कर्मचारियों के लिए EPFO की नई सौगात
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एंप्लॉयमेंट एनरोलमेंट स्कीम लॉन्च की है। ईपीएफओ की इस स्कीम का मकसद, उन कर्मचारियों को PF अकाउंट खोलना है, जो अब तक किसी कारण से जुड़ नहीं पाए थे। साथ ही कंपनियों को भी प्रोत्साहित करना है कि वे उन कर्मचारियों का पीएफ अकाउंट खोलें जो अभी तक छूटे हुए हैं। इस नइ्र स्कीम की घोषणा करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री माननीय मनसुख मांडविया ने कहा कि EPFO सिर्फ एक फंड नहीं, बल्कि भारत के श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा पर भरोसे का प्रतीक है। आइए जानते हैं कि EPFO का एंप्लॉयमेंट एनरोलमेंट स्कीम से देशभर के लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा? साथ ही किस तरह यह स्कीम कर्मचारियों को एक सुरक्षित भविष्य देने का काम करेगा।
ईपीएफओ की एंप्लॉयमेंट एनरोलमेंट स्कीम का मकसद वैसे कर्मचारियों को पीएफ अकाउंट खोलना हैं जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच ईपीएफ में शामिल नहीं किए गए थे। इस स्कीम का फायदा उठाकर अब कंपनियां स्वेच्छा से उन सभी कर्मचारियों को ईपीएफओ में शामिल कर सकती है। इस तरह नियोक्ता (कंपनियां) अपनी पुरानी गलती सुधार सकेंगी और लाखों कर्मचारियों को ईपीएफ का फायदा मिल सकेगा। यह योजना 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक यानी 6 महीने के लिए खुली रहेगी। कंपनियां इस दौरान ईपीएफओ पोर्टल के जरिए अपने उन कर्मचारियों को जोड़ सकती हैं जिन्हें पहले शामिल नहीं किया गया था।
सरकार के इस पहल से देशभर के कंपनियों और फैक्ट्री में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। अभी तो बहुत सारे श्रमिक और कर्मचारी पीएफ से नहीं जुड़े हैं, वे अब जुड़ पाएंगे। इससे कर्मचारी अपने बेहतर भविष्य के लिए एक फंड जमा कर पाएंगे। आपको बता दें कि एंप्लॉयमेंट एनरोलमेंट स्कीम 2025 उन कर्मचारियों पर लागू होगी जो नियोक्ता द्वारा घोषणा की नियत तिथि तक जीवित और कार्यरत हैं। श्रम मंत्रालय ने कहा कि ईपीएफओ की यह स्कीम अधिक कर्मचारियों को औपचारिक कार्यबल (formal workforce) के अंतर्गत लाएगी और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देगी। जानकारों का कहना है कि देश के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, अधिक कर्मचारियों को शामिल करने के लिए PF वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने की तैयारी भी चल रही है।
कब तक खुली रहेगी योजना: यह स्कीम 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक यानी 6 महीने तक लागू रहेगी।
नियोक्ताओं को क्या करना होगा: कंपनियां अपने कर्मचारियों को ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से नामांकित करेंगी। कर्मचारियों का हिस्सा (जो वेतन से कटता है) माफ किया गया है। नियोक्ता को सिर्फ अपना हिस्सा, ब्याज, प्रशासनिक शुल्क और ₹100 का छोटा जुर्माना देना होगा।
कौन पात्र है: सभी प्रतिष्ठान, चाहे वे पहले से ईपीएफ में रजिस्टर्ड हों या नहीं। वे कंपनियां भी इस योजना का फायदा उठा सकती हैं जिन पर ईपीएफ से जुड़ी कोई जांच चल रही है।
क्या फायदा होगा: कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा (EPF, EPS, और EDLIS) का लाभ मिलेगा। कंपनियों को पुरानी गलतियां सुधारने और अनुपालन आसान बनाने का मौका मिलेगा। इससे देश में औपचारिक कार्यबल (formal workforce) बढ़ेगा।
योजना का उद्देश्य: सबके लिए सामाजिक सुरक्षा (Social Security for All)” के लक्ष्य को आगे बढ़ाना। कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचाना। पारदर्शिता और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, 1 नवंबर 2025 से लागू हुई इस योजना के तहत, अगर श्रमिकों या कर्मचारियों की पहले कटौती नहीं की गई है, तो नियोक्ताओं को कर्मचारी के हिस्से का अंशदान वापस करने की आवश्यकता नहीं होगी, और केवल ₹100 का नाममात्र जुर्माना देना होाग। श्रम मंत्रालय ने पहले कहा था कि कर्मचारी नामांकन योजना 2025, कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के दायरे में आती है। यह ₹100 का जुर्माना तीनों ईपीएफ योजनाओं पर एक साथ लागू होगा, और इसे ही पूरा अनुपालन माना जाएगा।
यह स्कीम उन कंपनियों के लिए भी खुली है जिनके खिलाफ ईपीएफ से जुड़ी कोई जांच चल रही है— उन्हें भी सिर्फ ₹100 तक का ही जुर्माना देना होगा और ईपीएफओ की तरफ से कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरल शब्दों में, यह योजना कंपनियों को अपनी पुरानी गलती सुधारने और कर्मचारियों को ईपीएफ सुरक्षा से जोड़ने का मौका देती है। इससे न सिर्फ कर्मचारियों को फायदा होगा बल्कि देश में “हर कर्मचारी के लिए सामाजिक सुरक्षा” के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।