इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय इन बड़ी बातों का ध्यान रखें

बिजनेस
Updated Jul 30, 2019 | 13:49 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

अगर आप लाइफ इंश्योरेंस खरीदने जा रहे हैं तो आपके मन में कई तरह के सवाल होंगे। यहां एक्सपर्ट इंश्योरेंस खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इस पर सलाह दे रहे हैं।

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जीवन बीमा आपके लिए बहुत जरूरी है। 

भारत में लोगों को लाइफ इंश्योरेंस के लिए आवेदन करना एक मुश्किल काम लग सकता है। उन्हें ऐसा करते वक्त कुछ अजीबोगरीब महसूस होता है। कुछ ऐसा कि जैसे इस बारे में सोचना ही नहीं चाहते। लेकिन कड़वा सच तो यही है कि लाइफ इंश्योरेंस उन चीजों में से एक है जिसे 10 मिनट देरी से खरीदने की बजाय 10 साल पहले खरीदना ही अच्छा होता है।

कभी-कभी लोग पूरी तरह से यह समझ नहीं पाते हैं कि लाइफ इंश्योरेंस महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्हें यह भी पता नहीं होता कि अपने जीवित रहते हुए ही आर्थिक योजना बनानी चाहिए ताकि बाद में परिवार पर कोई मुसीबत ना आए। इस स्थिति के लिए शायद लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ी जटिलताएं ज़िम्मेदार हो सकती हैं जिनमें कई सारे नियम-कानून और कठिन शब्दों की भरमार होती है।

हालांकि, अगर इस बारे में सही जानकारी और तथ्य जुटाए जाएं, तो इस बारे में फैसला करना भी आसान हो जाएगा। लाइफ इंश्योरेंस को एक मुश्किल पहेली नहीं होना चाहिए। यहां आपको लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ी हर सामान्य एवं ज़रूरी बातें बताई जा रही हैं। 

अगर कोई आपके ऊपर आर्थिक रूप से निर्भर है, तो आपको लाइफ इंश्योरेंस की ज़रूरत है। ऐसी कई सारी परिस्थितियां हो सकती हैं जो लाइफ इंश्योरेंस खरीदने पर ज़ोर देती हैं, लेकिन लाइफ इंश्योरेंस खरीदने के लिए आपको एक बेहद सामान्य सवाल का जवाब देखना होगाः क्या आपका परिवार जीवनयापन के लिए आपकी आमदनी पर निर्भर है? अगर आपका जीवनसाथी या बच्चे आपके ऊपर निर्भर हैं तो लाइफ इंश्योरेंस खरीदना आपकी ज़िम्मेदारी बनती है।

लाइफ इंश्योरेंस आपकी मृत्यु के बाद आपके परिवार को नगद राशि का भुगतान करता है। इसमें मिलने वाला मृत्यु लाभ आपकी आमदनी का विकल्प बनता है और आपके परिवार को वर्तमान जीवनशैली को आगे बरकरार रखने में मदद करता है। इसके अलावा सबसे बड़ा फायदा यह है कि लाइफ इंश्योरेंस से पॉलिसीधारक को जीवनभर मन का सुकून मिलता है।

इंश्योरेंस महंगा नहीं होता है
अधिकतर लोग लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को इतना महंगा मान लेते हैं कि इसे खरीदने के बारे में सोचते ही नहीं। लेकिन असलियत में यह सबसे बड़ी गलतफहमियों में से एक है। लंबी अवधि के हिसाब से सोचें तो यह बिल्कुल महंगा नहीं है। इसके उलट, अगर लाइफ इंश्योरेंस नहीं लेंगे तो आपको अधिक महंगा पड़ सकता है।\

इनमें टर्म प्लान सबसे सरल प्रोटेक्शन प्लान है जो आपके द्वारा चुकाए जाने वाले प्रीमियम के बदले अच्छा लाभ देता है। यह आपके परिवार के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित बनाता है और आपकी गैर-मौजूदगी में उन्हें अपनी रोजमर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करता है।

लाइफ इंश्योरेंस का खर्च विभिन्न पहलूओं पर निर्भर करता है। आप कौन सी पॉलिसी लेते हैं, इस पर भी इंश्योरेंस की कीमत तय होती है। आम कीमतों की बात करें तो एक अच्छी सेहत वाला 30 वर्षीय पुरुष 30 साल की अवधि के लिए 1 करोड़ रुपये का टर्म लाइफ इंश्योरेंस सिर्फ रु. 800-1200 प्रति माह पर आराम से खरीद सकता है। यह कीमत आम लोगों की सोच से काफी कम है। 

लेकिन इंश्योरेंस पॉलिसी का वास्तविक खर्च आपकी उम्र, स्वास्थ्य और बीमा राशि पर निर्भर करेगा। पॉलिसी के साथ मिलने वाला लाइफ कवर इसके लिए चुकाए जाने वाले प्रीमियम का कम से कम 10 गुना होता है।

मेडिकल जांच
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले मेडिकल जांच कराना ज़रूरी होता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इंश्योरेंस कंपनी आपकी पॉलिसी पर भुगतान किये जाने वाले मृत्यु लाभ के जोखिम का आकलन करना चाहती है। इस जांच के दौरान आपसे कुछ निजी सवाल पूछे जाएंगे, जैसे आपकी लंबाई, वजन और आपकी मेडिकल हिस्ट्री। 

इसके बाद ब्लड टेस्ट जैसे कुछ और जांच की जाएंगी। इस बारे में एक सामान्य नियम यह है कि आपकी उम्र जितनी कम और स्वास्थ्य जितना अच्छा होगा लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए प्रीमियम राशि उतनी ही कम होगी।

इसलिए क्योंकि आपकी जल्दी मृत्यु होने की संभावना कम होगी। हालांकि, कुछ ऐसे भी मामले हो सकते हैं जहां कोई व्यक्ति निजी कारणों से मेडिकल जांच कराना नहीं चाहता। इस मुश्किल को दूर करने के लिए टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियां टेली मेडिकल और नॉन-मेडिकल जैसे विकल्प पेश करती हैं।

लाइफ इंश्योरेंस के भुगतान
लाइफ इंश्योरेंस से मिलने वाले मृत्यु लाभ का भुगतान पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद पॉलिसी के लाभार्थियों को दिया जाता है। इसके लिए लाभार्थियों को इंश्योरेंस कंपनी के पास पॉलिसीधारक के मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ एक डेथ क्लेम यानि मृत्यु दावा दर्ज कराना होगा। इसके आधार पर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम की समीक्षा करेगी और भुगतान राशि जारी करेगी। 

लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां आमतौर पर आपके लाभार्थियों को जल्दी भुगतान कर देती हैं। कई बार यह भुगतान कुछ सप्ताह में या फिर एक महीने के अंदर हो जाता है और यह राशि लाभार्थियों के लिए टैक्स मुक्त आमदनी मानी जाती है।

हम सब लोग एक ऐसे दौर में हैं जहां हम ‘मृत्यु लाभ’ की बजाय ‘जीवित लाभों’ को अधिक महत्व देते हैं। अपने लाइफ इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट में विभिन्न राइडर जोड़ने से ना सिर्फ आपकी गैरमौजूदगी में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी बल्कि पॉलिसीधारक को भी जीवित होने पर लाभ मिलेंगे। 

पॉलिसीधारक के किसी गंभीर बीमारी अथवा अपंगता का शिकार हो जाने की स्थिति में पैसों की ज़रूरत पड़ने पर इंश्योरेंस कंपनी आपके जीवनकाल में ही लाभ प्रदान करती है या फिर लंबी-अवधि तक देखभाल के लिए भुगतान देती है। लाइफ इंश्योरेंस के बारे में सबसे ज़रूरी बात यह है कि यह आपके सबसे करीबी प्रियजनों की मदद करती है। 
(अक्षय वैद्य, हेड टर्म लाइफ इंश्योरेंस, पॉलिसी बाजार डॉट कॉम)

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