टेस्ट क्रिकेट में भारत के नाम रहा 21वीं सदी का दूसरा दशक, धोनी-विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने रचा इतिहास

क्रिकेट
Updated Nov 14, 2019 | 14:53 IST

Decade of susess for Indian Cricket: बांग्लादेश के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के साथ ही सफेद जर्सी में भारतीय टीम 21वीं सदी के दूसरे दशक का अंत करेगी। इस दशक में भारतीय टीम की दबंगई दुनियाभर में दिखाई दी।

Indian Cricket team Indore test
Indian Cricket team Indore test  |  तस्वीर साभार: AP

इंदौर: भारतीय क्रिकेट टीम गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ इंदौर में दो टेस्ट मैच की सीरीज के पहले मैच में मुकाबला करने उतरी। टीम इंडिया की यह इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक की यह आखिरी टेस्ट सीरीज है। धोनी और विराट की कप्तानी में भारतीय टीम की धमक दुनियाभर में सुनाई दी। इसका असर आईसीसी रैंकिंग में भी नजर आया। भारतीय टीम लंबे समय तक दुनिया की नंबर एक टीम बनी रही। धोनी बतौर कप्तान जो विरासत छोड़कर गए थे विराट ने उसे आगे बढ़ाया। आइए नजर डालते हैं भारतीय टीम के टेस्ट क्रिकेट में पिछले 10 साल के प्रदर्शन पर। 

भारतीय टीम ने 21वीं सदी के दूसरे दशक का आगाज बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के साथ किया था और बांग्लादेश की खिलाफ ही अंत कर रही है। बांग्लादेश के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की कप्तानी ने सफेद जर्सी में शानदार प्रदर्शन किया है। साल 2014 में धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट ने टीम की कमान संभाली और टीम इंडिया ने सफलता का नया इतिहास रच दिया। 

जीते पचास प्रतिशत से ज्यादा मैच 

मौजूदा टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया ने पिछले दस साल में कुल 103 टेस्ट मैच खेले जिसमें से टीम इंडिया ने 53 में जीत हासिल की जबकि 29 में उसे हार का मुंह देखना पड़ा जबकि 22 मैच बराबरी पर समाप्त हुए। इस दौरान धोनी की कप्तानी में भारत ने 50 मैच खेले जिसमें से 20 में उसे जीत मिली जबकि 18 में हार का सामना करना पड़ा लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम की कमान संभालते ही विराट ने भारतीय टेस्ट टीम का चाल चरित्र और चेहरा पूरी तरह बदल दिया। पिछले पांच सालों में विराट की कप्तानी में भारतीय टीम ने 51 मैच खेले और 31 में जीत हासिल की जबकि इस दौरान टीम को केवल 10 मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा और 10 मैच ड्रॉ रहे। वहीं विराट की गैरमौजूदगी में इस दौरान अजिंक्य रहाणे ने 2 मैच में टीम की कप्तानी की जिसमें से दोनों में ही भारतीय टीम को जीत मिली। 

एक दशक में जीती 35 में से 21 टेस्ट सीरीज
17 सीरीज में विराट ने टीम इंडिया की कमान संभाली जिसमें से 12 में भारतीय टीम को जीत मिली और दो सीरीज में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई। विराट की कप्तानी में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका में 1-2 से और इंग्लैंड दौर पर 1-4 के अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा था। वहीं बांग्लादेश के खिलाफ एक मैच की टेस्ट सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी। विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने घर पर कोई सीरीज नहीं गवांई जबकि केवल एक टेस्ट मैच( ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पुणे में) हार का सामना करना पड़ा। वहीं धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 18 सीरीज खेली जिसमें से 8 में उसे जीत मिली जबकि 7 में हार का सामना करना पड़ा जबकि तीन सीरीज बराबरी पर समाप्त हुईं।

एशिया के बाहर टीम को धोनी की कप्तानी में एक भी सीरीज में जीत नहीं मिली। धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम को घर पर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवानी पड़ी। वहीं एशिया के बाहर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका कहीं भी भारतीय टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में तो टीम को सीरीज में सूपड़ा साफ हो गया। रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को एकमात्र टेस्ट मैच में मात देकर सीरीज पर कब्जा किया था। धोनी के बाद विराट की कप्तानी में भारत ने एक बार फिर अपनी दबंगई कायम की वहीं विदेश में भी टीम इंडिया की जीत का परचम लहराया। ऑस्ट्रेलिया को उसके घर पर पहली बार भारतीय टीम उसके घर पर मात देने में सफल रही। भले ही विदेशी सरजमीं पर विराट की कप्तानी में टीम ज्यादा सीरीज नहीं जीत सकी लेकिन विरोधी टीमों के सामने कड़ा चुनौती पेश की। 

5 साल रही दुनिया की नंबर एक टीम

टीम इंडिया अक्‍टूबर 2016 से अब तक यानी करीब 37 महीनों से आईसीसी टेस्‍ट टीम रैंकिंग में शीर्ष स्‍थान पर बरकरार है। टीम इंडिया सबसे पहले महेंद्र सिंह धोनी की कप्‍तानी में नवंबर 2009 में आईसीसी टेस्‍ट रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंची थी। तब टीम इंडिया ने 21 महीने यानी अगस्‍त 2011 तक अपना शीर्ष स्‍थान कायम रखा था। इसके बाद जनवरी 2016 में विराट कोहली की कप्‍तानी में भारतीय टीम दोबारा आईसीसी टेस्‍ट टीम रैंकिंग में नंबर-1 बनी। हालांकि, वह ज्‍यादा समय शीर्ष पर नहीं रह सकी और एक महीने बाद ही उससे गद्दी छिन गई। फिर अगस्‍त 2016 में तो और भी कमाल हो गया। भारत सिर्फ चार दिन आईसीसी टेस्‍ट टीम रैंकिंग में नंबर-1 बना। इसके बाद अक्‍टूबर 2016 से भारत ने अपना दबदबा बरकरार रखा। बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज की समाप्ति के बाद भी टीम इंडिया नंबर एक पर बनी रहेगी। यानी कुल 60 महीने यानी पांच साल भारतीय टीम नंबर एक पोजीशन पर बनी रही। इसी से टीम इंडिया की टेस्ट क्रिकेट में दबंगई का अनुमान लगाया जा सकता है। 

डिस्क्लेमर: इस प्रस्तुत लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं और टाइम्स नेटवर्क इन विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता है।

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