टूटी छत का हिस्सा
School Ceiling Collapsed: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां देशभर में जश्न का माहौल था, वहीं राजस्थान के बूंदी जिले में एक निजी स्कूल में आयोजित समारोह के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। शहर के प्रतिष्ठित सेंट पॉल स्कूल में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हॉल की सस्पेंडेड सीलिंग का बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे पांच छात्र घायल हो गए। पिछले महीने ही राजस्थान के झालावाड़ में एक स्कूल की छत गिरने के बच्चों की मौत हो गई थी।
बूंदी में जब यह घटना हुई, उस समय छात्र-छात्राएं कार्यक्रम देख रहे थे, तभी अचानक छत का हिस्सा टूटकर गिर पड़ा। मलबा सीधे मंच के सामने बैठे बच्चों पर गिरा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच स्कूल स्टाफ और मौजूद अभिभावकों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बाहर निकाला और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों में 13 वर्षीय ट्विंकल, 6 साल की आदिरा, 10 साल की सृष्टि, 10 वर्षीय विनय और 11 वर्षीय दिशा शामिल हैं। अस्पताल में सभी को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद तीन बच्चों को सिर में चोट लगने के कारण विशेष निगरानी में रखा गया। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि हादसे का शिकार हुआ हॉल सिर्फ 12 दिन पहले ही उद्घाटन के बाद उपयोग में लाया गया था। इससे स्कूल भवन की निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक मंजूरी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर रोष जताया और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर आक्रोश व्यक्त किया।
घटना की सूचना मिलते ही SDM लक्ष्मी नारायण मीणा, शिक्षा विभाग के अधिकारी और सदर पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हॉल के मलबे को जब्त कर लिया है और स्कूल हॉल को आगामी आदेश तक सील कर दिया गया है। SDM मीणा ने बताया कि सभी घायलों को समय पर इलाज दिया गया और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, “जांच की जा रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भवन निर्माण में लापरवाही के जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”
यह हादसा राज्य में स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर पहले से उठ रहे सवालों को और गहरा कर गया है। जुलाई माह में झालावाड़ में एक स्कूल की छत गिरने से बच्चों की जान चली गई थी। अब बूंदी की इस घटना ने राज्य भर में माता-पिता और आमजन के मन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार से जवाब-तलब शुरू कर दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या जांच के बाद दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई होती है या मामला समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा।