Yes Bank की ग्राहकों को 'हां' शुरु हुआ कामकाज,परेशान ग्राहकों के चेहरे खिले,5 मार्च को बैंक पर लगी थी रोक

बिजनेस
रवि वैश्य
Updated Mar 18, 2020 | 21:40 IST

येस बैंक पर लगा मोराटोरियम बुधवार 18 मार्च 2020 शाम छह बजे खत्म हो गया और बैंक का पूरा कामकाज सामान्य हो गया है इसे लेकर बैंक के परेशान कस्टमर्स ने खुशी जताई है। 

yes bank crisis
रिजर्व बैंक ने 5 मार्च को संकट में फंसे येस बैंक पर रोक लगाई थी 

नई दिल्ली: येस बैंक ने बुधवार को कहा कि उसका कामकाज पहले की तरह शुरू हो गया है और ग्राहकों के लिये उसकी सभी सेवाएं फिर से शुरू कर दी गयी हैं। येस बैंक पर लगा मोराटोरियम खत्म होते ही येस बैंक के ग्राहकों के लिए कैश निकालने पर लगी लिमिट भी खत्म हो गई है। येस बैंक नामित सीईओ प्रशांत कुमार ने कहा है कि नकदी के मोर्चे पर वास्तव में कोई समस्या नहीं है।

रिजर्व बैंक ने 5 मार्च को संकट में फंसे येस बैंक पर रोक लगाई थी। इसमें प्रति खाताधारक 50,000 रुपए की निकासी सीमा शामिल है। कुमार ने कहा था कि हमने पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए हैं। हमारे सभी एटीएम नकदी से भरे हैं। इसीलिए येस बैंक की तरफ से नकदी के मोर्चे पर कोई समस्या नहीं है।

येस बैंक ने ट्विटर पर लिखा है, 'हमारी बैंक सेवाएं फिर से परिचालन में आ गयी हैं। आप हमारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। सहयोग और धैर्य के लिये धन्यवाद।'

उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने पांच मार्च को बैंक पर पाबंदी लगा दी थी। इसके तहत ग्राहकों को तीन अप्रैल तक अपने खाते से 50,000 रुपये तक निकालने की छूट दी गयी थी। सरकार ने पिछले सप्ताह पुनर्गठन योजना को अधिसूचित किया।

संकट में YES BANK को SBI से मिली थी प्राणवायु
भारतीय स्टेट बैंक को संकट-ग्रसित येस बैंक में 7,250 करोड़ रुपये लगाने की मंजूरी मिल गयी थी। एसबीआई ने बीएसई को बताया था कि केंद्रीय बोर्ड की कार्यकारी समिति की 11 मार्च को हुई बैठक में 10 रुपये प्रति शेयर की दर से येस बैंक के 725 करोड़ शेयर खरीदने को मंजूरी दी गयी। 

इस सौदे के बाद येस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी उसकी कुल भुगता पूंजी के 49 प्रतिशत से ऊपर नहीं जाएगी। रिजर्व बैंक ने येस बैंक की पुनर्संरचना को लेकर पिछले सप्ताह एक योजना के मसौदे की घोषणा की थी। 

मसौदे में कहा गया था कि रणनीतिक निवेशक को यस बैंक की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदनी होगी। इसके साथ ही यह भी शर्त है कि रणनीतिक निवेशक सौदे के तीन साल बाद तक अपनी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से कम नहीं कर सकते हैं।  रिजर्व बैंक ने येस बैंक का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के एक दिन बाद इस योजना की घोषणा की थी।

'बैंक के ग्राहक जमा राशि को लेकर ना करें कोई चिंता'
प्रशांत कुमार ने कहा कि उन्होंने जमाकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उन्हें अपनी जमा राशि को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि रोक हटने के बाद बैंक के सभी ग्राहक बैंक की पूरी सुविधाएं का लाभ उठा सकेंगे। कुमार के अनुसार बैंक के केवल एक तिहाई ग्राहकों ने ही अपने खातों से 50,000-50,000 रुपए तक की निकासी की। 

एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि स्टेट बैंक के पास येस बैंक के जो भी शेयर हैं, उसमें से तीन साल की अवधि से पहले एक भी शेयर नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय स्टेट बैंक दूसरे दौर के पूंजी समर्थन में येस बैंक में अपनी हिस्सेदारी को 42% से बढ़ाकर 49% करेगा।

हालांकि इस बारे में कोई ठोस बात नहीं कहा कि बैंक जमाकर्ताओं के बचत खाते पर 6% की दर से ब्याज मिलता रहेगा या नहीं। न ही उन्होंने केपीएमजी से संबद्ध मौजूदा आडिटर बीएसआर एंड कंपनी को हटाए जाने के बारे में भी कुछ कहा। 

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