कनेरिया ने आखिरकार खुलकर निकाली मन की भड़ास, कहा- मैं हिंदू हूं, इसलिए पाकिस्‍तान में...

Danish Kaneria on PCB: दानिश कनेरिया में पाकिस्‍तान का दिग्‍गज लेग स्पिनर बनने की क्षमता थी, लेकिन उनका करियर छोटा रह गया क्‍योंकि बिना पर्याप्‍त कारण बताए कनेरिया को टीम से बाहर कर दिया गया।

danish kaneria
दानिश कनेरिया 

मुख्य बातें

  • दानिश कनेरिया ने पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मदद मांगी
  • कनेरिया ने कहा कि मैं हिंदू हूं, इसलिए पीसीबी मेरे मामले में सो रहा है
  • कनेरिया ने इससे पहले पाकिस्‍तान टीम के अपने साथियों पर भेदभाव के आरोप लगाए थे

कराची: पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने लगातार ट्वीट करके एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। पहले धार्मिक आधार पर भेदभाव झेलने की बात बता चुके कनेरिया ने अब पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) पर निशाना साधा है। कनेरिया ने पीसीबी पर आरोप लगाया कि वह उनके मामले में सो रहा है और प्रधानमंत्री इमरान खान से इस मामले में देखने की गुजारिश की। 

कनेरिया ने अपने पहले ट्वीट में लिखा, 'पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड मेरे मामले में सो रहा है क्‍योंकि मैं गौरवान्वित हिंदू हूं, जय अंबे। भगवान ने मुझ पर दया करी, उम्‍मीद है कि पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी मदद करेंगे। मैं गुजारिश करता हूं। सब का होगा सिर्फ मेरा नहीं।' लेग स्पिनर ने अगला ट्वीट किया, 'मैं जल्‍द ही पीसीबी को भेजे और प्राप्‍त हुए खत साझा करूंगा। मैं पाकिस्‍तान का नागरिक हूं। मैंने उनसे अधिकार हासिल करने की अनुमति मांगी और उन्‍होंने मना कर दिया। ऐसा क्‍यों। मैं खेल नहीं सकता, लेकिन कोचिंग तो कर सकता हूं।'

भेदभाव के हो चुके हैं शिकार

दानिश कनेरिया पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम के अपने साथियों पर भेदभाव का  आरोप लगा चुके हैं। 2000 में डेब्‍यू करने वाले 39 साल के कनेरिया ने 61 टेस्‍ट और 18 वनडे में पाकिस्‍तान का प्रतिनिधित्‍व किया। उन्‍होंने राष्‍ट्रीय टीम के लिए सभी प्रारूपों में कुल मिलाकर 276 विकेट चटकाए। कनेरिया में पाकिस्‍तान के सर्वश्रेष्‍ठ में से एक स्पिनर बनने की क्षमता थी, लेकिन उनका करियर बहुत जल्‍द खत्‍म हो गया। उन्‍हें बिना कोई कारण बताए टीम से बाहर कर दिया गया।

धार्मिक कार्ड नहीं खेला

कनेरिया पहले भी कई भड़कीले बयान दे चुके हैं और फिर कह चुके हैं कि मैं धार्मिक कार्ड नहीं खेल रहा हूं। उन्‍होंने अपने आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर कहा था, 'बात शुरू हुई शोएब अख्‍तर के बयान को लेकर। इसके बाद कई सवाल खड़े हुए कि मैंने 10 साल बिना भेदभाव के पाकिस्‍तान के लिए क्रिकेट खेला और अब आरोप लगा रहा हूं। मैंने अपनी सफाई में कहा कि मैंने 10 साल पूरी लग्‍न और मेहनत के साथ क्रिकेट खेली और अपने किसी प्रतिद्वंद्वी को आगे नहीं बढ़ने दिया।

इसके बाद लोग बोल रहे हैं कि पीसीबी पर मैंने भेदभाव के आरोप लगाए हैं। मैं बताना चाहता हूं कि मेरा फिक्सिंग का मामला काउंटी क्रिकेट का है। मैंने उसे स्‍वीकार किया और मुझ पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। मैंने पीसीबी और प्रधानमंत्री इमरान खान का दरवाजा बहुत बार खटखटाया, लेकिन किसी ने मेरी स्थिति समझने की कोशिश नहीं की। मैंने निजी तौर पर आईसीसी को पत्र लिखा, लेकिन वहां से जवाब आया कि आपका बोर्ड इस बारे का पत्र लिखकर हस्‍तक्षप करेगा।'

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