रिषभ पंत के समर्थन में उतरे कपिल देव और वीरेंद्र सहवाग, जानिए कही क्या बात 

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Updated Sep 26, 2019 | 07:00 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Kapil Sehwag Supports Rishabh Pant: खराब फॉर्म से गुजर रहे युवा विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत का कपिल देव और वीरेंद्र सहवाग ने समर्थन किया है। जानिए दोनों दिग्गजों ने क्या कहा....

Sehwag pant and Kapil
वीरेंद्र सहवाग रिषभ पंत और कपिल देव 

नई दिल्ली: टीम इंडिया में महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी माने जाने वाले रिषभ पंत के लिए सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। टीम के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री के अलावा मुख्य चयनकर्ता भी उन्हें चेतावनी दे चुके हैं। सभी ने एक सुर से कहा है कि यदि रिषभ बल्लेबाजी का लापरवाह रवैया नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। वहीं एमएसके प्रसाद तो यहां तक कह चुके हैं कि वो तीनों फॉर्मेट में पंत का विकल्प तलाशने में जुटे हैं। 

पंत का बल्ला वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं चला और वो बुरी तरह नाकाम रहे। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी-20 में वो केवल अर्धशतक जड़ सके थे इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू टी-20 सीरीज में भी उनका बल्ला नहीं चला ऐसे में वो एक बार फिर आलाचकों के निशाने पर आ गए हैं। ऐसे में उन्हें टीम इंडिया के दो पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों कपिल देव और वीरेंद्र सहवाग से समर्थन मिलता दिख रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने पंत के  समर्थन में बयान दिया है। 

ऐसे में कपिल देव ने कहा, 'मेरे हिसाब से पंत को बड़े शॉट्स खेलने से पहले बल्ले के स्वीट स्पॉट की आवाज सुननी चाहिए। इतनी जल्दबाजी क्यों करनी है। उनके पास क्षमता और साहस दोनों है। उन्हें धैर्य रखना होगा और अपनी आक्रामकता पर नियंत्रण करना होगा। सफलता और असफलता के बीच यही बारीक रेखा है। यदि आपके बल्ले से सही शॉट निकल रहे हैं तो आप हीरो हैं। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो ये आपके लिए सजा बन जाएगा। दोनों के बीच में एक को चुनना मुश्किल है लेकिन बहुत देर हो जाए उससे पहले निर्णय कर लें।'

वहीं सहवाग ने कहा, मैं इस स्थिति को फिलॉसफी की तरह लेता हूं। ऐसा ही रिषभ पंत को भी करना चाहिए। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि कोई भी फ्लॉप हो सकता है। लेकिन सबसे जरूरी है कि उन्हें कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री का समर्थन हासिल हो। इसके साथ ही उन्हें यह भी निर्णय लेना चाहिए कि वो अपना नेचुरल गेम खेलना चाहते हैं या परफॉर्मर बनना चाहते हैं।' 

सहवाग ने पंत को दो उदाहरण भी दिए उन्होंने कहा, मैं सफल होने से पहले 20 पारियों में फ्लॉप रहा इसके बाद रन बनाने में सफल हुआ लेकिन मुझे टीम मैनेजमेंट का सपोर्ट था। मैं अपने खेल में बदलाव किए बगैर फॉर्म वापस पाने में सफल रहा। इसी तरह एमएस धोनी भी अपने अंदाज में खेलते थे लेकिन ऐसा करते हुए टीम इंडिया ने मैच गंवा दिया इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ ने एमएस से बात की। इसके बाद धोनी के खेल में बदलाव आया। जैसा कि राहुल द्रविड़ चाहते थे धोनी परफॉर्मर बने। निश्चित तौर पर उन्होंने अपने नैसर्गिक खेल में बदलाव किया और आर्ट ऑफ फिनिशंग सीखी।  

सहवाग ने आगे कहा, मुझे लगता है कि पंत को एक परफॉर्मर बनने के बारे में भी  सोचना चाहिए। उन्हें अपने शॉट सेलेक्शन पर ध्यान देना चाहिए। उनके पास बहुत प्रतिभा है लेकिन यदि वो अपना शॉट सेलेक्शन बेहतर करते हैं तो मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि वो अगले 15 वर्ष तक भारतीय टीम की सेवा करेंगे। 

वहीं कपिल देव चाहते हैं कि पंत थोड़ा रिलैक्स होकर खेलें और अपने खेल में निरंतरता लाएं। उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि वो अपनी इच्छा के अनुसार चौके-छक्के जड़ सकते हैं लेकिन कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आपको निर्णय लेने पड़ते हैं। साल 1984 में एक बार मुझे टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया लेकिन मैंने इसके लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया। मैंने चयनकर्ताओं को टीम से बाहर करने का मौका दिया। पंत को अब किसी को भी खुद को टीम से बाहर करने से बाहर करने का मौका नहीं देने पर ध्यान देना चाहिए। अब बात उनके ऊपर है, एक बार वो अपना खोया फॉर्म और विश्वास हासिल कर लें तब तक हमें उनका समर्थन करना चाहिए।  
  

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