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Explainer: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट, 64 साल पुराना कानून खत्म, आम आदमी को होंगे कई फायदे

New Income Tax Act 2025: 1 अप्रैल 2026 से भारत में इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। टैक्स दरें वही रहेंगी। नया कानून लगभग आधा छोटा और सरल होगा, पुराने और अनावश्यक प्रावधान हटाए गए हैं। इसका उद्देश्य आम आदमी और व्यवसाय के लिए टैक्स प्रक्रिया आसान बनाना और विवादों व लंबी कानूनी लड़ाइयों को कम करना है।

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Photo : iStock
पुराने 1961 के टैक्स कानून को मिला नया रूप, 1 अप्रैल 2026 से नया एक्ट लागू (तस्वीर-istock)

New Income Tax Act 2025: 1 अप्रैल 2026 से देश में नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो जाएगा। यह 1961 में बने पुराने कानून की जगह लेगा, जिसे पिछले छह दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा था। नए कानून में टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी आपकी टैक्स की राशि पर इसका सीधा असर नहीं होगा। इसका उद्देश्य केवल टैक्स कानून को सरल और समझने में आसान बनाना है। सरकार का कहना है कि नया कानून पुराने कानून के मुकाबले करीब आधा छोटा होगा। इसमें अनावश्यक और पुराने प्रावधान हटा दिए गए हैं, ताकि आम आदमी और बिजनेस दोनों के लिए टैक्स प्रक्रिया आसान हो जाए। साथ ही, नए कानून से टैक्स विवादों और लंबी कानूनी लड़ाइयों की संभावना भी कम होगी।

नया कानून: 'टैक्स ईयर' से आसान भुगतान

एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब असेसमेंट ईयर और प्रिवियस ईयर का फासला खत्म हो जाएगा। पुराने कानून में आय का हिसाब लगाने के लिए पिछले साल और अगले साल को अलग-अलग माना जाता था। नए कानून में इसे एक सिंगल टैक्स ईयर में बदल दिया गया है। इसके अलावा अगर आप समय पर ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) नहीं भर पाते हैं, तो भी आप TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) की राशि की रिफंड मांग सकते हैं। पुराने कानून में ऐसा करने पर पेनल्टी लगती थी, लेकिन नए कानून में यह सुविधा दी गई है।

बजट 2026-27 के बदलाव भी होंगे शामिल

सरकार ने कहा है कि इस नए कानून में Budget 2026-27 में किए गए बदलाव भी शामिल किए जाएंगे। यानी, अगर बजट में व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट टैक्स में कोई नई व्यवस्था होती है, तो वह नए कानून में स्वतः लागू होगी। नए नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म धीरे-धीरे जारी किए जाएंगे, ताकि सभी टैक्सपेयर उन्हें इस्तेमाल कर सकें।

क्यों पुराने कानून खत्म करने की जरुरत थी?

Income Tax Act, 1961 करीब 64 साल पुराना है। उस समय भारत एक नया गणराज्य था। समाज और बिजनेस के हालात आज से बहुत अलग थे। 1961 के कानून को बार-बार संशोधित किया गया, लेकिन समय के साथ यह जटिल और भारी हो गया। आज के डिजिटल युग और बदलते आर्थिक माहौल में, पुराने कानून को समझना आम आदमी के लिए कठिन हो गया था। इसमें कई सारे सेक्शन, सब-सेक्शन और प्रोविजन हैं, जिनका पालन करना मुश्किल था। इसलिए सरकार ने इस कानून का पूर्ण रूप से पुनर्लेखन करने का निर्णय लिया।

नया कानून क्या करेगा?

नए कानून का उद्देश्य इसे सरल, पठनीय और स्पष्ट बनाना है। टैक्सपेयर्स अब आसानी से जान सकेंगे कि उन्हें कितना टैक्स देना है। सरकार का कहना है कि नए कानून से टैक्स विवादों में कमी आएगी। इसका मतलब है कि लोगों को डिस्प्यूटेड टैक्स डिमांड के लिए लंबे समय तक लड़ाई नहीं लड़नी पड़ेगी।

कानून को छोटा कैसे बनाया गया?

पुराना कानून व्यक्तिगत आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, सिक्योरिटीज लेन-देन पर टैक्स, गिफ्ट टैक्स और वेल्थ टैक्स से संबंधित था। 1961 के कानून में करीब 298 सेक्शन और 23 चैप्टर थे। समय के साथ कई टैक्स जैसे वेल्थ टैक्स, गिफ्ट टैक्स, फ्रिंज बेनेफिट टैक्स और बैंकिंग कैश ट्रांजैक्शन टैक्स हटा दिए गए। कई सेक्शन पुराने या अप्रासंगिक हो गए थे। नए कानून में केवल वही सेक्शन रहेंगे जो आज भी जरूरी हैं। यह पुराने कानून से करीब आधा छोटा होगा और बिना किसी जटिलता के टैक्स भुगतान आसान करेगा।

टैक्स रेट पर क्या असर होगा?

नए कानून में टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। किसी भी तरह के बदलाव को Finance Act के जरिए Union Budget में पेश किया जाता है। यानी, टैक्स की दरें वही रहेंगी, लेकिन नए कानून में उन्हें लागू करना आसान हो जाएगा।

पुराने प्रयास और इतिहास

इससे पहले भी सरकार ने पुराने कानून को बदलने की कोशिश की थी। 2010 में Direct Taxes Code Bill, 2010 पेश किया गया, लेकिन यह सरकार बदलने के कारण पेंडिंग रह गया। 2017 में छह सदस्यीय कमिटी बनाई गई, जिसने 2019 में वित्त मंत्री को रिपोर्ट सौंपी। अंततः नया कानून 12 अगस्त 2025 को संसद से पास हुआ और 21 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के साथ कानून बन गया।

नियम और फॉर्म्स की तैयारी

नए कानून के नियम अभी तैयार किए जा रहे हैं। टैक्स रिटर्न और एडवांस टैक्स, TDS जैसी फॉर्म्स भी धीरे-धीरे जारी की जाएंगी। इसका मतलब है कि टैक्सपेयर्स जल्द ही नए नियमों के तहत अपनी रिटर्न भर सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का उद्देश्य है कि टैक्स कानून सबके लिए आसान और पारदर्शी हो। टैक्सदाता आसानी से समझ पाए कि कितनी राशि टैक्स के रूप में देनी है। टैक्स विवाद और कानूनी झगड़े कम हों। सभी पुराने और अप्रासंगिक प्रावधान हटाकर कानून छोटा और सरल हो। सरकार का कहना है कि नया कानून टैक्स भुगतान को आसान बनाने और लोगों का समय बचाने का एक बड़ा कदम है।

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला Income Tax Act, 2025 पुराने कानून की तुलना में हल्का, सरल और स्पष्ट होगा। टैक्सपेयर्स अब आसानी से जान पाएंगे कि उनकी टैक्स जिम्मेदारी कितनी है और रिफंड की प्रक्रिया भी आसान होगी। पुराने टैक्स विवाद और जटिलताएं धीरे-धीरे कम होंगी। यह बदलाव केवल टैक्स का हिसाब लगाने का तरीका नहीं बदलेगा, बल्कि इसे आम जनता और व्यवसाय दोनों के लिए सुलभ और पारदर्शी बनाएगा।

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