कोरोना से जंग के लिए बीसीसीआई ने खोला अपना खजाना, किया इतने करोड़ के दान का ऐलान 

कोरोना के खिलाफ भारत की जंग के लिए बीसीसीआई ने अपना खजाना खोलकर करोड़ों रुपये दान करने का ऐलान किया है।

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BCCI 

मुख्य बातें

  • बीसीसीआई ने कोरोना के खिलाफ जंग के लिए 51 करोड़ रुपये किए दान
  • प्रेस रिलीज जारी कर कहा लोगों का स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता, आगे भी रखेंगे नजर और करेंगे मदद
  • क्रिकेट खिलाड़ी व्यक्तिगत तौर पर भी कर रहे हैं दान

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई ने कोरोना के खिलाफ जंग के लिए अपना खजाना खोलते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गठित केयर्स फंड में 51 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया है। बीसीसीआई ने शनिवार को इसका ऐलान प्रेस रिलीज जारी करके किया। 

बीसीसीआई द्वारा इस संबंध में जारी प्रेस रिलीज में कहा, बोर्ड के अध्यक्ष अध्यक्ष सौरव गांगुली, सचिव जय शाह, बीसीसीआई के अन्य अधिकारियों और राज्य क्रिकेट संघों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री केयर्स फंड में 51 करोड़ रुपये दान करने का फैसला किया है। जिससे कि देश की आपदा का सामना करने की क्षमता में इजाफा हो सके और देशवासियों को कोरोना वायरस( कोविड 19) के प्रकोप से बचाया जा सके। 

रिलीज में आगे कहा गया, कोरोना वायरस की वजह से उत्पन्न स्थिति से लड़ना देश के लिए लड़ना पहली प्राथमिकता है। ऐसे में बीसीसीआई परीक्षा की इस घड़ी में हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। बीसीसीआई प्रधानमंत्री की पहल पीएम केयर्स फंड में 51 करोड़ रुपये की राशि दान देने का फासला किया है जिसका प्राथमिक उद्देश्य आपातकालीन स्थिति से निपटना है। 

बीसीसीआई राज्य क्रिकेट संघों के साथ मिलकर स्थिति पर करीब से नजर रखेगा इसके साथ ही इस विपरीत परिस्थिति में भारत सरकार और राज्य सरकार और अन्य रेगुलेटरी संस्थाओं के साथ सामन्जस्य बनाकर अपनी ओर से सहयोग करता रहेगा। 



क्रिकेटर्स व्यक्तिगत तौर पर भी कर रहे हैं दान
भारत के पूर्व एवं वर्तमान क्रिकेटर भी लगातार प्रधानमंत्री राहत कोष में कोरोना के खिलाफ जंग के लिए दान कर रहे हैं और इसके साथ ही देशवासियों से सहयोग करने की अपील कर रहे हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर 50 लाख और सुरेश रैना 52 लाख रुपये के दान का ऐलान कर चुके हैं। वहीं सौरव गांगुली ने व्यक्तिगत तौर पर बंगाल में लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 50 लाख रुपये की कीमत के चावल गरीबों को दान करने की घोषणा पहले ही कर दी थी। वहीं धोनी ने पुणे की एक एनजीओ को 1 लाख रुपये दिहाड़ी मजदूरों की मदद के लिए दान दिए हैं। 

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