शेयर बाजार
बिहार विधानसभा के चुनाव परिणाम में BJP और JDU के एनडीए गठबंधन को बड़ी जीत मिलती दिख रही है। ताजा रुझानों के अनुसार, एनडीए 204 सीटों पर बढ़ते बनाए हुए हैं। हालांकि, अभी किस पार्टी को कितने सीट मिलेंगे, इसका आकलन करना मुश्किल है क्योंकि करीब 20 चरणों की गिनती बाकी है। लेकिन यह तय हो गया है कि एनडीए की सरकारर बिहार में बंपर मेजोरिटी से बनने जा रही है। एक ओर जहां एनडीए को बड़ी जीत मिल रही है, वहीं शेयर बाजार में गिरावट है। बीएसई सेंसेक्स 180.90 अंक टूटकर 84,297.77 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं एनएसई निफ्टी भी लाल निशान में है। आखिर क्यों बाजार लाल निशान में ट्रेड कर रहा है। आइए जानते हैं।
भारतीय बाजार में यह गिरावट वैश्विक कारणों से हे। अमेरिकी बाजार रातोंरात, S&P 500 1.7 प्रतिशत गिर गया, जबकि नैस्डैक 2.3 प्रतिशत लढ़का। एशियाई समकक्षों में, जापान का निक्केई 1.77 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.5 प्रतिशत और कोरिया का कोस्पी 3.60 प्रतिशत तक की गिरावट है। प्रमुख वैश्विक बाजारों में इस उथल-पुथल के बीच, भारतीय शेयर बाजार पर भी दबाब है। इसके चलते बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहा है। हालांकि, यह गिरावट, दूसरे बाजारों के मुकाबले बहुत कम है।
आज सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले थे। मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को कमजोर किया। इससे बाजार में गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 303.63 अंक या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,175.04 अंक पर और एनएसई निफ्टी 82.65 अंक या 0.32 प्रतिशत लुढ़कर 25,796.50 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स, इन्फोसिस, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी इंडिया, लार्सन एंड टुब्रो और भारती एयरटेल के शेयर नुकसान में रहे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 383.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,091.87 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।