दिल्ली विस्फोट के बाद नूह में कड़ी निगरानी
Delhi Blast Investigation: दिल्ली में हाल ही में हुए विस्फोट के बाद नूंह (मेवात) इलाका जांच एजेंसियों की खास निगरानी में है। बीते कुछ दिनों में एक खाद व्यापारी सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल हैं। इनके अलावा एक खाद विक्रेता और एक इमाम को भी पूछताछ के लिए उठाया गया था। शुक्रवार देर रात फिरोजपुर झिरका में केंद्रीय एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए दो और डॉक्टरों को पकड़ा। हिरासत में लिए गए डॉक्टरों की पहचान सुनहेड़ा निवासी डॉ. मुस्तकीम और अहमदबास के मोहम्मद के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, डॉ. मुस्तकीम ने चीन से एमबीबीएस किया था और हाल ही में अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में इंटर्नशिप पूरी की थी। मोहम्मद भी इसी विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। दोनों के संदिग्ध उमर नामक व्यक्ति से परिचय और नजदीकी संबंध होने की बात सामने आई है। उमर की कार दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दी थी, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात भी नूंह क्षेत्र से दो चिकित्सकों को हिरासत में लिया गया था। इसके साथ ही एक स्थानीय खाद व्यापारी को अमोनियम नाइट्रेट बेचने के संदेह में पूछताछ के लिए उठाया गया। कुछ दिन पहले नूंह शहर से डॉक्टर रिहान को भी पकड़ा गया था, जिसने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की थी और तावडू के एक निजी अस्पताल में कार्यरत था। मेवात इलाके से बड़ी संख्या में छात्र अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण करते हैं। लगातार डॉक्टरों और मेडिकल विद्यार्थियों की गिरफ्तारी ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वर्तमान में सभी हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से दिल्ली ब्लास्ट मामले में विस्तृत पूछताछ चल रही है। एनआईए सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियां क्षेत्र में लगातार छापेमारी कर रही हैं, और संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
नूंह जिले से पकड़े गए डॉ. मुस्तकीम और अन्य लोगों को फरीदाबाद सीआईए की टीम द्वारा हिरासत में लिया गया है। यह जानकारी डॉ. मुस्तकीम के परिवार ने पुष्टि करते हुए दी। परिजनों के अनुसार, हिरासत के बाद फरीदाबाद सीआईए टीम उनके परिवार के दो सदस्यों को भी नूंह ले गई, हालांकि वहां पहुंचने पर परिजनों को वापस घर भेज दिया गया। इसके बाद से परिवार का डॉ. मुस्तकीम से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार का कहना है कि ब्लास्ट की घटना के बाद दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों के दो अधिकारी सुनहेड़ा गांव आए थे और उन्होंने लंबे समय तक डॉ. मुस्तकीम से आमने-सामने बैठकर पूछताछ की थी, लेकिन उस समय उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था।
परिजनों का दावा है कि मुस्तकीम का स्वभाव अच्छा था और वह किसी गलत गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी बताया कि डॉ. उमर, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थे, से वे इलाज संबंधी मामलों में कई बार फोन पर सलाह लेते थे। वर्तमान स्थिति यह दिखाती है कि जांच एजेंसियां नूंह जिले पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में और भी संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार को भी जांच टीमें नूंह के पैंगवा समेत कई जगहों पर पहुंचीं और मामले की गहन जांच जारी रखी। जिले के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र स्थित अहमदबास गांव से पकड़े गए डॉ. मोहम्मद का परिवार क्षेत्र के शिक्षित और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवारों में गिना जाता है। इलाके में उनकी प्रतिष्ठा अच्छी मानी जाती है। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए उनके घर पर सन्नाटा पसरा है और कोई भी परिवार का सदस्य इस मामले में बोलने को तैयार नहीं है।