पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह को मिली जमानत
रोहतास : भोजपुरी फिल्म स्टार और भाजपा के स्टार प्रचारक पवन सिंह की पत्नी तथा कराकाट विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति सिंह को गुरुवार को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बीते दिनों एसडीएम प्रभात कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मामले में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। यह मामला पिछले सप्ताह चर्चा का विषय बना हुआ था, जब बिक्रमगंज के डिहरी रोड स्थित बिंध्यवसनी होटल में ज्योति सिंह के ठहरने के दौरान एसडीएम की टीम ने रेड कर तलाशी ली थी।
घटना के बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके अगले ही दिन एसडीएम प्रभात कुमार ने ज्योति सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। इस पर ज्योति सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद सब-जज राजेश कुमार की अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी।
कोर्ट से राहत मिलने के बाद ज्योति सिंह ने मीडिया से बातचीत में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि, “मेरे नामांकन के समय से ही कुछ अधिकारी विपक्षी दलों के इशारे पर साजिश रच रहे हैं। पहले मेरे नामांकन को रद्द करवाने की कोशिश की गई, लेकिन जब उसमें वे असफल रहे, तो अब बिना महिला कांस्टेबल के मेरे होटल के कमरे की तलाशी ली गई। यह मेरे बढ़ते जनसमर्थन से घबराए विरोधियों की सोची-समझी चाल है।”
ज्योति सिंह ने यह भी आशंका जताई कि एसडीएम प्रभात कुमार मतगणना के दौरान धांधली करा सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में निर्वाचन पर्यवेक्षक को शिकायत पत्र सौंपा है और मांग की है कि मतगणना प्रक्रिया से एसडीएम को दूर रखा जाए।
इस पूरे प्रकरण के बाद कराकाट विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जहां ज्योति सिंह के समर्थक इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उठाया गया कदम मान रहे हैं। हालांकि, कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ज्योति सिंह के समर्थकों में खुशी की लहर है।
घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों से लेकर चाय-पान की दुकानों तक इस मामले की चर्चा जोरों पर है। लोगों का कहना है कि चुनावी मौसम में इस तरह की घटनाएं प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती हैं। गौरतलब है कि ज्योति सिंह इस बार कराकाट विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं, जबकि उनके पति पवन सिंह भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में राज्यभर में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
ज्योति सिंह ने अपने बयान में कहा कि वे किसी दबाव में आने वाली नहीं हैं और पूरी ताकत से जनता के बीच अपनी बात रखती रहेंगी। उन्होंने कहा कि, “मैं जनता के आशीर्वाद और सच्चाई की ताकत पर भरोसा करती हूं। प्रशासन चाहे जितनी साजिश कर ले, सच्चाई जीतकर रहेगी। दूसरी ओर, एसडीएम प्रभात कुमार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, होटल में तलाशी अभियान चुनाव आचार संहिता के तहत एक नियमित जांच प्रक्रिया थी।
फिलहाल, इस पूरे विवाद के बाद कराकाट का चुनावी माहौल और भी गर्म हो गया है। ज्योति सिंह की जमानत से जहां उनके समर्थकों को राहत मिली है, वहीं विपक्षी खेमे में नई रणनीति बनाने की हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें मतगणना दिवस पर टिकी हैं, जब इस विवाद के बाद जनता का मूड आखिर किस ओर जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।