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Explained: किसी अपने के निधन के बाद प्रॉपर्टी, EPF, FD और MF में जमा रकम का दावा कैसे करें? जानिए पूरी प्रक्रिया

किसी अपने के निधन के बाद प्रॉपर्टी, EPF, FD और म्यूचुअल फंड में जमा रकम का दावा करना मुश्किल होता है। इसकी वजह लंबी कागजी प्रक्रिया का होना है। हालांकि, अगर सही जानकारी है तो आसानी से सारे काम को निपटाया जा सकता है और दावे की प्रक्रिया को पूरी की जा सकती है।

निधन के बाद दावे की प्रक्रिया

निधन के बाद दावे की प्रक्रिया

किसी अपने के जाने की कमी कभी पूरी नहीं होती, लेकिन अगर आप उनके उत्तराधिकारी हैं और आपके पास सही जानकारी है तो उनके द्वारा अर्जित संपत्ति और निवेश का दावा करने में परेशानी नहीं आती है। भारत में प्रॉपर्टी, EPF, FD, म्यूचुअल फंड और बैंक लॉकर के लिए दावा करने की अलग-अलग कानून और दस्तावेज प्रक्रियाएं हैं। हम आपको सरल भाषा में बता रहे हैं कि कैसे आप उनकी प्रॉपर्टी, EPF, FD, म्यूचुअल फंड जमा और लॉकर का दावा आसानी से कर सकते हैं।

बैंक खाते और FD में जमा रकम का दावा ऐसे करें

बैंक खातों और FD की बात करें तो, अगर मृतक का ज्वाइंट अकाउंट या नॉमिनी बनाया है तो प्रक्रिया आम तौर पर आसान होती है। नॉमिनी या ज्वाइंट अकाउंट होल्डर मृत्यु प्रमाण पत्र और अपने KYC दस्तावेजों को बैंक में जमा करके धनराशि प्राप्त कर सकता है। समस्या तब उत्पन्न होती है जब इनमें से कोई भी मौजूद न हो। ऐसे मामलों में, बैंक धनराशि तभी जारी करता है जब उत्तराधिकारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या उनके कानूनी अधिकार की पुष्टि करने वाला कोई अन्य न्यायालय आदेश प्रस्तुत करते हैं। कानूनी उत्तराधिकारियों को बैंक में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) या लीगल हीर सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा, जिसके आधार पर बैंक धनराशि जारी करेगा।

प्रॉपर्टी का ट्रांसफर और म्यूटेशन ऐसे करें

प्रॉपर्टी के लिए, उत्तराधिकारियों को म्यूटेशन के लिए आवेदन करना होगा। स्थानीय भूमि या नगरपालिका रिकॉर्ड में स्वामित्व का आधिकारिक हस्तांतरण। इस प्रक्रिया में मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकारियों का केवाईसी, मूल स्वामित्व विलेख और उत्तराधिकार का प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है। म्यूटेशन के बाद ही संपत्ति को कानूनी रूप से हस्तांतरित या बेचा जा सकता है।

बैंक लॉकर का दावा ऐसे करें

बैंक लॉकर तक पहुंचना भी जटिल होता है। उत्तराधिकारियों को मृत्यु प्रमाण पत्र, केवाईसी और दावा प्रपत्र जमा करना होता। अगर मृतक ने वसीयत और न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रबंधक छोड़ा है, तो बैंक न्यायालय के निर्देशानुसार कार्य करेगा। जहां वसीयत नहीं है, वहां बैंक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र पर जोर दे सकता है। अगर लॉकर की चाबियां गायब हैं, तो बैंक गवाहों की उपस्थिति में लॉकर तोड़कर, उसमें रखी चीजो का रिकॉर्ड रखते हैं और बकाया राशि का भुगतान करने के बाद उसे सही दावेदार को सौंप देते हैं।

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा रकम का दावा ऐसे करें

किसी सदस्य की मृत्यु के बाद EPF खातों का प्रबंधन करने के लिए शेष राशि को समेकित करना और UMANG ऐप के माध्यम से या सीधे EPF कार्यालय में दावा दायर करना शामिल है। नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (EDLI) योजना के तहत भविष्य निधि शेष, पेंशन और बीमा लाभों का दावा कर सकते हैं। हालांकि, पुराने EPF खातों का पता लगाना खासकर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की शुरुआत से पहले बनाए गए खातों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रोजगार विवरण गुम होने या PF खाते लिंक न होने से अक्सर निपटान में देरी होती है, इसलिए परिवारों को सलाह दी जाती है कि वे दावों को आसान बनाने के लिए विस्तृत रोजगार रिकॉर्ड और UAN विवरण बनाए रखें।

दावा प्रक्रिया: मृतक का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होना जरूरी है। नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी EPF की ऑफिशियल वेबसाइट या UMANG ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दावा दायर कर सकते हैं।

लाभ: दावे में प्रोविडेंट फंड की शेष राशि, पेंशन और EDLI (एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस) के तहत बीमा लाभ शामिल होते हैं। ध्यान रहे, पुराने EPF खातों का पता लगाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए UAN और रोजगार रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

म्यूचुअल फंड में जमा रकम का दावा ऐसे करें

म्यूचुअल फंड हस्तांतरण भी इसी सिद्धांत का पालन करता है। नॉमिनी व्यक्ति यूनिटों के बेचने या हस्तांतरण के लिए फंड हाउस को दावा फॉर्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कर सकता है। हालांकि, जब कोई नामित व्यक्ति मौजूद नहीं होता है, तो अतिरिक्त दस्तावेजो की आवश्यकता होती है। वसीयत न होने पर, संपत्ति का वितरण हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम या भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम जैसे व्यक्तिगत कानूनों के अनुसार होता है।

प्रक्रिया शुरू करने से पहले कर लें ये काम

  1. मृत्यु प्रमाण पत्र: इसकी पर्याप्त प्रमाणित प्रतियां बनवा लें, क्योंकि यह हर जगह जरूरी है।
  2. नॉमिनी का रिकॉर्ड: सभी वित्तीय खातों और निवेशों में नॉमिनी का विवरण दर्ज और अपडेट करके रखें।
  3. विल (वसीयत): एक कानूनी रूप से वैध विल (Will) बनवाना सभी वित्तीय और कानूनी जटिलताओं से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

इन स्टेप्स और तैयारियों के बारे में जागरूक होकर आप मुश्किल समय में भी आवश्यक वित्तीय और कानूनी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से पूरा कर सकते हैं।

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आलोक कुमार
आलोक कुमार Author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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