रेवाड़ी में 150 साल बाद घोड़ी पर बैठा अनुसूचित जाति का दूल्हा
हरियाणा के रेवाड़ी में बावल क्षेत्र स्थित खेड़ी डालू सिंह गांव में 150 साल बाद अनुसूचित जाति के युवक की बारात घोड़ी पर निकली। ये बारात गुरुवार 13 नवंबर को निकली। इस दौरान 3 थानों की पुलिस फोर्स भी तैनात रही। जिनका सुपरविजन DSP ने किया। बारात गांव से अटेली के लिए रवाना हुई।जानकारी के अनुसार, इतिहास में भी कभी किसी भी युवक की घुड़चढ़ी इस गांव में नहीं निकाली गई थी। यह कुप्रथा वर्षों से चली आ रही थी। दूल्हे के परिजनों को किसी अप्रिय घटना की आशंका थी। इसी के चलते उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।
पशुपालन विभाग में कार्यरत दूल्हे अंकित ने बताया कि गांव बनने के बाद से ही यह कुप्रथा चली आ रही थी। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने पहले भी प्रयास किए थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिवार ने मानवाधिकार आयोग, रेवाड़ी पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी थी। परिवार ने रेवाड़ी पुलिस, प्रशासन और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बाद, 3 थानों की पुलिस और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बारात शांतिपूर्वक निकाली गई। घटना के बाद परिवार ने पुलिस व प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
बावल के डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने कहा कि गांव में तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं थी। उन्होंने बताया कि सावधानी के तौर पर पुलिस बल मौजूद था और बारात शांतिपूर्वक रवाना हो गई। वहीं गांव खेड़ी डालू सिंह के सरपंच प्रतिनिधि नेपाल सिंह ने बताया कि गांव में कोई तनाव नहीं था और न ही किसी ने कोई विरोध जताया। उन्होंने कहा कि गांव में सभी शांति चाहते हैं। परिवार ने पुलिस-प्रशासन को शिकायत दी थी, जिसके चलते एहतियातन व्यवस्था की गई और घुड़चढ़ी शांतिपूर्वक निकल गई। हरियाणा के कई इलाकों में अनुसूचित जाति के दूल्हों के घोड़ी पर बैठने पर पहले भी विवाद हो चुका है इसलिए एहतियातन पुलिस की सुरक्षा के बीच बारात में घुड़चढ़ी कराई गई है।