प्रयागराज

Sonbhadra Mine Accident: खदान हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत, चट्टान के नीचे और मजदूरों के दबे होने की आशंका; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सोनभद्र खदान हादसे के बाद करीब 40 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस दौरान 5 और शव मिलने के बाद हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। चट्टान के नीचे और भी मजदूरों के दबे होने की आशंका है। भारी चट्टानों को मशीन से काटकर हटाने का प्रयास जारी है।

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सोनभद्र खदान हादसा (फाइल फोटो|ANI)

Sonbhadra Mine Collapsed: सोनभद्र खदान हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 5 और शव बरामद किए गए। घटनास्थल पर करीब 40 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। चट्टान के नीचे और भी मजदूर दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जिन्हें बचाने के लिए भारी चट्टान को मशीनों की मदद से काटने और हटाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर NDRF और SDRF की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। यह भीषण हादसा खदान में पत्थर तोड़ने के दौरान हुआ।

जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने बताया कि 16 और 17 नवंबर की मध्यरात्रि से लेकर सोमवार दोपहर तक मलबे से पांच और शव बरामद किये गये हैं। जिनकी पहचान इंद्रजीत (30), संतोष (30), रवींद्र (18), राम खेलावन (32) और कृपाशंकर के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि पांच और शव बरामद होने के बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गयी है।

रॉबर्ट्सगंज सपा सांसद ने की मुआवजे की मांग

रॉबर्ट्सगंज से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि माफिया द्वारा चलाए जा रहे अवैध खनन के कारण यह घटना हुई।उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा और प्रत्येक परिवार को एक सरकारी नौकरी देने की मांग की। वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीयूष मोर्डिया ने बताया कि बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे मलबे को हटाने का कार्य शनिवार रात से ही लगातार जारी है। एडीजी ने बताया कि चूंकि पहाड़ी से गिरे पत्थर काफी बड़े हैं, इसलिए सावधानीपूर्वक कार्य किया जा रहा है और इसके कारण राहत कार्य में भी समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास पर्याप्त उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध हैं तथा पूरा प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।

पुलिस ने स्पेशल टीम का किया गठन

सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि शनिवार को शाम साढ़े चार बजे ओबरा थाने को सूचना मिली कि बिल्ली मारकुंडी स्थित ‘कृष्णा माइनिंग वर्क्स’ के खदान में पहाड़ी का एक भाग दरकने से कई मजदूर पत्थर/मलबे में दब गए हैं। उन्होंने कहा कि ओबरा पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम के गठन का प्रयास कर रही है।

शनिवार शाम को जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि कृष्णा माइंस में एक हिस्सा ढह जाने से वहां कार्यरत कुछ मजदूर मलबे में दब गए हैं। उन्होंने कहा कि मशीनों की मदद से मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम भी बचाव कार्य में जुटी है। जिलाधिकारी ने कहा कि मलबे में कितने लोग दबे हैं इसकी सटीक संख्या का फिलहाल पता नहीं लग सका है।

इस बीच, अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा करने के बाद उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री और स्थानीय विधायक संजीव कुमार गोंड ने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ढही हुई पत्थर की खदान के मलबे में ‘‘करीब 12 मजदूरों’’ के दबे होने की आशंका है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फंसे हुए मजदूरों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।

(इनपुट - भाषा)

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Pooja Kumari
Pooja Kumari Author

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी... और देखें

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