सिस्टम का शिकार गाजियाबाद! युवराज जैसा एक और कांड, 11 साल का आहिल नाले में समाया
- Edited by: Pushpendra Kumar
- Updated Jan 24, 2026, 09:37 AM IST
गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र में 12 साल के मासूम आहिल की खुले नाली में गिरकर डूबने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने नालों को न ढकने के लिए अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
(प्रतिकात्मक फोटो-Istock)
गाजियाबाद में पिछले दिनों प्रशासन की लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी के कारण एक खुले पानी के गड्ढे में कार के गिरने से 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। उसने तमाम पुलिसकर्मियों, एसडीआरएफ, तमाम बचाव दल और अपने बेबस पिता की आंखों के सामने जद्दोजहद के बाद दम तोड़ दिया। अभी युवराज की मौत का मामला ठंडा नहीं हुआ था कि एक और बच्चा खराब सिस्टम का शिकार हो गया। इस बार भी गाजियाबाद में ही 11 साल का बालक अपने घर के पास खेलते समय लगभग ढाई फुट गहरे और चौड़े खुले नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने नालों को न ढकने के लिए अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
कैसे हुई थी युवराज मेहता की मौत
यह घटना नोएडा में हाल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के कुछ दिनों बाद हुई है। घने कोहरे के बीच नोएडा के सेक्टर-150 में मेहता की कार पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई थी। गाजियाबाद की यह घटना बुधवार शाम मसूरी पुलिस थाना क्षेत्र के माजरा झुंडपुरा गांव में हुई। पुलिस के अनुसार, आहिल अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर खेल रहा था तभी वह गलती से खुले नाले में गिर गया।
न्यूज एजेंसी पीटीआई/भाषा के हवाले बताया गया कि परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला और गर्म पानी से साफ करने के बाद, बेहोशी की हालत में हापुड़ के पिलखुवा कस्बे के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिलखुवा पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने और पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार को सौंप दिया। गुरुवार को गांव में मातम के बीच आहिल का अंतिम संस्कार किया गया।
अपर पुलिस उपायुक्त (मसूरी) लिपि नगायच ने बताया कि स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना तुरंत नहीं दी गई थी। गुस्साए ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चे अक्सर उस इलाके में खेलने के लिए जाते हैं, इसके बावजूद नाला न तो ढका गया और न ही उसके चारों ओर दीवारी बनाई गई।
मोमिन कॉलोनी में भी हुआ था हादसा
उन्होंने यह भी कहा कि आठ जनवरी को मोमिन कॉलोनी में एक पांच महीने के बच्चे की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछली घटना के बावजूद नगर निगम ने कोई सुधार नहीं किया और उन्होंने इस मुद्दे को जिलाधिकारी के समक्ष उठाने की बात कही। पुलिस ने बताया कि आहिल के पिता जाहिद पेशे से प्लंबर हैं और मूलरूप से ग्रेटर नोएडा के सोहरखा गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ माजरा झुंडपुरा में रह रहे हैं।