खराब बल्लेबाजी ने डुबोई सरफराज की लुटिया, गंवाई कप्तानी और हुए टीम से बाहर 

क्रिकेट
Updated Oct 18, 2019 | 18:47 IST | नवीन चौहान

सरफराज अहमद का बतौर पाकिस्तान क्रिकेट टीम का कप्तानी सफर गुरुवार को खत्म हो गया। खराब बल्लेबाजी ने उनकी लुटिया डुबो दी। जानिए कप्तानी करते हुए कैसा रहा उनका प्रदर्शन।

Sarfaraz Ahmed
Sarfaraz Ahmed   |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • साल 2016 में पहली बार सरफराज ने संभाली थी टीम की कमान
  • सीमित ओवरों में की अच्छी कप्तानी पर खुद की बल्लेबाजी रही नाकाम
  • टेस्ट क्रिकेट में नहीं लहरा पाए पाकिस्तान का परचम, टी-20 में बनाया टीम को नंबर वन

लाहौर: पाकिस्तान के कप्तान के रूप में सरफराज अहमद का सफर गुरुवार को थम गया। पीसीबी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज में टीम की 0-3 से करारी हार के बाद समीक्षा करते हुए सरफराज को कप्तानी से हटाने का निर्णय किया। उनकी जगह 25 वर्षीय बाबर आजम को टीम का नया टी20 कप्तान बनाया गया है। वहीं टेस्ट टीम की कमान अजहर अली के हाथों में सौंपी गई है। 

बात केवल सरफराज को कप्तानी से हटाने तक नहीं खराब फॉर्म की वजह से उन्हें टीम से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया।  इसी वजह से उन्हें कप्तानी से भी हाथ धोना पड़ा। वो निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन भी नहीं बना पा रहे थे और यहीं पर हार जीत का बड़ा अंतर पैदा हो रहा था। वो सीमित ओवर की क्रिकेट में सफल कप्तान साबित हो रहे थे। उनकी कप्तानी में टीम जीत भी हासिल कर रही थी लेकिन उनके बल्ले की नाकामी टीम के प्रदर्शन पर लगातार भारी पड़ती गई। 

टी-20 में टीम को बनाया नंबर वन 

सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान की टीम आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक पायदान पर पहुंची। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घर पर श्रीलंका के खिलाफ टी-20 सीरीज में  0-3 की करारी हार का सामना करने के बाद भी टीम आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक पोजीशन पर कायम है। अप्रैल 2016 में सरफराज पाकिस्तान की टी-20 टीम के कप्तान बने थे। तीन साल में उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने 37 मैच खेले जिसमें से 29 में टीम विजयी रही। वहीं केवल 8 मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा। उनकी कप्तानी में टीम का जीत प्रतिशत 78.37 रहा। इसे शानदार कहा जा सकता है। लेकिन बल्लेबाज के रूप में वो यहां भी फ्लॉप रहे। 37 टी-20 में कप्तानी करते हुए वो टीम के लिए 27. 42 के मामूली औसत से केवल 521 रन बना सके। 

वनडे में दिलाया चैंपियस ट्ऱॉफी का खिताब 

वनडे क्रिकेट में सरफराज ने 50 मैच में टीम की कमान संभाली। इस दौरान बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 32.16 के औसत से महज 804 रन बनाए। औसत बल्लेबाजी के बावजूद सरफराज का वनडे में बतौर कप्तान अच्छा प्रदर्शन था। उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने 50 में से 28 मैच में जीत हासिल हुई और 20 में हार का सामना करना पड़ा। 2 मैच का कोई परिणाम नहीं निकला। उनकी कप्तानी में पाकिस्तानी टीम 58.33 प्रतिशत मैच जीतने में सफल रही। उन्होंने पाकिस्तान को इस दौरान पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी दिलाया। लेकिन आलोचकों ने इस जीत को तुक्का बताया था। 

टेस्ट क्रिकेट में नहीं रास आई कप्तानी 

टेस्ट मैच में कप्तान के रूप में सरफराज का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान ने 13 टेस्ट मैच खेले जिसमें से केवल 4 में उसे जीत मिली जबकि 8 में हार का मुंह देखना पड़ा। जबकि केवल एक मैच बराबरी पर समाप्त हुआ। उनकी कप्तानी में टीम का जीत प्रतिशत 30.76 रहा। बतौर बल्लेबाज भी टेस्ट में उनका बल्ला नाकाम रहा 13 टेस्ट मैच में 25.81 के औसत से 568 रन बना सके। 

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