राहुल गांधी के मछली पकड़ने पर BJP के वार पर मुकेश साहनी का पलटवार
हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मछली पकड़ने के कार्यक्रम पर बीजेपी द्वारा किए गए तंज पर वीआईपी (VIP) सुप्रीमो मुकेश साहनी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। साहनी ने स्पष्ट कहा कि जिस प्रकार राहुल गांधी ने मल्लाह (निषाद) समुदाय के लोगों के बीच जाकर उनके दर्द और कष्ट को समझने का प्रयास किया, उससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पेट में दर्द शुरू हो गया है।
साहनी ने इस तंज को निषाद समाज का सीधा अपमान बताया। उन्होंने तर्क दिया कि जब एक बड़ा नेता समुदाय के पारंपरिक काम को समझने के लिए स्वयं जाल बिछाना और मछली पकड़ना सीख रहा है, तो उस पर सत्ताधारी पार्टी का इस प्रकार कटाक्ष करना निषाद समाज के लिए अपमान की बात है। साहनी ने यह भी कहा कि इस तरह की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि कुछ ताकत नहीं चाहती कि मल्लाह समुदाय का कोई व्यक्ति राजनीतिक या सामाजिक रूप से आगे बढ़े।
मुकेश साहनी ने दावा किया कि राहुल गांधी के इस कदम से न केवल बिहार, बल्कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित पूरे देश का निषाद समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है। साहनी ने आगे कहा कि राहुल गांधी जैसे बड़े नेता, जो प्रधानमंत्री पद के एक संभावित दावेदार हैं, उनके समुदाय के साथ जुड़ना चाहते हैं और उनकी समस्याओं को सुनना चाहते हैं, तो यह उनके लिए गर्व का विषय है। साहनी के अनुसार, राहुल गांधी का सीधे मल्लाहों के बीच जाकर उनकी आजीविका की बारीकियों को समझना, यह दर्शाता है कि वह पिछड़े समाज पर रहने वाले समुदायों को मुख्यधारा में लाना चाहते हैं। इससे निषाद समाज गौरवान्वित है। राहुल गांधी के निषाद समुदाय के लोगों से मिलना उनके लिए एक नई उम्मीद बन गया है।
वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी ने बीजेपी के कटाक्ष को ऐतिहासिक अन्याय से जोड़ा। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि इस तरह के तंज से स्पष्ट होता है कि वह नहीं चाहते हैं कि एक अति पिछड़ा मल्लाह का बेटा आगे बढ़े। साहनी ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि हजारों वर्षों तक इन लोगों ने दबाकर रखा गया और अपने पैरों के तले कुचल दिया था। इसलिए, जब कोई बड़ा नेता उनके बीच जाकर उनके उत्थान की बात करता है, तो यह पीड़ा (NDA की) सामने आती है। साहनी का मानना है कि राहुल गांधी के इस सांकेतिक कदम ने मल्लाह/निषाद समुदाय को मान्यता और सम्मान मिला है, जिसे राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश की जा रही है।