रवि शास्त्री ने कहा-फिलहाल दिमाग में भी नहीं होना चाहिये क्रिकेट, टीम के लिए अच्छा है ब्रेक

क्रिकेट
भाषा
Updated Mar 28, 2020 | 17:00 IST

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री ने कोरोना को गंभीर बताते हुए कहा है कि इस समय किसी के दिमाग में भी क्रिकेट नहीं होना चाहिए। लेकिन टीम के लिए अच्छा है ब्रेक। जानिए उन्होंने और क्या कहा?

Ravi Shastri
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मुख्य बातें

  • शास्त्री ने कहा, टीम इंडिया के लिए अच्छा है कोरोना ब्रेक
  • दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के स्थगित होने के बाद हो गया था स्थिति का अंदाजा
  • अच्छा हुआ सही समय पर न्यूजीलैंड दौरे से हो गई टीम की वापसी

नई दिल्ली: भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि कोविड-19 के कारण पूरी दुनिया मानों रुक जाने से भारतीय टीम को मिला यह विश्राम 'स्वागत योग्य' है जिसने पिछले साल मई में विश्व कप के बाद से महज 10-11 दिन घर पर बिताये हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनिया भर में सारे खेल बंद हैं।

शास्त्री ने कहा, 'यह विश्राम बुरा नहीं है क्योंकि न्यूजीलैंड दौरे के आखिर में थकान हावी होने लगी थी। शारीरिक और मानसिक थकान और चोटें।' वह स्काय स्पोटर्स पॉडकास्ट पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आर्थटन, नासिर हुसैन और रॉब की से बात कर रहे थे। शास्त्री ने कहा कि खिलाड़ी इस समय का इस्तेमाल तरोताजा होने के लिये कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, 'पिछले दस महीने में हमने काफी क्रिकेट खेली है जिसकी थकान अब दिखने लगी थी। मैं और सहयोगी स्टाफ के कुछ सदस्य इंग्लैंड में विश्व कप के लिये 23 मई को निकले थे और अब तक 10 या 11 दिन ही घर पर रुक सके हैं।' उन्होंने कहा, 'कुछ खिलाड़ी तीनों प्रारूप खेल रहे हैं तो आप समझ सकते हैं कि वे कितने थके होंगे। टेस्ट से टी20 क्रिकेट के अनुकूल खुद को ढालना और इतनी यात्रा करना आसान नहीं है।'

विश्व कप के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज गई और लंबी घरेलू श्रृंखला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी खेली। इसके बाद न्यूजीलैंड का पूरा दौरा किया।
भारत में इस समय 21 दिन का लॉकडाउन है और शास्त्री ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला रद्द होने के बाद उनके खिलाड़ियों को अनुमान हो गया था कि ऐसा कुछ होगा। 

उन्होंने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला के दौरान यात्रा में होने के कारण हमें लग गया था कि ऐसा कुछ होगा। बीमारी उसी समय फैलना शुरू हुई थी। दूसरा वनडे रद्द होने के बाद हम समझ गए कि लॉकडाउन जरूरी है।'

उन्होंने कहा, 'जब हम न्यूजीलैंड से लौटे तो शुक्र है कि हम सही समय पर लौट गए। उस समय वहां दो ही मामले थे लेकिन अब 300 हैं। वह हवाई अड्डे पर स्क्रीनिंग और जांच का पहला दिन था।' शास्त्री ने कहा, 'ऐसे समय में हम सभी का फर्ज है कि लोगों को जागरूक बनाये। क्रिकेट इस समय दिमाग में होना भी नहीं चाहिये। विराट ने संदेश दिया है, दूसरे भी दे रहे हैं। उन्हें पता है कि मामला गंभीर है और अभी क्रिकेट जरूरी नहीं है।'


 

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