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Anil Ambani पर ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली, नोएडा, मुंबई समेत कई शहरों में 3,000 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी जब्त की

देश के जानेमाने उद्योगपति अनिल अंबानी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने अनिल अंबानी की करीब 3000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी जब्त की है। आपको बता दें कि ईडी ने अगस्त में अनिल अंबानी से पूछताछ की थी।

अनिल अंबानी

अनिल अंबानी (PTI)

Anil Ambaniपर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एजेंसी ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की ग्रुप कंपनियों से जुड़ी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी जब्त की हैं। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA ) के तहत संपत्तियों को कुर्क करने के लिए चार अनंतिम आदेश जारी किए हैं। इन संपत्तियों में 66 वर्षीय अंबानी का मुंबई के पाली हिल स्थित में घर और उनके समूह की कंपनियों की अन्य आवासीय एवं वाणिज्यिक संपत्तियां शामिल हैं। दिल्ली में महाराजा रणजीत सिंह मार्ग पर रिलायंस सेंटर का एक भूखंड और राष्ट्रीय राजधानी, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई और पूर्वी गोदावरी में कई अन्य संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं। सूत्रों के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 3,084 करोड़ रुपये है।

इस मामले में ईडी ने की कार्रवाई

यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन की कथित हेराफेरी और धनशोधन से संबंधित है। यस बैंक ने 2017 से 2019 के दौरान आरएचएफएल में 2,965 करोड़ रुपये और आरसीएफएल में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया। ईडी के अनुसार, दिसंबर 2019 तक ये निवेश NPA निवेश में बदल गए, जिसमें आरएचएफएल पर 1,353.50 करोड़ रुपये और आरसीएफएल पर 1,984 करोड़ रुपये बकाया थे।

अगस्त में अनिल अंबानी से की गई थी पूछताछ

अंबानी के खिलाफ कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर सहित समूह की कई कंपनियों द्वारा 17,000 करोड़ रुपये से अधिक के सामूहिक ऋण को निर्धारित मद के बजाय किसी और जगह खर्च करने से संबंधित है। ईडी ने इस मामले में अगस्त में उद्योगपति से पूछताछ की थी। यह पूछताछ 24 जुलाई को मुंबई में एजेंसी द्वारा 50 कंपनियों और उनके व्यावसायिक समूह के अधिकारियों समेत 25 लोगों के 35 परिसरों की तलाशी के बाद की गई थी। निदेशालय का यह धनशोधन मामला केंद्रीय अन्वेषण (सीबीआई) ब्यूरो की एक प्राथमिकी से संबंधित है।

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आलोक कुमार
आलोक कुमार Author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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