बिहार सीएनजी सेमिनार 2025
Bihar CNG Seminar 2025: बिहार में सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने और वाहनजनित प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से बुधवार को होटल मौर्या, पटना में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सीएनजी सेमिनार का आयोजन किया गया। इस आयोजन की पहल परिवहन विभाग ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) के सहयोग से की। सेमिनार में वाहन निर्माता कंपनियों, सीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं, प्रमुख ऑयल कंपनियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों एवं ट्रांसपोर्टरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग मिहिर कुमार सिंह ने किया। उद्घाटन सत्र में बोलते हुए मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को सीएनजी आधारित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के साथ-साथ अन्य प्रमुख बस स्टैंडों पर भी सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिससे बसों को ईंधन की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न हो। उन्होंने आश्वस्त किया कि सीएनजी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए परिवहन विभाग हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा, ताकि राज्य में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित की जा सके।
बिहार में पर्यावरण-अनुकूल ईंधनों के प्रोत्साहन के लिए बुधवार को पटना स्थित होटल मौर्या में आयोजित राज्य स्तरीय सीएनजी सेमिनार में कई अहम घोषणाएं की गईं। कार्यक्रम में राज्य सरकार, केंद्र सरकार के उपक्रमों, विशेषज्ञों और निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के उपयोग को प्रोत्साहित करने और इससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर गंभीर चर्चा हुई।
परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में सीएनजी और पीएनजी के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं के डाटा बेस का उपयोग कर लक्षित जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग सीएनजी/पीएनजी के उपयोग की दिशा में प्रेरित हो सकें।
नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा ने अपने संबोधन में बताया कि सरकार अपशिष्ट प्रबंधन को सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल में बदलने पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य "कचरे से संसाधन" की अवधारणा को व्यवहार में लाना है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और ऊर्जा की बचत संभव होगी।
राज्य परिवहन आयुक्त आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि यह सेमिनार वैकल्पिक और पर्यावरण-मित्र ईंधनों विशेषकर सीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि सीएनजी न केवल वर्तमान की जरूरत है बल्कि भविष्य का ईंधन भी है। सरकार इसकी पहुंच और उपयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बिहार में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नीति पर प्रस्तुति दी। तेल कंपनियों की संयुक्त प्रस्तुति में वर्तमान नेटवर्क, भविष्य की योजनाएं और अवसंरचना से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। वहीं, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने सीएनजी वाहनों के तकनीकी पक्ष और उनके पर्यावरणीय एवं आर्थिक लाभों को समझाया।
गेल इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक ने बताया कि बिहार के सभी 38 जिले अब सीएनजी नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। वर्तमान में 197 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं, और मार्च 2026 तक 252 नए स्टेशन स्थापित करने की योजना है। आगामी छह महीनों में 55 नए स्टेशन शुरू किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अब तक 1.5 लाख से अधिक सीएनजी ऑटो और 1200 से अधिक सीएनजी बसें सड़कों पर उतर चुकी हैं। साथ ही, सिलेंडर परीक्षण इकाइयों को सक्रिय कर सीएनजी की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
इस मौके पर अंजनी कुमार तिवारी (सदस्य, PNGRB), डॉ. नीरज नंदन (सदस्य सचिव, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद), प्रवीण कुमार (अपर सचिव, परिवहन विभाग), अतुल वर्मा (प्रशासक, बीएसआरटीसी), कृत्यानंद रंजन, अरुणा कुमारी, अर्चना कुमारी समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। यह सेमिनार बिहार को स्वच्छ ऊर्जा आधारित और प्रदूषणमुक्त परिवहन प्रणाली की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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