एकलौता टेस्ट क्रिकेटर जिसे मिली थी सजा-ए-मौत, बर्दाश्त नहीं हुई पत्नी की बेवफाई 

दुनियाभर में जेंटलमेंस गेम के रूप में पहचान रखने वाले क्रिकेट के इतिहास में भी कुछ पन्ने सियाह हैं। टेस्ट इतिहास में एक ऐसा खिलाड़ी भी हुआ है जिसे सजा-ए-मौत मिली थी।

Leslie Hylton hanged
Leslie Hylton hanged 

मुख्य बातें

  • वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज को मिली थी सजा ए मौत
  • पत्नी की हत्या करने की वजह से मिली थी ये सजा
  • जमैका के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले लेस्ली की पहचान एक शानदार क्रिकेटर की थी

नई दिल्ली: क्रिकेट को भद्रजनों यानी जेंटलमेंस गेम कहा जाता है। लेकिन इस खेल के इतिहास में भी कुछ सियाह पन्ने हैं जो इस खेल की पारंपरिक छवि के विपरीत हैं। ऐसा ही एक पन्ना वेस्टइंडीज के एक पूर्व टेस्ट क्रिकेटर से लेस्ली हिल्टन से जुड़ा है। हिल्टन टेस्ट क्रिकेट इतिहास के एकलौते खिलाड़ी हैं जिन्हें फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया गया।

वेस्टइंडीज के लिए खेले 6 टेस्ट
लेस्ली हिल्टन मूल रूप से जमैका के रहने वाले थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 1935 से 1939 के बीच छह टेस्ट मैच खेले थे। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने जमैका के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेली। 29 मार्च 1905 को जमैका के किंग्सटन शहर में जन्मे लेस्ली ने दांए हाथ के तेज गेंदबाज थे। साल 1935 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिजटाउन में टेस्ट डेब्यू किया था। अपने करियर के पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने 8 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने 1 विकेट हासिल किया। ये सीरीज उनके लिए अच्छी रही और चार टेस्ट मैच में उन्होंने 19.33 की औसत से कुल 13 विकेट लिए।

हिल्टन को द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत से पहले इंग्लैंड दौरे के लिए वेस्टइंडीज की टीम में शामिल किया गया था। लेकिन चार साल बाद वो डेब्यू सीरीज के प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रहे। उन्हें लॉर्ड्स और मैनचेस्टर टेस्ट के लिए एकादश में शामिल किया गया लेकिन वो चार पारी में केवल 3 विकेट ले सके। इसके बाद विश्व युद्ध के कारण उनके प्रथमश्रेणी और टेस्ट करियर पर विराम लग गया।

उन्होंने अपने करियर में 6 टेस्ट और 40 प्रथमश्रेणी मैच खेले। इस दौरान 6 टेस्ट की 12 पारियों में 26.12 के औसत और 2.59 की इकोनॉमी के साथ उन्होंने 16 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 27 रन देकर 4 विकेट रहा। उन्होंने ये प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ जॉर्ज टाउन में किया। वहीं प्रथम श्रेणी करियर में उन्होंने 40 मैच में 25.62 की औसत से 120 विकेट हासिल किए और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 24 रन देकर 5 विकेट रहा। 

इसलिए मिली फांसी की सजा
लेस्ली हिल्टन ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। 1942 में उन्होंने पुलिस इन्सपेक्टर की बेटी लॉरलिन रोज से शादी की थी। शरुआत में उनका वैवाहिक जीवन अच्छी तरह गुजरा। 1947 में लॉरलिन ने बेटे को जन्म दिया। हिल्टन की पत्नी बेहद महत्वकांक्षी थी और वो फैशन डिजाइनर बनना चाहती थीं। इस वजह से वो लंबे समय तक घर से दूर भी रहती थीं और न्यूयॉर्क में फैशन डिजायनिंग का प्रशिक्षण भी हासिल कर रही थीं। हिल्टन के घर में उनके बच्चों की देखरेख नहीं हो पा रही थी इसलिए वो रोज परिवार के घर में रहने लगे।

सहन नहीं हुई पत्नी की बेवफाई 
उनकी पत्नी का न्यूयॉर्क आना जाना लगा रहता था ऐसे में उन्हें 1954 में एक बेनाम पत्र मिला जिसमें एक व्यक्ति के साथ उनकी पत्नी के अवैध संबंधों के बारे में पता चला। उन्होंने पत्नी को तत्काल वापस लौटने को कहा पत्नी ने किसी भी व्यक्ति से अफेयर की बात का खंडन किया। लेकिन उनके लौटने से एक दिन पहले उन्होंने आत्मरक्षा के नाम से एक रिवॉल्वर खरीदी। पत्नी पत्नी के बीच हुई बहस के दौरान जब पत्नी ने अफेयर की बात स्वीकार की तो लेस्ली ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अदालत ने उन्हें पत्नी की हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई। 17 मई 1955 को 50 साल की उम्र में उन्हें फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया गया।  


 

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