कल का मौसम 23 नवंबर 2025
Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और तापमान धीरे-धीरे नीचे की ओर जा रहा है। उत्तर से लेकर मध्य भारत तक सुबह और रात की ठंडक पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के हाल की बात करें तो, तमिलनाडु, केरल और रायलसीमा के कई इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक की भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग की हाल फिलहाल की रिपोर्ट के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के मध्य हिस्सों में कल मौजूद ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के असर से 22 नवंबर 2025 की सुबह 08:30 बजे IST पर, मलक्का जलडमरूमध्य और दक्षिण अंडमान सागर के आसपास एक निम्न दबाव तंत्र विकसित हुआ है। इसके पश्चिम–उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 24 नवंबर 2025 तक दक्षिण–पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब में बदलने की प्रबल संभावना है।
अगले 48 घंटों में यह प्रणाली दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुंचकर और अधिक मजबूत हो सकती है। इसके अलावा, निचले क्षोभमंडल स्तर पर पूर्वी बांग्लादेश और नजदीकी इलाकों में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा सक्रिय है। दक्षिण–पूर्व अरब सागर के ऊपर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो निचले क्षोभमंडल तक फैला हुआ है। इसी प्रकार, कोमिन क्षेत्र और समीपवर्ती भारतीय भूमध्यरेखीय महासागर में भी एक ऊपरी वायु चक्रवात मौजूद है, जिसका प्रभाव नीचे तक महसूस किया जा रहा है। इसके प्रभाव से, 23 से 27 नवंबर के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तेज बारिश होने की उम्मीद है, जबकि 24 और 25 नवंबर को कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा का भी अनुमान है। तमिलनाडु में 23 से 25 नवंबर तक, केरल व माहे में 23 से 26 नवंबर तक, लक्षद्वीप में 23 नवंबर को और रायलसीमा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 23 से 24 नवंबर के दौरान तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के विभिन्न इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 23 से 26 नवंबर तक और तटीय एवं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी इसी तरह के मौसम की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पूरे सप्ताह के दौरान 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
आने वाले दो दिनों में पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले चार दिनों के दौरान रात के तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है, और इसके बाद तापमान स्थिर रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में भी अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में इसी तरह 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभावित है, जिसके बाद कोई खास परिवर्तन नहीं दिखाई देगा। देश के शेष भागों में न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके अलावा, अगले पाँच दिनों तक पूर्वोत्तर भारत और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने के आसार हैं।
दिल्ली में कल मौसम ज्यादातर साफ़ रहने की उम्मीद है। सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। शहर में अधिकतम तापमान लगभग 25 से 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य स्तर के करीब रहेगा। सुबह के दौरान सतही हवाएं पश्चिम–उत्तरपश्चिम दिशा से चलेंगी और इनकी रफ्तार करीब 5 किमी प्रति घंटा से धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। दोपहर में यही हवाएं उत्तर–पश्चिम दिशा से बहेंगी और गति बढ़कर लगभग 10 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। शाम और रात में हवा की गति एक बार फिर घटकर लगभग 5 किमी प्रति घंटा रह जाएगी और दिशा उत्तर–उत्तरपश्चिम की ओर बनी रहेगी।
दिल्ली की हवा में अभी भी कोई खास सुधार नहीं दिखा और शनिवार को भी प्रदूषण बेहद चिंताजनक स्तर पर बना रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सुबह 9 बजे जारी बुलेटिन में राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 360 दर्ज किया गया, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के मापदंडों के अनुसार, 0–50 AQI को “अच्छा”, 51–100 “संतोषजनक”, 101–200 “मध्यम”, 201–300 “खराब”, 301–400 “बेहद खराब” और 401–500 को “गंभीर” माना जाता है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि शहर में आज न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
यूपी में ठंड और कोहरे की तीव्रता अब और बढ़ने वाली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान करीब चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे प्रदेश में सर्दी का असर तेज़ होने की पूरी संभावना है। बीते 24 घंटों में बाराबंकी सबसे ठंडा जिला दर्ज किया गया। IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई इलाकों में कोहरा भी घना हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, हवाओं की दिशा बदलने से रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, जिसके चलते सुबह और शाम की ठिठुरन बढ़ेगी तथा तड़के कोहरे की परत और गहरी हो सकती है, हालांकि दिन में धूप निकलने के बाद कोहरा छंट जाएगा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एक मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में कड़ाके की ठंड शुरू हो सकती है और एक सप्ताह के भीतर कई जिलों में तापमान चार डिग्री तक नीचे जा सकता है। दिसंबर से पहले ही शीतलहर और घने कोहरे का दौर शुरू होने की आशंका है।
बिहार में सर्दी अब धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से राज्य के अधिकांश जिलों में रात का तापमान लगातार गिरने की संभावना है। अनुमान जताया गया है कि न्यूनतम तापमान में लगभग 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी देखी जा सकती है और कई जगहों पर रात का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी जा सकता है। दिन के तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं और अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। सुबह के समय राज्य के कुछ हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने के आसार हैं, जिससे दृश्यता पर असर पड़ सकता है। 23 नवंबर के बाद बिहार में शीतलहर और तेज होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने 24 नवंबर से न्यूनतम तापमान में 2–4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की चेतावनी जारी की है, जो कड़ाके की ठंड बढ़ने का संकेत है। अभी के लिए पश्चिमी हवाओं की रफ्तार कम होने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उत्तर और मध्य बिहार में सुबह का घना कोहरा अब भी दृश्यता को प्रभावित कर रहा है।
राजस्थान में सर्दी का असर धीरे-धीरे तेज़ होता जा रहा है। बढ़ती नमी के कारण कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शेखावाटी क्षेत्र में ठंड खास तौर पर बढ़ चुकी है, जहां पारा लगातार नीचे जा रहा है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश में ठिठुरन और बढ़ सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सीकर जिले में न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे ठंडक और अधिक तीखी महसूस होगी। इस सप्ताह ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और फिलहाल बारिश या बादलों के आसार नहीं हैं। तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा, हालांकि सूखे मौसम और घटते तापमान की वजह से सुबह-शाम कोहरा घना हो सकता है। दिसंबर में राजस्थान में कड़ाके की सर्दी पड़ने की पूरी उम्मीद है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश में भी साफ नजर आने लगा है। करीब पंद्रह दिनों से प्रदेश कड़ाके की ठंड झेल रहा है। पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर सहित सात जिलों में शीतलहर की स्थिति दर्ज की गई, जबकि नरसिंहपुर में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। रात में भी कई शहरों में पारा लगातार गिरता रहा। शनिवार को भी भोपाल और इंदौर समेत उन्हीं जिलों के लिए शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। पिछले दस सालों में नवंबर महीने में ठंड के साथ बारिश का रुझान बढ़ा है, और इस बार भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहा। आम तौर पर तेज ठंड नवंबर के दूसरे सप्ताह में पकड़ बनाती है, लेकिन इस साल शुरुआत से ही तापमान में तेज गिरावट देखने को मिली। अक्टूबर में भी बारिश सामान्य से कहीं ज्यादा हुई, जहां औसत 1.3 इंच होती है, वहीं इस बार 2.8 इंच वर्षा दर्ज की गई, जो 121% अधिक है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तरी हवाओं की दिशा और गति में बदलाव दर्ज हुआ है, जिसके कारण आने वाले दिनों में शीतलहर का प्रभाव घट सकता है और मौसम कुछ राहत दे सकता है।
दिल्ली में मौसम साफ रहने की उम्मीद है, हालांकि सुबह हल्का–मध्यम कोहरा छा सकता है। अधिकतम तापमान 25–27°C और न्यूनतम 10–12°C के आसपास रहेगा। राजधानी का AQI अभी भी “बेहद खराब” श्रेणी (लगभग 360) में बना हुआ है।
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