युवराज सिंह ने एमएस धोनी और विराट कोहली पर उठाए सवाल

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज रहे युवराज सिंह ने एक बार फिर महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली पर सवाल उठाए हैं।

Yuvraj Singh
Yuvraj Singh 

मुख्य बातें

  • साल 2000 में नैरोबी में सौरव गांगुली की कप्तानी में युवराज ने किया था डेब्यू
  • युवराज ने सौरव गांगुली को बताया करियर का सर्वश्रेष्ठ कप्तान
  • अन्य कप्तानों से नहीं मिला करियर में गांगुली जितना सहयोग

नई दिल्ली: टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह के बारे में क्रिकेट प्रेमी जब भी सोचते हैं तो उनके मन में एक ऐसे खिलाड़ी की छवि उभरकर सामने आती है जो बेधड़क और बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करता था। जो विरोधी टीम के गेंदबाजों की आखों में आंखे डालकर प्रहार करता था। 
युवराज एक मैच विजेता खिलाड़ी थे जिन्होंने भारतीय टीम का गौरव कई बार बढ़ाया और टीम इंडिया को 2007 में टी20 और 2011 में वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हाल ही में एक खुलासा करते हुए कहा कि सौरव गांगुली की कप्तानी में उन्हें जैसा समर्थन मिला वैसा एमएस धोनी और विराट कोहली की कप्तानी में नहीं मिला।   युवराज ने सौरव गांगुली की कप्तानी में साल 2000 में कीनिया की राजधानी नैरोबी में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय पारी में धमाकेदार अर्धशतक जड़कर टीम को जीत दिलाई थी।  

गांगुली और धोनी में चुनाव करना मुश्किल 
युवराज अपने करियर में गांगुली के अलावा राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, एमएस धोनी और विराट कोहली की कप्तानी में खेले। युवराज ने सौरव गांगुली को अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ कप्तान बताया है। उन्होंने कहा, मैंने सौरव गांगुली के नेतृत्व में बहुत क्रिकेट खेली और उस दौरान मुझे बहुत सपोर्ट मिला। इसके बाद माही( महेंद्र सिंह धोनी) के हाथों में टीम की कमान आ गई। हांलाकि सौरव और माही के बीच चुनाव करना थोड़ा मुश्किल है लेकिन मेरे जेहन में सौरव गांगुली के दौर की ज्यादा यादें हैं क्योंकि उन्होंने उस दौरान मेरा खुलकर सपोर्ट किया। उस जैसा सपोर्ट मुझे माही और विराट के दौर में नहीं मिला।

माही की कप्तानी में युवी ने किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 
युवराज ने अपने करियर में 304 वनडे खेले जिसमें से 110 मैच उन्होंने गांगुली की और 104 धोनी की कप्तानी में खेले। हालांकि युवराज ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन धोनी की कमान में खेलते हुए किया। धोनी की कप्तानी में उन्होंने 104 वनडे में 3077 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 37 का था। वहीं गांगुली की कप्तानी में वो महज 30 के औसत से 2640 रन बना सके। धोनी की कप्तानी के दौरान युवराज एक परिपक्व और अनुभवी बल्लेबाज के लिए रूप में स्थापित हो चुके थे। 

सीनियर खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखा, अब नहीं है ये परंपरा 
युवराज ने अपने करियर के शुरुआत दिनों को याद करते हुए कहा कि अचानक ड्रेसिंग रूम में भारतीय क्रिकेट सितारों के बगल में बैठना बेहद रोचक था। उन्होंने कहा, मैं साल 2000 में टीम में आया था उस वक्त आईपीएल नहीं था। मैं अपने क्रिकेटिंग हीरोज को टीवी पर देखता था अचानक मुझे ड्रेसिंग रूम में बैठने का मौका मिल गया। मुझे उनसे बहुत सम्मान मिला और मैंने उनसे ये सीखा कि कैसे व्यवहार करते हैं और मीडिया से कैसे बात करते हैं। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। अब टीम में बहुत कम सीनियर खिलाड़ी हैं जो युवा खिलाड़ियों को गाइड करते हैं।'
 

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