Plot vs Flat investment: भारत का रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बड़ा हो रहा है। शहरों के विस्तार और नए-नए एक्सप्रेसवे ने रियल एस्टेट बाजार को मेट्रो सिटी से निकालकर अब छोटे शहरों में भी फलने-फूलने (उन्नति करने) का मौका दे रहा। यह निवेशकों के लिए बड़े मौके बना रहा है। इसके चलते बहुत सारे निवेशक अब रियल एस्टेट में पैसा लगा रहे हैं। पिछले कुछ सालों में रियल एस्टेट ने निवेशकों को तगड़ा रिटर्न भी दिया है। अब सवाल उठता है कि आज के परिप्रेक्ष्य में एक निवेशक को अगर रियल एस्टेट में पैसा लगाना है तो वह प्लॉट में लगाए या फ्लैट में? अगर आप भी रियल एस्टेट में निवेश करने की सोच रहे हैं या पहले से ही निवेशक हैं तो इस सवाल का जवाब जरूर ढूंढ रहे होंगे। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि मौजूदा हालात में क्या करना फायदेमंद और निवेश के लिहाज से सुरिक्षत कौन होगा?
प्लॉट में निवेश के फायदे
रियल एस्टेट एक्सपर्ट का कहना है कि जमीन एक सीमित रिसोर्स है। छोटे से बड़े शहरों में प्लॉट की कीमत पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। इसलिए वे लंबे समय के इन्वेस्टमेंट के लिए आइडियल बन गए हैं। वहीं प्लॉट इन्वेस्टर्स को अपनी पसंद, भविष्य के ट्रेंड या बजट के हिसाब से घर डिजाइन करने और बनाने की सुविधा देते हैं। वहीं, शहरों के का विस्तार, हाईवे और बेहतर होते इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते जमीन की कीमतें और बढ़ेंगी।
फ्लैट में निवेश के फायदे
फ्लैट में निवेश से दो तरह का फायदा होता है। पहला कैपिटल एप्रिसिएशन और दूसरा रेंटल इनकम (किराया)। मेट्रो शहरों में किराया 2%–4% वार्षिक यील्ड दे सकता है। अगर आप निवेश से रेगुलर इनकम चाहते है। तो तो फ्लैट बेहतर विकल्प होता है। प्लॉट के मुकाबले फ्लैट बेचना भी आसान होता है। इसके साथ ही इसमें निवेश के लिए एक मुश्त पूंजी की जरूरत नहीं होती है।
टैक्स की गणना
प्लॉट: प्लॉट खरीदने के लिए लोन मिलना मुश्किल होता है। वहीं फ्लैट खरीदने के लिए आसानी से लोन मिल जाता है। प्लॉट पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलता जब तक कि उस पर निर्माण शुरू न हो जाए और निर्माण पूरा न हो जाए।
फ्लैट: फ्लैट खरीदने के लिए होम लोन आसानी से मिलती है। आप आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत मूलधन (principal) पर ₹1.5 लाख और धारा 24(b) के तहत ब्याज (interest) पर ₹2 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। पहली बार घर खरीदने वालों के लिए धारा 80EE के तहत अतिरिक्त ₹50,000 का लाभ भी उपलब्ध है।
कैपिटल गेन टैक्स की गणना
प्लॉट बेचने पर: अगर आप कोई प्लॉट (जो एक गैर-आवासीय संपत्ति है) बेचते हैं, तो आप सेक्शन 54F के तहत कर छूट प्राप्त कर सकते हैं।
फ्लैट बेचने पर: अगर आप कोई आवासीय फ्लैट बेचते हैं, तो सेक्शन 54 के तहत पूंजीगत लाभ को दूसरे आवासीय घर में निवेश करके कर मुक्त किया जा सकता है।
इंडेक्सेशन का लाभ: दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 20% कर इंडेक्सेशन लाभ के साथ देना या 12.5% कर बिना इंडेक्सेशन के देना, आपके लिए कौन सा फायदेमंद है, इसकी गणना सावधानी से करनी चाहिए।
प्लॉट में रिस्क
- टाइटल क्लियर न होने का खतरा
- भूमि उपयोग (NA, कृषि, रेजिडेंशियल) विवाद
- इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में देरी
- कब्जा/अतिक्रमण का जोखिम
फ्लैट में जोखिम
- बिल्डर द्वारा पजेशन में देरी
- निर्माण गुणवत्ता
- सोसाइटी मेंटेनेंस चार्ज
- किरायेदार न मिलना
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह
दिग्गज रियल एस्टेट एक्सपर्ट और अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव का कहना है कि अगर रेगुलर रेंटल इनकम, टैक्स सेविंग और कम जोखिम चाहते हैं तो फ्लैट में निवेश करें। वहीं अगर आप अगर आप 10–15 साल का नजरिया रखते हैं और रिस्क ले सकते हैं और कम रखरखाव चाहते हैं तो प्लॉट में निवेश करें। हालांकि, किसी में भी निवेश से पहले लोकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और कानूनी दस्तावेज की जांच जरूर करें। उसके बाद ही पैसा निवेश करें।
Real estate Investment
FAQs
1. बेहतर निवेश क्या है: प्लॉट या फ्लैट?
प्लॉट और फ्लैट की तुलना में, प्लॉट आमतौर पर लंबी अवधि में अधिक मूल्य वृद्धि (एप्रिसिएशन) देता है क्योंकि जमीन की कीमत समय के साथ बढ़ती है। वहीं फ्लैट सुविधा, आधुनिक सुविधाओं (एमेनिटीज) और जल्दी रहने की सुविधा प्रदान करता है। सही विकल्प इस बात पर निर्भर करता है कि आप तुरंत रहने की सुविधा चाहते हैं या लंबी अवधि में निवेश वृद्धि।
2. प्लॉट और फ्लैट खरीदने में मुख्य अंतर क्या हैं?
प्लॉट और फ्लैट के बीच चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप नियंत्रण चाहते हैं या सुविधा।
प्लॉट: अपनी पसंद से निर्माण करने की आज़ादी और जमीन पर पूर्ण स्वामित्व।
फ्लैट: तैयार घर, साझा सुविधाएं और कम झंझट।
प्लॉट अधिक लचीलापन देता है, जबकि फ्लैट जल्दी कब्जा और सामुदायिक जीवन का अनुभव प्रदान करता है।
3. लंबी अवधि के रिटर्न के लिए फ्लैट या प्लॉट में कौन बेहतर है?
लंबी अवधि के रिटर्न की बात करें तो प्लॉट अक्सर बेहतर माना जाता है, क्योंकि जमीन की कीमत लगातार बढ़ती है। फ्लैट से नियमित किराया आय हो सकती है, लेकिन समय के साथ भवन का मूल्य घट भी सकता है। इसलिए जो निवेशक केवल पूंजी वृद्धि चाहते हैं, वे आमतौर पर प्लॉट को प्राथमिकता देते हैं।
4. क्या पहली बार घर खरीदने वालों को प्लॉट चुनना चाहिए या फ्लैट?
पहली बार घर खरीदने वालों के लिए फ्लैट अक्सर आसान विकल्प होता है, क्योंकि इसमें बैंक लोन सुविधा, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और जल्दी कब्जा मिल जाता है। प्लॉट उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जो कस्टमाइजेशन चाहते हैं और निर्माण प्रक्रिया संभाल सकते हैं। व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझकर निर्णय लेना चाहिए।
5. फ्लैट बनाम प्लॉट निवेश के फायदे और नुकसान क्या हैं?
फ्लैट के फायदे: सुविधा, सुरक्षा, रेडी-टू-मूव, किराया आय।
फ्लैट के नुकसान: मेंटेनेंस खर्च और समय के साथ भवन का पुराना होना।
प्लॉट के फायदे: डिजाइन की स्वतंत्रता, लंबी अवधि में मजबूत एप्रिसिएशन।
प्लॉट के नुकसान: निर्माण की जिम्मेदारी और तुरंत आय न होना।
दोनों विकल्पों के अपने फायदे हैं। निर्णय आपकी जीवनशैली और निवेश लक्ष्यों पर निर्भर करता है।
