Chakraview: महाराष्ट्र में 'देवाभाऊ...' कैसे बने चुनाव जिताऊ? BMC का इम्तिहान, ठाकरे बंधु नाकाम!
- Edited by: रवि वैश्य
- Updated Jan 16, 2026, 10:08 PM IST
ChakraViewWithSumitAwasthi:चक्रव्हू में महाराष्ट्र निकाय चुनाव की बात...मुंबई में कैसे धुरंधर बनें देवेंदर...ठाकरे बंधुओं को कैसे लगा झटका, देवाभाऊ...चुनाव खूब जीता
महाराष्ट्र में 'देवाभाऊ...' कैसे बने चुनाव जिताऊ?
ChakraViewWithSumitAwasthi: BMC समेत महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं के चुनाव में जिस तरह बीजेपी का कमल खिला है, उसके बाद मुंबई की सियासी फिजाओं में एक ही बात गूंज रही है कि देवा भाऊ, खूब जिताऊ। देवा भाऊ यानी देवेंद्र फडणवीस। फडणवीस ने साबित कर दिया है कि वो समंदर है, लौटकर आना जानते हैं और अपनी ताकत दिखाना भी, जैसा 6 साल पहले कहा था।
सबसे बड़ी जीत का शोर देश की सबसे अमीर महानगरपालिका यानी BMC में सुनाई दे रहा है। फडणवीस ने साफ कर दिया कि बीएमसी में बीजेपी का मेयर बनेगा। ये काफी अहम है। लेकिन इससे भी इंपॉर्टेंट ये है कि जहां 26 साल तक लगातार मातोश्री के आशीर्वाद से कोई राज करता रहा, वहां से भी ठाकरे परिवार का झंडा उखड़ गया। वो भी तब, जब अपने इस गढ़ को बचाने के लिए उद्धव ठाकरे ने चचेरे भाई राज ठाकरे से हाथ मिला लिया था। लेकिन मुंबई के लोगों ने राज ठाकरे के लुंगी पुंगी और पिटने पिटाने जैसी भाषा को सिरे से खारिज कर दिया। ठाकरे खेमे में मातम है, बीजेपी खेमे में जश्न।
देवेंद्र फडणवीस की चुनावी रणनीति की छाप हर जगह जीत के रूप में दिखी।
बीएमसी में जो ठाकरे का गढ़ रहा है।
नासिक में भी, जहां ठाकरे परिवार की तूती बोलती थी।
पुणे में जो पवार परिवार का किला रहा है।
संभाजी नगर, जो ओवैसी का खास बताया जाता है।
बात नागपुर की तो आरएसएस का वो गढ़ देवेंद्र फडणवीस का घर भी है
नतीजों के बाद देवेंद्र फणडवीस जब मीडिया के कैमरों के सामने आए...तो उनके चेहरे पर एक कन्फिडेंस साफ नजर आ रहा था......फडणवीस ने महायुति के इस प्रचंड जीत को डेवलपमेंट, गवर्नेंस और जनता के विश्वास की जीत बताया।
सुबह से जैसे ही रूझान आने शुरू हुए....मायानगरी में रंग-गुलाल उड़ने लगे.....मानो आज ही बसंत पंचमी हो....बीजेपी के कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाने सड़कों पर उतर गए...तो दूसरी ओर दादर के सेना भवन के सामने सन्नाटा पसरा हुआ था....बिल्डिंग में लगी बाला साहेब की ये भव्य तस्वीर मानो यही सवाल पूछ रही है कि क्या उनकी विरासत अब महज तस्वीर में सिमटकर रह जाएगी।