नोएडा में 2026 से CNG और EV गाड़ियों से डिलीवरी की इजाजत (सांकेतिक फोटो: Canva)
Noida News: दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण अपने चरम स्तर पर पहुंच गया है, और इसे नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नोएडा प्रशासन ने 1 जनवरी 2026 से ई-कॉमर्स और डिलीवरी कंपनियों के पेट्रोल और डीजल वाहन चलाने पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके तहत नोएडा में अब सभी डिलीवरी बाइक, स्कूटर, ऑटो और छोटे चारपहिया वाहन केवल CNG या इलेक्ट्रिक (EV) ईंधन पर चलाए जा सकेंगे। यह नियम सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों पर लागू होगा।
शनिवार, 22 नवंबर को सेक्टर-32 में एआरटीओ कार्यालय में इस आदेश को लेकर एक अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता एआरटीओ (प्रशासन) नंद कुमार ने की, जबकि एआरटीओ विनय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2026 से केवल CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों का ही डिलीवरी कार्य में उपयोग किया जाएगा। उन्होंने सभी कंपनियों और डिलीवरी कर्मियों से सलाह दी कि वे अभी से अपने वाहनों को बदलने की तैयारी शुरू करें, ताकि आने वाले समय में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
इससे पहले, एआरटीओ राजेश कर्दम ने बताया था कि इस नियम का पालन ओला, उबर, रैपिडो जैसी ऑनलाइन एग्रीगेटर कंपनियों पर अनिवार्य होगा। मेरठ में अभी बड़ी संख्या में रैपिडो की पेट्रोल चालित बाइकें संचालित हो रही हैं। उप परिवहन आयुक्त हरिशंकर सिंह ने कंपनियों से चर्चा कर इसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि कंपनियां समय रहते अपने वाहनों को सीएनजी और इलेक्ट्रिक में बदल लें। यह नियम 3.5 टन तक के लाइट कमर्शियल व्हीकल और लाइट गुड्स व्हीकल पर भी लागू होगा।