकले थे।  ऐसे में अगल 25 टेस्ट में वो एक बार तीन अंक के आंकड़े को छू सके हैं। ऐसे में उनके सामने बतौर ओपनर खुद को साबित करने का अहम और आखिरी मौका है। देखते हैं कि वो एक बार फिर अपनी तकदीर बदलकर सहवाग की तरह सफल टेस्ट क्रिकेट साबित होंगे या युवराज सिंह के असफल टेस्ट क्रिकेटर की सूची में अपना नाम दर्ज कराते हैं। 
 

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