Budget Expectations for Salaried Class: सरकार बढ़ा सकती है टैक्स बचत की सीमा! सैलेराइड क्लास की ये हैं उम्मीदे

Budget 2020 Expectations for Salaried Class: आम बजट 2020 जल्द ही पेश होगा। इस बजट से मध्यमवर्गी और सैलेराइड क्लास को कई उम्मीदें, जिन्हें सरकार एक लाख रुपये तक की राहत दे सकती है।

Budget 2020 Expectations
Budget 2020 Expectations: बजट 2020 में मिल सकती है राहत  |  तस्वीर साभार: BCCL
मुख्य बातें
  • अभी सेक्शन 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये का टैक्स छूट मिलती है।
  • इस बजट में सरकार सेक्सन 80 सी के तहत टैक्स छूट को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये तक कर सकती है।
  • सरकार एनएससी, पीपीएस के जरिए टैक्स छूट प्रदान कर सकती है।

नई दिल्ली: मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पहली फरवरी को पेश करेगी। आम बजट से देश के सभी वर्ग की कोई ना कोई अपेक्षा होती है। मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी अपेक्षा टैक्स में छूट होती है। सैलेराइड क्लास के लिए यह सबसे खास होता है। मोदी सरकार इस बजट में करदाताओं को राहत प्रदान कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त मंत्रालय इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाली राहत को बढ़ा सकती है। मंत्रालय सेक्शन 80सी के तहत 2.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का ऐलान कर सकती है। 

सैलेराइड क्लास को इस तरह से मिल सकती है छूट

रिपोर्ट में बताया गया है कि मंत्रालय सेक्शन 80सी के तहत अगल से छूट दे सकती है। यह छूट नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी में 50 हजार रुपये तक के निवेश के लिए हो सकती है। इसके अतिरिक्त पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) में निवेश की अधिकतम सीमा को बढ़ाया जा सकता है। इसे 2.5 लाख रुपये सलाना तक किया जा सकता है। 

रिपोर्ट में इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति के हवाले से बताया गया है कि छोटी बचत योजना पर टैक्स छूट देने का एक प्रपोजल वित्त मंत्रालय में आया है। यदि इस पर आगे काम होगा तो इसे बजट 2020 में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि निवेश रकम बढ़ाने से बचत करने वाले लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा। 

क्या हैं उम्मीदें- टैक्स स्लैब में वृद्धि करें, खासकर की 30% स्लैब को

बैंक बाजार से सीईओ आदिल शेट्टी ने बताया, 'व्यक्तिगत आयकर दरों में कटौती वेतनभोगियों के सबसे लोकप्रिय मांगों में से एक है। सरकार मूल छूट सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती है। इसके अलावा, 30% स्लैब पर विचार करना चाहिए। यह 2012-13 से 10 लाख रुपये पर अटका है। बड़े शहरों के बढ़ते खर्चों से निपटने के लिए माध्यम वर्ग के लोगों को भी कर पे ज़्यादा छूट मिलनी चाहिए। इसलिए 30% स्लैब को बढ़ा कर 10 लाख के बजाय 20 लाख की आय पर लगाना चाहिए।'

अभी इतनी मिलती है छूट

फिलहाल, सेक्शन 80सी के तहत निवेश करने पर 1.5 लाख रुपये तक की छूटी की सीमा है। इसमें पीपीएस और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के तहत निवेश, नेशनल पेंशन सिस्टम में 50 हजार रुपये तक के निवेश पर अलग अलग छूट दी जाती है। 

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