घर बनाने का खर्च
घर खरीदना या निर्माण कराना, दोनों महंगा हो गया है। बिल्डिंग मटेरियल के दाम बढ़ने से घर बनवाने की लागत तेजी से बढ़ी है। हालांकि, अगर कुछ बातों का ख्याल रखा जाए तो घर बनवाने की लागत में बड़ी कमी आ सकती है। सिविल इंजीनियर के मुताबिक, बहुत सारे लोगों के पास सही जानकारी नहीं होने से घर बनवाने के खर्च में बड़ी बढ़ोतरी होती है।अगर सही बिल्डिंग मटेरियल और प्लानिंग के तहत घर का निर्माण कराया जाए तो लगात को काफी कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि आप अपने घर बनवाने की लागत को कैसे 50% तक कम कर सकते हैं। इसके लिए किन बातों की जानकारी घर निर्माण शुरू होने से पहले होनी चाहिए।
घर की लगात में ईंट का बड़ा रोल होता है। अगर आप लागत घटाना चाहते हैं तो फ्लाई ऐश ईंटें का इस्तेमाल करें। ये ईंटें (कोयला बिजली संयंत्रों का एक उपोत्पाद) को सीमेंट, चूना, जिप्सम और पानी के साथ मिलाकर बनाई जाती हैं। पारंपरिक लाल ईंटों के विपरीत, इन्हें पकाने के बजाय सुखाया जाता है, जिससे इनका निर्माण अधिक पर्यावरण-अनुकूल होता है। ये मिट्टी की ईंटों की तुलना में हल्की होती हैं, जिससे नींव पर भार कम पड़ता है और अतिरिक्त स्टील की आवश्यकता नहीं होती है। इनका एकसमान आकार और चिकनी सतह गारे और प्लास्टर के उपयोग को भी कम करती है, जिससे लेबर कॉस्ट और फिनिशिंग लागत कम हो जाती है।
एएसी ब्लॉक हल्के, प्रीकास्ट ब्लॉक होते हैं जो सीमेंट, चूना, रेत, पानी और एल्युमीनियम पाउडर से बने होते हैं।
ये ब्लॉक पैसे बचाते हैं क्योंकि इनका बड़ा आकार ब्लॉकों की संख्या कम कर देता है और गारे के इस्तेमाल में भी कमी आती है। हल्के होने के कारण, नींव और स्टील की लागत में बचत होती है। एएसी ब्लॉकों से निर्माण कार्य भी तेज होता है, जिससे लेबर कॉस्ट में बड़ी बचत होती है।
स्टोन, ग्रेनाइट, बलुआ पत्थर और संगमरमर के होते हैं। इसका उपयोग नींव, फर्श, दीवारों आदि में किया जाता है। स्टोन की खरीदारी में हमेशा समझदारी से करें। स्थानीय रूप से प्राप्त होने पर पत्थर किफायती होता है। स्टोन हमेशा बड़े सप्लायर से खरीदने की कोशिश करें।
लैटेराइट ब्लॉक लाल रंग की, छिद्रयुक्त चट्टान से बने होते हैं जो आमतौर पर केरल, गोवा और कर्नाटक जैसे राज्यों में पाई जाती है। इन ब्लॉकों को काटना और आकार देना आसान है, जिससे ये दीवारों और बाड़ लगाने के स्थानीय निर्माण में लोकप्रिय हैं।
पहले से तैयार पैनल कारखाने में बने होते हैं जिन्हें जल्दी से जोड़ा जा सकता है। इन पैनलों का उपयोग आमतौर पर दीवारों, छतों और विभाजनों में किया जाता है। इनके इस्तेमाल से आप कंस्ट्रक्शन कॉस्ट की लागत कम कर सकते हैं।
आज के समय में सीमेंट बोर्ड का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है। सीमेंट बोर्ड सीमेंट और फाइबर से बनी चादरें होती हैं, जिनका उपयोग दीवारों, विभाजनों और छतों में प्लाईवुड के विकल्प के रूप में किया जाता है। ये दीमक, आग और नमी के प्रतिरोधी होते हैं, जिससे ये लंबे समय तक अधिक टिकाऊ होते हैं। ये किफ़ायती होते हैं क्योंकि इन्हें कम रखरखाव की आवश्यकता होती है और ये लकड़ी या प्लाईवुड की तुलना में ज्यादा समय तक चलते हैं। इसका इस्तेमाल कर आप लगात को कम कर सकते हैं। वहीं, घर के लिए जब बड़ी मात्रा में सीमेंट चाहिए (50 बैग या उससे ज्यादा), तो थोक डीलर से खरीदना सबसे सस्ता पड़ता है। आपको ₹15–30 प्रति बैग तक की बचत हो सकती है।
कांच का उपयोग खिड़कियों, दरबाजे और इंटीरियर में किया जाता है। आधुनिक इमारतों में, डबल-ग्लेज़्ड और रंगीन कांच गर्मी को कम करने और ध्वनिरोधी प्रदान करने में मदद करते हैं। ग्लास खरीदने से पहले उसका इस्तेमाल जरूर जानें। Plain (Float) Glass, सबसे सस्ता और बेसिक विकल्प, खिड़कियों या इंटीरियर के लिए सही होता है। वहीं, Tempered Glass, थोड़ा महंगा, लेकिन मजबूत और सुरक्षा के लिहाज से बेहतर होता है। Frosted या Tinted Glass, गोपनीयता और डिजाइन के लिए, लेकिन थोड़ा महंगा होता है।
स्टील निर्माण में सबसे प्रुमख्से उपयोग की जाने वाली सामग्रियों में से एक है। घर के लिए स्टील (TMT बार, एंगल, चैनल, शीट आदि) थोक बाजार से लेने पर रेट 5–15% तक कम मिलता है। इसलिए हमेशा होल सेल से ही स्टील खरीदें।