Explained: Gold-Silver निवेशकों के मिनटों में डूबे 3 लाख करोड़ डॉलर, क्या अब सेफ हेवन नहीं रहा सोना-चांदी?
Gold-Silver Outlook: सोने और चांदी के प्रति भारत में एक अलग तरह की दीवानगी है। इसलिए इन दोनों कीमती धातु की कीमत में बेतहाशा वृद्धि के बावजूद इनका आकर्षण कम नहीं हुआ है। अब जब रिकॉर्ड तेजी के बाद आज बड़ी गिरावट है तो निवेशक जरूर चिंतित हैं। जानिए अब इससे आगे क्या हो सकता है।
- Authored by: आलोक कुमार
- Updated Jan 30, 2026, 12:52 PM IST
Gold-Silver Outlook: क्या सोने और चांदी के अच्छे दिन खत्म होने वाले हैं? क्या सोने और चांदी ने अपना पीक लगा दिया है? क्या अब सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) नहीं रह गया है? क्या आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है? ऐसे कई सवाल इस समय निवेशकों के मन में तैर रहे हैं, क्योंकि वैश्विक बाजार में बिकवाली आने से गुरुवार रात को एक झटके में निवशकों के 3 लाख करोड़ डॉलर (₹27,57,70,20,00,00,000 ) डूब गए। इस घटना ने निवेशकों में भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। कमोडिटी एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप सोने और चांदी में पहले से निवेशक हैं या नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इस समय आपको विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि इस बड़ी गिरावट के बाद आगे क्या?
कैसे डूबे 3 लाख करोड़ डॉलर?
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 5,594.82 डॉलर के रिकॉर्ड को छूने के बाद अचानक 5.7% से अधिक की बड़ी गिरावट के साथ लुढ़क गया। चांदी ने भी 121.64 डॉलर का अपना रिकॉर्ड स्तर छुआ और फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों के झटके में 3 लाख करोड़ डॉलर डूब गए।
बेतहाशा तेजी के बाद गिरावट तय
भारत में सिर्फ जनवरी के 29 दिनों में ही सोना 42,145 रुपये और चांदी 1,49,568 रुपये प्रति किलो महंगी हुई। इस पर कमोडिटी एक्सपर्ट का कहना है कि हाल के हफ्तों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट आनी तय थी। यह अचानक गिरावट प्रॉफिट-बुकिंग, सट्टेबाजी और ग्लोबल अनिश्चितता के कारण हुई। भू-राजनीतिक तनाव, फेडरल रिजर्व के फैसले और क्रिप्टो निवेशकों और ETF से बढ़ती मांग ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसके चलते सोने और चांदी से मिनटों में 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा साफ हो गए। इस घटना के बाद दुनिया भर के निवेशक हैरान हैं। एनालिस्ट्स ने कहा कि गिरावट की तेजी दिखाती है कि कीमती धातुओं के बाजार कितने अस्थिर हो सकते हैं और बड़े मार्केट उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों की दौलत कितनी तेजी से घट सकती है।
MCX पर भी धड़ाम हुआ Gold-Silver
भारतीय बाजार में आज सोने और चांदी में आज बड़ी गिरावट है। MCX Silver पर चांदी -31,435.00 (-7.86%) गिरकर 369,600 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, गोल्ड 5,135.00 (-3.03%) रुपये टूटकर 164,249 रुपये पर पहुंच गया है। गोल्ड-सिल्वर ETF में भी बड़ी गिरावट है। एक्सपर्ट का कहना है कि अभी यह गिरावट और गहरा सकती है। इसलिए कोई भी नया ट्रेड या निवेश करने से बचें।
गोल्ड सिल्वर निवेशक क्या करें?
क्या सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना और चांदी?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि सोने और चांदी की कीमत में पिछले 1.5 साल में रिकॉर्ड तेजी आई है। दोनों कीमती धातु ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। हालांकि, अब सावधानी बरतनी की बहुत जरूरत है। ऐसा इसलिए कि जब कोई भी चीज एकतरफा चलती है तो कभी न कभी ब्रेक लगना तय होता है। हालांकि, सोने और चांदी को लेकर ग्लोबल मार्केट में अभी बहुत कुछ नहीं बदला है लेकिन कभी भी मुनाफावसूली आ सकती है। इसलिए नए निवेश से बचने की जरूरत है। जहां तक सेफ हेवन या सुरक्षित निवेश की बात है तो सोने हमेशा से बेहतर विकल्प रहा है। लंबी अवधि को लक्ष्य रखने वाले निवेशक अभी भी गोल्ड ईटीएफ के माध्मय से पैसा लगा सकते हैं। चांदी में बड़ी अस्थिरता है। इसलिए यहां पर बचने की सलाह है।
अब आगे क्या?
सोने और चांदी में 29 जनवरी की बड़ी गिरावट ने एक बार फिर साबित किया कि कोई भी संपत्ति पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है, खासकर शॉर्ट पीडियर में। जानकारों का कहना है कि भविष्य में, इन दोनों कीमती धातुओं की कीमत और अधिक अस्थिर हो सकती है। इसलिए सावधानी जरूरी है। सोना अभी भी एक 'सेफ हेवन' है, लेकिन यह एक अस्थिर सेफ हेवन बन गया है। इसलिए कोई भी निवेश लंबी अवधि के नजरिये से ही करें।
