मुंबई सहित 29 महानगर पालिका के महापौर चुनाव से पहले सभी पार्टियों ने शुरू की गुट गठन के पंजीकरण की तैयारी
- Authored by: अतुल सिंह
- Updated Jan 21, 2026, 10:32 AM IST
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बाद अब सभी की निगाहें महापौर पद के चुनाव पर टिकी हैं। हालांकि,महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है बीएमसी में लेकिन बाकी 28 मनपा में कई मनपा की स्थिति त्रिशंकु बनी है।
सभी की निगाहें महापौर पद के चुनाव पर टिकी हैं (फाइल फोटो: canva)
मुंबई सहित 29 महानगर पालिका के महापौर चुनाव से पहले सभी पार्टियों ने गुट गठन के पंजीकरण की तैयारी शुरू कर दी है। आज शिवसेना यूबीटी मुम्बई के अपने 65 जीते नगरसेवकों का गुट पंजीकरण कराएगी। ये पंजीकरण नवी मुंबई के कोंकण भवन में आयुक्त के पास किया जाएगा। नगरसेवकों को एकजुट रखने के लिए सभी पार्टियां सतर्क दिख रही हैं।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बाद अब सभी की निगाहें महापौर पद के चुनाव पर टिकी हैं। हालांकि,महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है बीएमसी में लेकिन बाकी 28 मनपा में कई मनपा की स्थिति त्रिशंकु बनी है।
ऐसे में महापौर चुनाव से पहले किसी भी तरह की तोड़फोड़ या दलबदल न हो, इसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने गुट गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। आज युबिटी के मुम्बई के सभी 65 पार्षद सुबह शिवसेना भवन दादर से बस में नवी मुंबई कोंकण भवन ले जाये जाएंगे। कल राज ठाकरे की पार्टी के जीते 6 पार्षद पंजीकरण कराएंगे।
जानकारी के मुताबिक, अगले एक-दो दिनों में सभी राजनीतिक दल अपने-अपने नवनिर्वाचित नगरसेवकों के साथ कोंकण विभागीय आयुक्त कार्यालय (कोंकण भवन) पहुंचकर गुट पंजीकरण करेंगे। इसके लिए बीते दो दिनों में अलग-अलग दलों ने आंतरिक बैठकें कर रणनीति तय की है।
महापौर पद की दौड़ काफी रोचक
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में महापौर पद की दौड़ काफी रोचक हो गई है। भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के पास मिलकर 118 सीटें हैं, जबकि बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है। अकेले भाजपा के पास 89 नगरसेवक हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 नगरसेवक निर्णायक भूमिका में आ गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, अपने नगरसेवकों को टूट से बचाने के लिए शिंदे गुट ने उन्हें पंचतारांकित होटल में ठहराया है। यही नहीं, अन्य सभी दल भी अपने-अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने के लिए विशेष सावधानी बरत रहे हैं।
इस गुट पंजीकरण का महत्व-
- महापौर चुनाव के दौरान दगाफटका और दलबदल को रोका जा सकता है।
- गुट पंजीकरण के बाद पार्टी का व्हिप सभी नगरसेवकों पर लागू होता है। व्हिप का उल्लंघन करने पर संबंधित नगरसेवक के खिलाफ निलंबन या कार्रवाई हो सकती है।
- महापौर चुनाव के दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक सेंधमारी न हो, इसके लिए सभी दल अपने नवनिर्वाचित नगरसेवकों के साथ कोकण भवन जाकर औपचारिक रूप से गुट पंजीकरण कराने की तैयारी में हैं।
BMC Party Result--
भाजपा –89
शिवसेना (शिंदे गुट) – 29
शिवसेना (UBT) – 65
कांग्रेस – 24
AIMIM – 8
मनसे – 6
राष्ट्रवादी कांग्रेस (AP गुट) – 3
राष्ट्रवादी कांग्रेस (SP गुट) – 1
इस बार एक भी निर्दलीय नगरसेवक नहीं चुने जाने के कारण अन्य दलों के नगरसेवकों को तोड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि सभी राजनीतिक दल अपने-अपने नगरसेवकों को सुरक्षित रखने के लिए गुट गठन को प्राथमिकता दे रहे हैं।