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Explainer: महंगी होती जा रही चांदी, बड़ा सवाल, खरीदें या करें इंतजार?

Silver Prices: चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी जा रही है। 31 दिसंबर 2025 को 2,39,000 रुपये प्रति किलो थी, जो अब 2,92,960 रुपये तक पहुंच गई थी। जनवरी में तेजी ने निवेशकों को चौंकाया है। MCX पर मार्च फ्यूचर्स ने नया रिकॉर्ड बनाया। निवेशक सोच रहे हैं, अभी खरीदें या गिरावट का इंतजार करें।

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चांदी ने तोड़े रिकॉर्ड, निवेशक सोच में, अभी खरीदें या गिरावट का इंतजार करें? (तस्वीर-istock)

Silver Prices : चांदी की कीमतों में इस समय जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। जनवरी महीने में ही चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया है। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ चुकी हैं। 31 दिसंबर 2025 को रिकॉर्ड किए गए 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम से 53,000 रुपये से अधिक बढ़े गए। हालांकि थोड़ी-बहुत गिरावट भी होती रही है। लेकिन अधिकांश रूख बढ़ने का ही रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च वायदा भाव में चांदी ने 15 जनवरी को 2,92,960 रुपये प्रति किलो का नया रिकॉर्ड बना दिया। ऐसे में आम निवेशक असमंजस में हैं कि क्या यह चांदी खरीदने का सही समय है या फिर कीमतों में गिरावट का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

एक साल में चांदी की रिकॉर्ड तेजी

पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी की तेजी वाकई हैरान करने वाली रही है। चांदी ने सोने की तुलना में अधिक रिटर्न दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तेजी के पीछे सिर्फ निवेशकों की खरीदारी ही नहीं, बल्कि मजबूत औद्योगिक डिमांड भी बड़ी वजह है। आज चांदी केवल गहनों या पारंपरिक निवेश तक सीमित नहीं रही है। इसका इस्तेमाल सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी ओर, चांदी की सप्लाई सीमित बनी हुई है, जिससे कीमतों पर दबाव और बढ़ गया है।

इंडस्ट्रियल डिमांड बनी बड़ी ताकत

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर सोलर पैनल बनाने में चांदी का अहम रोल होता है। भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में ग्रीन एनर्जी पर फोकस बढ़ रहा है, जिससे चांदी की औद्योगिक मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल, 5G टेक्नोलॉजी और हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स में भी चांदी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। यही वजह है कि अब बड़े निवेशक, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) और फैमिली ऑफिस भी अपने पोर्टफोलियो में सोने के साथ-साथ चांदी को जगह दे रहे हैं।

आगे कितना ऊपर जा सकती है चांदी?

तकनीकी संकेतों और मार्केट ट्रेंड्स के आधार पर एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। मिड टर्म यानी अगले कुछ महीनों में चांदी 3 लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। अगर तेजी की रफ्तार बनी रही और ग्लोबल मार्केट से सपोर्ट मिलता रहा, तो लंबे समय में चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो या उससे अधिक का आंकड़ा भी छू सकती है या इससे भी अधिक जा सकती है हालांकि, यह पूरी तरह से वैश्विक हालात, डॉलर की चाल और निवेशकों के सेंटिमेंट पर निर्भर करेगा। अभी कुछ भी कहना आसान नहीं है।

क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा?

हालांकि तेजी के बावजूद एक्सपर्ट्स आम निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। चांदी, सोने की तुलना में कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला मेटल है। इसमें तेजी के साथ-साथ तेज गिरावट भी देखने को मिलती है। ग्लोबल इकोनॉमी, अमेरिका के ब्याज दर फैसले, डॉलर की मजबूती और सट्टेबाजों की गतिविधियों का चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में बिना किसी रणनीति के ऊंचे स्तर पर खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है।

करेक्शन का इंतजार बेहतर?

कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा ऊंचे स्तरों पर एकमुश्त खरीदारी करने के बजाय कीमतों में करेक्शन का इंतजार करना ज्यादा समझदारी होगी। उनके मुताबिक अगर चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलो के दायरे में आती है, तो ये स्तर खरीदारी के लिए ज्यादा सुरक्षित हो सकते हैं। वहीं कुछ अन्य एक्सपर्ट्स का कहना है कि बड़ी गिरावट की संभावना कम है, इसलिए हर गिरावट पर सीमित मात्रा में खरीदारी की जा सकती है। खासतौर पर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चांदी की कहानी अब भी मजबूत बनी हुई है।

चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव

हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में हालांकि थोड़ी गिरावट देखी गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार चांदी का भाव घटकर 2,81,890 रुपये प्रति किलो हो गया। इसके बावजूद चांदी सोने के मुकाबले ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। कॉमेक्स पर चांदी गिरकर 90.22 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। कुल मिलाकर देखा जाए तो चांदी में लंबी अवधि के लिए मजबूत संभावनाएं नजर आ रही हैं। हालांकि, मौजूदा ऊंचे स्तरों पर निवेश करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। आम निवेशकों को चाहिए कि वे बिना जल्दबाजी के, सही रणनीति के साथ और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट की सलाह लेकर ही चांदी में निवेश करें।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं हैं, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट से संपर्क करें।)

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