अपनी आपबीती सुनाती सरताज
Firozabad News: देश भर में विधानसभा मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी SIR का काम जोर शोर से चल रहा है और इस दौरान इस प्रक्रिया से जुड़ी खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। कहीं BLO का प्रदर्शन तो कहीं इसको लेकर हो रही राजनीति, इस दौरान यूपी के फिरोजाबाद से एक ऐसी धोखाधड़ी की खबर आई है। SIR के नाम पर यह धोखाधड़ी किसी अनजाने स्कैमर ने नहीं बल्कि सगे भाई ने ही की। दरअसल पीड़िता के भाई ने SIR अपडेट कराने के नाम पर संपत्ति ही बैनामा करा ली है। महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज की है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
चूड़ियों के लिए मशहूर यूपी के फिरोजाबाद शहर में भी SIR फॉर्म भरवाने का काम चल रहा है और जैसा कि जाहिर है लोगों के बीच इसको लेकर अलग-अलग तरह की चर्चा भी है। यहां रसूलपुर थाना क्षेत्र में एक महिला ने एक दुकान और एक घर खरीदा था। महिला का नाम सरताज खानम है, जो गुरुग्राम में रहकर सिलाई का काम करती है। एक दिन उसका भाई गुरुग्राम पहुंचा और महिला से बोला कि सरकार SIR फॉर्म भरने वालों की जांच कर रही है, अगर फॉर्म नहीं भरा तो देश से बाहर भेज दिया जाएगा… देश से भी निकाला जा सकता है। यह सुनकर सरताज डर गई और अपने भाई के साथ फिरोजाबाद आ गई। भाई उसे सीधे तहसील ले गया, जहां कागज अपडेट कराने के नाम पर उससे कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। तहसील में बस इतना पूछा गया कि क्या वह मकान और दुकान गिफ्ट कर रही है… लेकिन सरताज गिफ्ट का मतलब नहीं समझ पाई और हस्ताक्षर कर दिए। उसके बाद जो हुआ वह हैरान कर देने वाला था, यह SIR फॉर्म नहीं था, बल्कि मकान और दुकान की रजिस्ट्री भाई के नाम चढ़ चुकी थी। पीड़िता को जबतक इसका पता लगता काफी देर हो चुकी थी। महिला ने SSP को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है और रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए अदालत पहुंची है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पीड़िता के विरोध करने पर भाई ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। जिसके बाद सरताज ने SSP फिरोजाबाद को शिकायती पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं महिला ने विवादित रजिस्ट्री को निरस्त कराने के लिए न्यायालय में वाद दायर कर दिया है। सरताज खानम का कहना है कि उसने जीवनभर की कमाई से मकान और दुकान खरीदे थे, जिन्हें उसके अपने भाई ने ही छलपूर्वक छीन लिया। अब वह न्याय की गुहार लगा रही है। सरताज का कहना है कि वह पढ़-लिख नहीं सकती है, उसके साथ धोखा कर मकान-दुकान अपने नाम करा लिया है।