Indore: जान से चुकानी पड़ी पानी की कीमत, लोगों का टूटा नगर निगम की सप्लाई से भरोसा; प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
- Edited by: Nishant Tiwari
- Updated Jan 2, 2026, 08:34 AM IST
Indore water contamination: मध्य प्रदेश के इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति ने गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। इस हादसे में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों बीमार पड़े हैं। स्थानीय निवासियों का नगर निगम की पानी सप्लाई पर भरोसा टूट गया है और लोग मजबूरन पानी खरीदकर पीने को विवश हैं। प्रशासन जांच और राहत कार्यों में जुटा है, वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है।
मामले पर बातचीत करते स्थानीय निवासी (ANI)
Indore Water Contamination Case: मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति ने गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है। अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग बीमार पड़ चुके हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि स्थानीय लोगों का नगर निगम द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी से भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। लोग पानी पीने में भी सहम रहे हैं।
“अब पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है”
भगीरथपुरा निवासी गब्बर लश्करी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि गंदे पानी की शिकायत कई दिनों से की जा रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, 15 वर्षीय बेटी अस्पताल में भर्ती है और 93 वर्षीय मां भी बीमार पड़ चुकी थीं। लश्करी का कहना है कि अब उनके परिवार को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। नगर निगम के टैंकरों से आने वाले पानी को लेकर भी लोगों में डर बना हुआ है।
बीमार परिजन, मदद की गुहार
इलाके की रहने वाली पिंकी यादव ने ANI को बताया कि उनकी मां रामलली यादव की हालत गंभीर है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं बहू निधि यादव ने आरोप लगाया कि पूरे परिवार के बीमार होने के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। परिजनों का कहना है कि मुआवजे की घोषणा से जान नहीं लौटाई जा सकती।
ड्रेनेज के नीचे थी पाइपलाइन
स्थानीय पार्षद कमल वाघेला ने कहा कि बीमारियां सामने आते ही नर्मदा का पानी टैंकरों से उपलब्ध कराया गया, लेकिन लोगों का भरोसा लौटने में समय लगेगा। उन्होंने दावा किया कि इलाके में ड्रेनेज लाइन ऊपर और नर्मदा पाइपलाइन नीचे होने की वजह से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गंदा पानी सप्लाई में मिल गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नई पाइपलाइन का काम टेंडर होने के बावजूद महीनों तक रोका गया।
प्रशासन की हालात पर नजर
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल 200 से अधिक मरीज निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए थे, जिनमें से कई को छुट्टी दी जा चुकी है। प्रशासन द्वारा घर-घर सर्वे, क्लोरीन टैबलेट वितरण और मुफ्त इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
NHRC का स्वतः संज्ञान, रिपोर्ट तलब
दूषित पानी से मौतों की खबरों को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और लापरवाही के आरोपों पर जवाब तलब किया है।
सरकार का भरोसा
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ितों को सर्वोत्तम इलाज मिलेगा और दूषित पानी के कारणों की गहन जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।